हाईकोर्ट से ACB प्रमुख को राहत…हाईकोर्ट ने कहा लोकआयोग को पावर नहीं..खुद कर सकता है जांच

high_court_visualबिलासपुर—हाईकोर्ट ने एन्टी करप्शन ब्यूरो प्रमुख मुकेश गुप्ता की संपत्ति जांच पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने बताया कि लोक आयोग राज्य के किसी भी अधिकारी की संपत्ति की जांच कर सकती है। उसे सीबीआई या भारत सरकार को सिफारिश नहीं करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि ऐसा करने का लोकआयोग के पास अधिकार भी नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि लोकआयोग को सीबीआई को आदेश देने का अधिकार भी नहीं है।

                                   मालूम हो कि लोक आयोग ने  सीबीआई और भारत सरकार को छत्तीसगढ़ के एसीबी प्रमुख के आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच की सिफारिश की है। मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। बताया जा रहा है कि लोक आयोग और एसीबी के बीच मामला 36 का है।

       जानकारी के अनुसार लोक आयोग ने एसीबी प्रमुख मुकेश गुप्ता से नौकरी और नौकरी पाने के बाद संपत्ति का व्यौरा मांगा था। लोक आयोग मुकेश गुप्ता के परिजन माता पिता भाई बहन की भी संपत्ती की जानकारी मांगी थी। इसके परिवार से निकटता रखने वालों का भी आय व्यय देने को कहा।

              मामले में लोक आयोगन ने सीबीआई को जांच के लिए लिखा। एसीबी प्रमुख मुकेश गुप्ता ने लोक आयोग के पत्र व्यवहार को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उन्होने कहा कि लोक आयोग को सीबीआई से जांच कराने के लिए आदेश देने का अधिकार नहीं है। मुकेश गुप्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि लोक आयोग सक्षम जांच एजेंसी है। आयोग मुकेश गुप्ता की संपत्ति की जांच कर सकता है। लेकिन आयोग ने जो भी जानकारी मांगी है, उसे देना संभव नहीं है।

            मुकेश गुप्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि मुकेश गुप्ता अपनी छह बड़ी बहनों, स्वर्गीय दादा की संपत्ति की जानकारी कैसे दे सकते हैं। कैसे पूछने जाएंगे कि कितनी संपत्ति है। यदि आयोग को संदेह है , जांच कर सकता है। लेकिन लोक आयोग के पास यह अधिकार नहीं है कि वह भारत सरकार और सीबीआई को पत्र लिखकर जांच करने को कहे।

                         मालूम हो कि आय से अधिक संपत्ती मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच पर स्टे दिया था। बावजूद इसके आयोग ने भारत सरकार को जांच के लिए पत्र लिखा।

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