8 घंटे बाद बंधक नर्सों को आजादी….ताला तोड़कर पुलिस ने कराया आजाद…नर्सिंग कालेज के खिलाफ कार्रवाई

बिलासपुर— नर्सिंग कालेज ट्रेनी नर्सों को प्रबंधक ने करीब 8 घंटे बंधक बनाकर रखा। जानकारी मिलने के बाद पुलिस कप्तान मयंक श्रीवास्तव के निर्देश और सिविल लाइन पुलिस कार्रवाई के बाद सभी 37 छात्र छात्राओं को आजाद कराया गया। सभी छात्र छात्राएं बिलासा नर्सिंंग कालेज प्रायोगिक परीक्षा देने गयी थीं। इसी दौरान प्रयोगशाला में वेइंग मशीन टूटने के बाद सभी छात्र छात्राओं को बंधक बनाया गया।सिटी कोतवाली सीएसपी आईपीएस शलभ सिन्हा ने बताया कि पुलिस को मिशन अस्पताल स्थित बिलासा नर्सिंग कालेज की ट्रेनी नर्सों को बंधक बनाकर रखने की जानकारी मिली। जानकारी मिलते सिविल थाना प्रभारी नसर सिद्धिकी की अगुवाई में 37 नर्सों को बंद कमरे से आजाद कराया गया। शलभ सिन्हा के अनुसार बिलासा नर्सिंग कालेज प्रबंधन ने 37 बच्चों को मशीन के टूटने के बाद भरपाई के लिए बतौर सजा कमरे में बंद कर ताला जड़ दिया था। जानकारी मिलने के बाद सभी 37 नर्सों को करीब आठ बजे छुड़ा लिया गया है।
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थाना प्रभारी नसर सिद्धिकी ने बताया कि ताला के अन्दर 37 प्रशिक्षु नर्सेों को बंधक बनाकर रखा गया। मामले की जानकारी पुलिस को करीब 6 बजे मिली। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर बिलासा नर्सिंग कालेज प्रबंधन को घंटो और कई बार फोन लगया गया। प्रबंधन ने दो एक बार तो फोन उठाया…बाद में जवाब देना बंद कर दिया। अंत में करीब 8 बजे प्रशानिक अधिकारियों की मौजूदगी में कमरे का ताला तोड़ा गया। कमरे में बंंद 34 छात्रा और 3 छात्रों को आजाद कराया गया है।



मौके पर पहुंचे प्रशानिक अधिकारी
प्रसिक्षु नर्सों को बंधक बनाने की जानकारी के मिलते ही कलेक्टर दयानन्द पी.के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम आलोक पाण्डेय के अलावा मौके पर अतिरिक्त तहसीलदार भी दिखाई दिए। इस दौरान सभी प्रशासनिक अधिकारियों ने एक-एक गतिविधियों पर नजर बनाकर रखा। अतिरिक्त तहसीलदार नारायण गभेल ने बताया कि बंधक बनाए गए ट्रेनी नर्सों का पुलिस बयान लिया गया है। लोगों के स्वास्थ्य की भी जानकारी ली जा रही है। प्रशासन स्तर पर बंधक बनाए गए लोगों को हर संभव मदद किया जाएगा।




क्यों बनाया बंधक
पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार सभी 37 ट्रेनी नर्स बिलासा नर्सिंग कालेज के ही हैं। प्रायोगिक परीक्षा में शामिल होने 34 छात्राएं और 3 छात्र दोपहर करीब 12 से एक बजे के बीच कालेज आए थे। प्रयोग के दौरान प्रयोगशाला में किसी छात्र की लापरवाही से वेइग मशीन गिरकर टूट गया। मामले की जानकारी प्रबंधन को मिली। प्रबंधन ने सभी छात्रों को वेइंग मशीन का भुगतान करने को कहा। रूपया नहीं देने पर नर्सों को एक कमरे में बंंद कर ताला लगा दिया गया।जानकारी के अनुसार प्रबंधन ने सभी को चंदा इकठ्ठा कर रूपये देने को कहा। इस दौरान ज्यादातर बच्चों के पास रूपए भी नहीं थे। बाद में भुगतान किए जाने की मांग को प्रबंधन ने एक सिरे से नकार दिया। इसके बाद सभी को करीब 1 बजे कालेज के कमरे में बंद कर ताला जड़ दिया गया।

जानकारी मिलते ही पहुंची पुलिस
किसी तरह मामले की जानकारी मीडिया और पुलिस तक पहुंची। कलेक्टर और एसपी के आदेश के बाद बिलासा नर्सिंग कालेज पहुंचकर पुलिस और अधिकारियों ने प्रबंधन से बातचीत का प्रयास किया। सहयोग नहीं मिलते पर थाना प्रभारी सिविल लाइन के निर्देश में बंद कमरे का ताला तोड़ा गया। सभी नर्सों को आजाद कराया गया। खबर लिखे जाने तक पुलिस कार्रवाई चल रही थी।

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