नियमितीकरण-अनुज्ञा जारी करने मे देरी:मंत्री अमर ने जताई नाराजगी,एक महीने की दी मोहलत

nikay-meeting-index_decरायपुर।नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अमर अग्रवाल ने मंगलवार को नवीन विश्राम गृह में अधिकारियों की बैठक लेकर राज्य के नगर निगमों और नगरपालिकाओं में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की।मंत्री अमर ने बैठक में शहरों के मध्य सड़कों के किनारे लगाने वाले ठेलों और अन्य स्ट्रीट वेण्डरों के व्यवस्थापन प्राथमिकता के साथ करने को कहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी दुकानवालों का सर्वेक्षण करके उन्हें पहचान पत्र दिए जाएं और मार्च महीने तक उन सभी का समुचित स्थल पर व्यवस्थापन किए जाएं। मंत्री ने रायगढ़ नगर निगम में हुई अवैध नियुक्तियों को निरस्त करने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि है कि निगम में चतुर्थ श्रेणी के लगभग 50 पदों पर अवैध तरीके से नियुक्ति किए जाने की पुष्टि हुई है। नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक निरंजन दास सहित संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी और नगर निगमों के आयुक्त और नगरपालिकाओं के मुख्य नगरपालिका अधिकारी इस अवसर पर मौजूद थे।
cfa_index_1_jpgनगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पहले सत्र में नगर निगमों और दूसरे सत्र में नगरपालिकाओं के काम-काज की समीक्षा की गई। मंत्री ने एजेण्डा के अनुरूप चर्चा करते हुए भवनों के नियमितीकरण और अनुज्ञा जारी करने में हो रहे विलंब पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि एक महीने के भीतर यह कार्य पूर्ण हो जाने चाहिए। श्री अग्रवाल ने कहा कि नगरीय निकायों में राजस्व के स्रोत बढ़ाने सहित वित्तीय रख-रखाव में मदद के लिए चार्टर्ड एकाउण्टेण्टों का सहयोग लिया जा रहा है। हाउसिंग फार ऑल योजना के अंतर्गत चिरमिरी निगम में काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग द्वारा डायवर्सन में विलंब हेाने की जानकारी मिलने पर वहां के कलेक्टर को टीएल बैठक में ये प्रकरण रखकर समय-सीमा में  निराकरण करने को कहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य आवास निर्माण कार्यों में नियुक्त किए गए आर्किटेक्ट का भरपूर सहयोग लेने को कहा है। उन्होंने कहा कि निकाय के काम को हल्का करने के लिए इनकी नियुक्तियां की गई है। यदि उनके द्वारा आगे बढ़कर सहयोग नहीं किए गए तो उनकी सेवा आगे बढ़ाने पर पुनविर्चार किया जाएगा। विशेषकर निगम भिलाई में उनके द्वारा सौंपे गए काम को ठीक से संपादित नहीं करने की सूचना मिली है।

निकाय मंत्री ने नगर निगमों और पालिकाओं में आधारभूत कार्याें के लिए स्वीकृति 5 जनवरी तक अनिवार्य रूप से जारी करने के निर्देेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास शहरी विकास के लिए बजट की कमी नहीं है। नियमों के अनुरूप प्रस्ताव समय-सीमा में दिए जाने चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों के भुगतान में कुछ निगमों और पालिकाओं में विलम्ब पर नाराजगी जाहिर की और आइंदा इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने देने की सख्त हिदायत दी।उन्होने स्वीकृत काम के मेजरमेन्ट से लेकर अंतिम भुगतान तक के संपूर्ण चरण के काम की रैंकिंग भी की जाएगी। उन्होंने स्थल विवाद के प्रकरणों की स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को प्रकरण नहीं भेजने के निर्देश भी दिए।

अमर अग्रवाल ने नगरीय निकायों में लगाए जा रहे एलईडी लाईट की प्रगति की भी जानकारी ली। बताया गया कि अभी तक लगभग 50 प्रतिशत काम हुए हैं। बिजली की खपत को कम करने के लिए राज्य सरकार ने एलईडी बल्ब से रोशन करने की योजना बनाई है। उन्होंने 31 जनवरी तक हर हाल में सभी नगर निगमांे में एलईडी लाईट लगाने की समय-सीमा दी है। उन्होंने आयुक्तांे को भी चेताया कि यह लाईट केवल खम्बों पर लगाई जाए। अतिरिक्त रूप से स्टोर में रखने के लिए खरीदी न की जाए। इसके सम्पूर्ण रख-रखाव की जिम्मेदारी निजी कम्पनी की होगी।

निकाय मंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों को वित्तीय आत्मनिर्भरता के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तीन निगमों- भिलाई, दुर्ग और बिलासपुर में निजी कम्पनी को राजस्व वसूली के लिए अधिकृत किया गया है। अब तक इस कम्पनी के काम-काज की जानकारी ली और काम में सुधार के लिए एक महीने की मोहलत दी। खासतौर से दुर्ग में इसके द्वारा ठीक से काम नहीं किए जाने की जानकारी बैठक में मिली।

मंत्री ने साफ किया है कि निकायों में सभी तरह की खरीदी जेम पोर्टल के जरिए ही की जाए। इसके अलावा अन्य कोई सिस्टम से की गई खरीदारी को मान्य नहीं किया जाएगा और संबंधित अधिकारी के विरूद्ध भण्डार क्रय नियम के पालन नहीं किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मिशन क्लीन सिटी की प्रगति की भी जानकारी ली। लोगों में इस विषय में जागरूकता लाकर उनका सहयोग हासिल करने को कहा है। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि कचरे से खाद बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। कई निगमों में विशेषकर दुर्ग निगम ने तो इसे बेचकर लगभग 14 लाख रुपए की कमाई भी कर ली है। बैठक में निदान – 1100, स्वच्छता एप्प डाऊनलोड करना, निष्ठा एप्प, एनयूएलएम के अंतर्गत महिला समूहों को स्व-रोजगार के लिए ऋण सहित अन्य योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

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