जिन्दगी और कर्ज से हार गया हूं…गायब होने से पहले प्रधानपाठक ने लिखा पत्र..बेटा-दुनिया बहुत गंदी है

बिलासपुर—बहुत पहले एक फिल्म आयी थी मदर इंडिया। सूदखोरी को लेकर बनी अब तक भारत की  सबसे अच्छी फिल्म मानी जाती है। आज भी लोग लाला सुखीराम को नहीं भूले हैं। लाला सुखीराम के कर्ज से परेशान मदर इंडिया का नायक ठीक इंटरवेल से पहले तालाब के घाट पर चप्पल छोड़कर गायब हो जाता है। गायब भी ऐसा होता है कि पुलिस कर्ज में डूबे नायक को नहीं ढूंढ पाती है। कुछ ऐसा ही हुआ 8 जनवरी 2018 को बिलासपुर स्थित अज्ञेयनगर निवासी लोन्होरे परिवार के साथ। कर्ज से परेशान आकाशदीप चप्पल की जगह पलंग के नीचे दो पत्र छोड़कर ऐसे गायब हुए कि पुलिस आज तक ढूढ नही पायी है। ठीक मदर इंडिया फिल्म में कर्ज से परेशान एक्टर राजकुमार की तरह।

          8 जनवरी 2018 को सिविल पहुंचकर गायब आकाशदीप के बेटे मृदुल ने लिखित शिकायत कर बताया कि पिता घर से तो निकले स्कूल के लिए। लेकिन दोपहर तक विद्यालय नहीं पहुंचे। सिविल लाइन पुलिस को मृदुल लोन्हारे ने बताया कि पिता आकाशदीप लोन्हारे पाली ब्लाक के धौराभाठा स्कूल में प्रधानपाठक हैं। आकाशदीप बिलासपुर से रोज स्कूल के लिए अप डाउन करते हैं। 8 जनवरी को सुबह साढ़े सात बजे बैग के साथ टीफिन और गर्म कपड़ा लेकर घर से निकले। लेकिन स्कूल नहीं पहुंचे।

           पुलिस को मृदुल ने बताया कि कुछ घंटे बाद स्टाफ शिक्षक का फोन आया कि सर अभी तक स्कूल नहीं पहुंचे है। इसके बाद हम लोगों ने आस पास और रिश्तेदारों को फोन लगाकर पता साजी की। जानकारी मिली कि पिता जी महाराणा प्रताप चौक में सुबह दस बजे देखे गए। मगरपारा चौक निवासी बुआ ने बताया कि पिताजी तीन बजे आए थे। गर्म कपड़ा छोड गए..बुआ ने बताया कि जाते समय उन्होने कहा कि लौटकर कपडे ले जाउंगा।

              काफी पता साजी के बाद घर आकर पिता जी के सामान ड्राज और बिस्तर को खंगालने पर दो पत्र मिले हैं। जिन्हें पुलिस के हवाले करना चाहता हूं।

क्या लिखा पत्र में   

           लोन्हारे के बिस्तर से अलग अलग सम्बोधन में दो पत्र मिले हैं। एक पत्र बेटे और पत्नी के नाम है। पत्र में लिखा है कि दुनिया बहुत जालिम है। अपनी पत्नी सरला के लिए लिखा है कि मैं थक गया हूं। बहुत मेहनत के बाद भी कर्ज से छुटकारा नहीं मिल रहा है। मुझे माफ करना। बेटे मृदुल को आकाशदीप ने लिखा है कि जिन्दगी का डटकर सामना करना। अपने भाई बहनों का विशेष ध्यान रखना। जिन्दगी बिना पैसे के कुछ भी नहीं है। तुम पैसे वाले रहोगे तो दुनिया ठीक रहेगी। मम्मी को संभालना..तंग मत करना।

              एक अन्य पत्र में आकाश दीप ने शायद अपने सहयोगी मास्टर के नाम राज सर संबोधित कर लिखा। पत्र में आकाशदीप ने बताया है कि मैं कर्ज से तंग आकर आत्महत्या कर रहा हूं। मुझ पर बहुत कर्ज हो गया है। मैं अब काम करने में असमर्थ हूं। कृपया एचडीएफसी,डीओबी और बजाज फायनेंस का कर्ज अदा कर देंगे। कुशवाहा सर का साढे पांच लाख है से दे देंगे। कुछ व्याज भी दे देंगे। मैं बहुत परेशान हो चुका हूं। मैने जितना मेहनत किया सब गुड़ गोबर हो गया। कृपया क्षमा करें..मेरी पेंशन का पैसा पत्नी को दिलवा देंगे।

मामला पाली थाने का…गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज

                सिविल लाइन थाना प्रभारी डीएसपी नसर सिद्धिकी ने बताया कि 8 जनवरी को गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज है। आकाशदीप के बेटे ने दो पत्र भी दिया है। मामले में तहकीकात हो रही है। मामला पाली थाना का है। फिलहाल अभी यह भी पता नहीं है कि आकाशदीप किस हालत में हैं। जांच पड़ताल की जा रही है। यदि इस दौरान जानकारी मिली कि मामला सूदखोरी का है तो यथोचित पुलिस कार्रवाई भी होगी। फिलहाल मामले की जानकारी पाली थाने तक पहुंचा दी गयी है। आकाशदीप की तलाश भी की जा रही है।

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