भगोड़ा बना शिक्षक महासंघ का अध्यक्ष…शिक्षाकर्मी नेता का एलान..कामयाब नहीं होने देंगे आरएसएस की चाल…

दुर्ग— शिक्षाकर्मियों के बीच फूट डालने के लिए सरकार पोषित शिक्षक महासंघ का गठन की तैयारी की जा रही है। नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय संचालक विकास राजपूत ने बताया कि शिक्षक महासंघ का मुख्य उद्देश्य शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा को कमजोर करना है। आरएसएस और समर्थित संगठन को मंसूबों पर कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
                     शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा प्रान्तीय संचालक विकास सिंह राजपूत ने बताया कि आरएसएस के इशारे पर सरकार पोषित शिक्षक महासंघ का गठन किया जा रहा है। विकास ने आरोप लगाया है कि नवम्बर दिसम्बर में बेमियादी हड़ताल के दौरान एक प्रान्तीय पदाधिकारी ने शिक्षाकर्मियो से अपने आप को अलग कर अपर मुख्य सचिव पंचायत विभाग को पत्र लिखा। बाद में आंदोलन को बीच में छोड़कर स्कूल चला गया। ऐसा कर उसने आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया था। आजकल वह व्यक्ति आरएसएस समर्थित शिक्षक महासंघ का दुर्ग प्रभारी बन गया है।
            विकास ने बताया कि इससे जाहिर होता है कि नए संघ में कैसे लोगों को जोड़ा गया हैं। जिसने एक लाख 80 हजार साथियों को मझधार में छोड़ा था। ऐसे लोगो और संगठन से शिक्षाकर्मी साथियों का जुड़ने का सवाल ही नहीं उठता है। राजपूत ने बताया कि शिक्षाकर्मियो का संविलियन ,सांतवा वेतनमान,वेतन विसंगति दूर करना, क्रमोन्नति वेतनमान जैसी मांग शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के आंदोलन से ही मिलेगा।
          शिक्षक नेता के अनुसार शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा में कुछ लोगो को छोड़कर एक लाख उन्यासी हजार नौ सौ पचास शिक्षाकर्मी आज भी एकजुट हैं। एकजुटता के कारण ही शिक्षाकर्मियो को संविलियन समेत सभी मांगों को सरकार मानेगी।
                      प्रान्तीय संचालक विकास सिंह राजपूत ने बताया कि शिक्षक महासंघ का जन्म केवल सरकार को लाभ पहुचाना है। शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा को कमजोर करना भी शिक्षक महासंघ का दूसरा प्रमुख एजेन्डा है। ऐसे विभाजनकारी,पदलोलुप और आंदोलन से मुंह चुराने वाले और साथियो को मझधार में छोडने वालो के साथ कोई भी शिक्षाकर्मी साथी जुड़ना पसंद नहींं करेगा।
                       महिला संचालक उमा जाटव ने प्रदेश के सभी शिक्षाकर्मियो से निवेदन किया है कि नया संघ हमारी एकता को तोड़ने के लिए बनाया गया है। ऐसे विभाजनकारी और विघ्न संतोषी संगठन को समर्थन करने की जरूरत नहीं है। मजबूती के साथ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के साथ जुड़े रहें। मोर्चा के दबाव में शासन को एकदिन झुकना ही होगा। संविलियन,क्रमोन्नति समेत सभी मांगों को पूरा करना ही होगा।
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  1. By Babulal Pandey

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