PNB वरिष्ठ प्रबंधक ने जताया आक्रोश..कहा…चुप रहें..बैंक का ब नहीं जानने वाले…विद्वता झाडने वाले भी बाज आएं

बिलासपुर— इन दिनो देश में पंजाब नेशनल बैंक सुर्खियों में है। 11 हजार करोड़ रूपए के घोटालेबाज नीरव की चर्चा गली कूचे में है। मीडिया हाउस देश में घोटाले के साथ पंजाब नैशनल बैंक का इतिहास खंगाल रहे हैं। ऐसे मेंं बिलासपुर मेंं पंजाब नेशनल की विश्वनीयता को सवाल ना उठे..कैसे संभव है।

               दयालबंद स्थित पंजाब नेशनल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक ललित अग्रवाल ने बताया कि पीएनबी को  देश का पहला पूर्ण स्वदेशी बैंक होने का गौरव हासिल है। अपनी कार्य कुशलता के कारण पीएनबी का नाम देश के अग्रणी बैंको में है। बीच बीच में इस तरह के झटके लगते रहे हैं। लेकिन इसका असर ग्राहकों पर कभी नहीं पड़ा है। बैंक की विश्वनीयता आज भी कायम है।

                           ललित अग्रवाल ने बताया कि पीएनबी को 1895 मे स्थापित किया गया। यह स्वदेशी पूंजी से स्वदेशी लोगो के लिये स्थापित पहला पूर्ण स्वदेशी बैंक है। कुशल नेतृत्व और कर्मठ कर्मचारियों के बल पर बैंक ने देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है। मीडिया और सोशल मिडिया में पीएनबी को लेकर जो कुछ भी जानकारियां दी जा रही है उनमें ज्यादातर ना केवल भ्रामक हैं..बल्कि आधारहीन भी हैं।

    ललित ने बताया कि जो लोग बैंक का नहीं जानते वे लोग भी सोशल मीडिया में विद्वता झाड़ रहे हैं। ऐसी भ्रामक और आधारहीन जानकारियों से जनता मेंं गलत संदेश जाता है।

                       ललित अग्रवाल के अनसुार बैक के कुछ कर्मचारी अनिधिकृत लैटर ऑफ अन्डर टेकिंग निर्गमित किए है। इसी आधार पर दूसरे बैक को ऋण भुगतान किया गया है। बैक की यह जरूरी जिम्मेदारी भी है। जो लोग इसका मतलब नहीं समझते…उन्हें इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। यह रिकॉर्ड हुआ ह़़ोगा तब भी ऋण दाता बैक इस जिम्मेदारी से नहीं बच सकते कि उन्होंने ने पेपर या अन्डर टेकिंग की जांच क्यों नहीं की_। फिर भुगतान डील तो बैक के महत्वपूर्ण ग्राहक को उनकी आपूर्ति के एवज मे होता है। जिसके एवज में मूल इनवायस, टैक्स पत्र आदि कागजात होते है।

                                    वरिष्ठ प्रबंधक ने बताया कि पीएनबी ने केवल दो सौ अस्सी करोड़ सतर लाख का ही मामला दर्ज कराया है। बाजार मे ग्यारह , बारह, तेरह, चौदह, इक्कीस हजार करोड़ की बातें हवा में तैर रही है। यदि ऐसा है भी तो बताना चाहूगा कि इन तमाम भ्रामक जानकारियों के बाद भी पीएनबी के सेहत पर कोई असर नहींं होने वाला है। ठीक उसी तरह जैसे देश बटवारे के समय बैक की बहुत मजबूत चालीस शाखाएं पाकिस्तान में चली गई थी । सारे भारतीय ग्राहको की भरपाई पीएनबी ने ही किया था।

                      भारत बैक लिमिटेड,भगवान दास बैंक लिमिटेड, यूनिवर्सल बैक लिमिटेड,हिन्दुस्तान कमर्शियल बैंक लिमिटेड.न्यू बैंक आफ इंडिया,नेदुनगडी बैक, समेत कई बैंको की हालत जब खराब थी तो पीएनबी ने ही अधिग्रहण किया । लेकिन इन बैंकों के किसी भी ग्राहक या स्टाफ को बिना किसी परेशानी या अवरोध के मजबूत और सहयोगी बैकिंग का एहसास पीएनबी ने ही कराया।

     ललित अग्रवाल ने बताया कि पंजाब नैशनल बैंक से सम्बद्ध किसी भी व्यक्ति, संस्थान या शुभचिंतकों को चिन्तित होने की जरूरत नहीं है। मिडिया प्रचार के पीछे भी कुछ लोगो का हाथ हो सकता है। लेकिन पीएनबी हमेशा की तरह फिर एकबार आगे बढ़ेगा।

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