पेपर लीक मामले मे भूपेश बघेल ने मांगा जावडेकर का इस्तीफा,लिखा-रमन सरकार के नक्शे कदम पर चल रही मोदी सरकार

रायपुर।केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अर्थशास्त्र और गणित के पेपर लीक को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश काँग्रेस कमेटी के प्रेसिडेंट भूपेश बघेल ने बैक टू बैक तीन ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।भूपेश ने अपने ट्वीट मे लिखा है कि सीबीएसई के पेपरलीक से लाखों छात्र हताश हैं। परीक्षा का परचा लीक होना भाजपा की सरकारों की फितरत है। जानकारी के बावजूद सीबीएसई चीफ द्वारा मामले को दबाएं रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिये।सीबीएसई पेपर लीक से सीबीएसई की छवि को नुकसान पहुंचा है। इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिये और मोदी सरकार अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करें एवं प्रकाश जावडेकर को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।भूपेश बघेल ने लिखा कि लीक करने का चरित्र भाजपा सरकार का छत्तीसगढ़ के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी उजागर हो रहा है। चाहे शिक्षामंत्री केदार कश्यप की पत्नी का विख्यात मुन्नी बाई प्रकरण हो, चाहे व्यापम की परीक्षा में परचा लीक प्रकरण हो, भाजपा की मोदी सरकार, रमन सरकार के ही नक्शे कदम पर चलती नजर आ रही है।

बता दे कि बुधवार को कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने सवाल खड़े करते हुए पूछा था कि आख़िर इस घटना की ज़िम्मेदारी कौन लेगा? लाख़ों छात्रों का ये अधिकार है कि वो इस बात को जाने।उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि दो बच्चों के पिता होने के नाते जिन्होंने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या प्राधिकरण को यह अहसास है कि परीक्षा के दौरान छात्रों और उनके मां बाप को कितनी परेशानी और दबाव का सामना करना होता है। उनकी ग़लती का ख़ामियाज़ा लाख़ों छात्र क्यों भुगते। यह बहुत ही बेतुका है।आगे उन्होंने लिखा, ‘चूंकि मेरे दोनो बच्चों ने भी इस परीक्षा में हिस्सा लिया था इसलिए मैं उन लाख़ों मां-बाप और बच्चों का दर्द समझ सकता हूं। मैं उन सभी से सहानुभूति रखता हूं जो सीबीएसई पेपर लीक की वजह से तनाव झेल रहे हैं।’

फिर से परीक्षा कराए जाने के फ़ैसले पर आपत्ति ज़ाहिर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘फिर से परीक्षा कराना अच्छा विकल्प नहीं है क्योंकि दोबारा तैयारी करने में बच्चों को काफी तनाव होता है और वो अपना बेस्ट नहीं दे पाते हैं। इतना हीं नहीं जो मां-बाप ग़रीब है उनके लिए फिर से परीक्षा में हिस्सा लेने के लिए आवाजाही की भी दिक्कत होती है। मैं उन सब की अवस्था समझ सकता हूं।’

 

 

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