जब पंडित श्यामलाल से मिलकर ठहाका लगाई विदेश मंत्री..सुषमा ने पूछा हालचाल..हाथ जोड़कर पद्मश्री ने दिया जवाब

बिलासपुर– पद्मश्री अलंकरण के ठीक एक दिन पहले रिहर्सल प्रक्रिया के बाद शाम को दिल्ली में गृहमंत्री राजनाथ सिंह,विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजजू पद्म विभुतियों से रूबरू हुए। सभी लोगों से केन्द्रीय मंत्रियों ने कुशल क्षेम पूछा। क्षेत्र की जानकारी ली। अनुभवों को आपस में बांटा। बातचीत के बाद पंडित श्यामलाल चतुर्र्वेदी समेत सभी पद्म विभुतियों के साथ केन्द्रीय मंत्रियों ने डिनर किया। इस दौरान पत्रकारों से भी चर्चा हुई। पंडित श्यामलाल ने कहा कि समय के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में बदलाव आया है। भविष्य में भी बदलाव आएगा..इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप को लेकर पंडित श्यामलाल ने नाखुशी के साथ चिंता भी जाहिर की।

                                         सोमवार शाम साढे बजे से आठ बजे के बीच राष्ट्रपति भवन दरबार हाल में पद्म अलंकरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। अलंकरण समारोह के ठीक एक दिन पहले देश के पद्म विभुतियों को दरबार हाल में डेमो दिया गया। राष्ट्रपति रामनन्द कोविन्द पद्म विभुतियों को पद्म अवार्ड देंगे उस दौरान डेमों के अनुसार प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। रिहर्सल प्रक्रिया में देश और विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी नामचीन हस्तियों के अलावा महान क्रिकेटर महेन्द्र सिंह धोनी, साहित्यकार श्यामलाल चतुर्वेदी भी शामिल हुए। सभी ने एक दूसरे से मिलकर परिचय दिया। इस दौरान महेन्द्र सिंह धोनी समेत अन्य पद्म हस्तियों से पंडित श्यामलाल की बातचीत भी हुई। पंडित श्यामलाल के साथ छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ  पत्रकार और उनके बेटे सूर्यकांत चतुर्वेदी और पोता अम्बर चतुर्वेदी विशेष रूप से मौजूद थे। रिहर्सल कार्यक्रम का आयोजन रविवार दोपहर 12 से 2 बजे के बीच में किया गया।

               रविवार शाम को देश से एकत्रित हुए सभी 43 पद्म हस्तियों के लिए विशेष डीनर का आयोजन किया गया। डीनर में केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह,विदेश मंत्री सुषमा स्वराज,केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजजू और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। भारत सरकार के मंत्रियों ने सभी पद्म हस्तियों से कुशलक्षेम पूछा। उनके क्षेत्र और योगदान पर चर्चा की।

                         राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज ने उपस्थित विभुतियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 36 हजार आवेदनों में 86 लोगों को पद्म के लिए चुनना मुश्किल भरा काम था। लेकिन आज मससूस हो रहा है कि सलेक्टरों ने हीरा का चुनाव किया है। इस दौरान पद्म विभुतियों ने भी अपनी बातों को सबके सामने रखा।

जब ठहाका लगायी विदेश मंत्री

                                  संबोधन कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह के बाद विदेष मंत्री सुषमा स्वराज बिलासपुर के माटी पुत्र पंडित श्यामलाल से मिली। इस बीच चर्चा के दौरान पंडित श्यामलाल ने ढेठ अंदाज में कुछ ऐसा कहा कि विदेश मंत्री ठहाका लगाने से अपने आपको रोक नहीं सकीं। उन्होने तत्काल पंडित श्यामलाल को हाथों से घेर लिया। पंडित श्यामलाल ने उतने ही भोलेपन से हाथ जोड़कर प्यार के लिए शुक्रिया कहा। सुषमा स्वराज और पंडित श्यामलाल से देर तक चर्चा होती रही। दोनों ने एक दूसरे को बिलासपुर और दिल्ली का अनुभव साझा किया।

                फिल्म कलाकार मनोज जोशी भी साहित्यकार पंडित श्यामलाल से मिलकर आशीर्वाद लिया। दोनों ने एक दूसरे को अपने अनुभवों को साझा किया।

पत्रकारों को दिया जवाब

                 डीनर के समय सभी पद्म  विभुतियों से पत्रकारों की बातचीत हुई। पंडित श्यामलाल ने भी जवाब दिया। पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े होने के कारण पंडित श्यामलाल ने स्वीकार करने से गुरेज नहीं किया कि माध्यम में बहुत बदलाव आया है। उन्होने कहा कि मैने पत्रकारिता गांव से शुरू की है। यद्यपि गांव में पत्रकार होते  नहीं है। घर के खर्च से पत्रकारिता का काम किया। समय के साथ पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की अखबार कर्मवीर समेत देश की तमाम पत्र पत्रिकाओं से जुड़ने का अवसर मिला। अब पत्रकारिता की यात्रा यहां तक पहुंची है।

                         एक सवाल के जवाब में पद्मश्री श्यामलाल ने कहा कि वर्तमान की पत्रकारिता कुछ अटपटा है। स्वुरूप में बहुत परिवर्तन आ गया है। आगे भी  परिवर्तनआएगा। उन्होने स्प्ष्ट किया कि परिवर्तन के लिए हर बार विप्लव का होना जरूरी नहीं है।  देश को क्या संदेश देना चाहते हैं…के सवाल पर उन्होने कहा कि हम इस काबिल नहीं है कि देश को संदेश दे सके। देश समझदार है..उसे अच्छे बुरे का बेहतर ज्ञान है। बल्कि देश से हमें संदेश लेना चाहिए। क्योंकि मुझे उपदेश पर नहीं काम पर विश्वास है।

                       इस बार पद्म पुरस्कार के लिए योग्य लोगों का चुनाव हुआ है के सवाल पर पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी ने कहा कि देश में काबिल लोगों की कमी नहीं है। हमसे बेहतर लोग लिखने पढ़ने और सोच समझ वाले हैं। लेकिन उनका नाम नहीं है…जबकि हमसे ज्यादा नामवाले लोग हैं। जिनका नाम आज सामने नहीं आ सका है। सच्चाई यह है कि वे लोग हमसे अधिक नाम और बेहतर जानकारी रखने वाले लोग हैं।

अपनी फोटो को निहारा

पंडित श्यामलाल ने आर्ट गैलरी का भी मुआयना किया। बोर्ड पर लगे फोटों को निहारा। इनमें में एक फोटो पंडित श्यामलाल की भी नजर आयी।  लेकिन पद्मश्री ने सभी लोगों की फोटो पर बारी बारी से नजर डाला

विदेशी अतिथि भी शामिल

कार्यक्रम में आठ से अधिक विदेशी पद्म हस्तियां भी शामिल हुई। जापान से आए एक विभूति ने हिन्दी में भाषम दिया। उनेहोने कहा यहां पहुचने के बाद मैं अापको धन्य समझ रहा हूं। उसकी व्याख्या मुश्किल है। बस मुझे इतना बोलना है कि यहां तक पहुचना मेरे लिए अद्भुत,अकल्पनीय और अकथनीय है। इतना कहते ही हाल तालियों से गूंज उठा।

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