शिक्षाकर्मियों की संविलियन की मांग,काली पट्टी लगाकर करेंगे मूल्यांकन

बालोद।शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर पिछले दिनों 20 नवंबर से 4 दिसंबर तक चले आंदोलन का स्वरूप अब बदलकर बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन बहिष्कार के रूप में परिणित हुआ।जहां 3 अप्रेल को जिला मुख्यालय बालोद में व्य्याख्याता पंचायत ने प्रांतीय निर्देशानुसार मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने एकजुट हुए ।

गौरतलब है कि 3 अप्रेल से पूरे प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर ने हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी के कक्षा 10 वीं व 12 वीं के उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन प्रारम्भ होना था ।जिले के एक मात्र मूल्यांकन केंद्र मे शुरुआत मे प्रथम चरण में 12 वीं की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन किया जाना है।

इस हेतु जिला बालोद के एक मात्र मूल्यांकन केंद्र बालक आदर्श शा.उ.मा.वि.बालोद में जिला भर से व्यख्याताओं की डयूटी लगी है,जिसमें से अधिकांश व्यख्याता पंचायत की ड्यूटी लगाई गई हैं।गत दिवस हुए आंदोलन की वापसी शून्य में होना,फिर कमेटी बनना,कमेटी द्वारा तय समय सीमा 3 माह में सकारात्मक रिपोर्ट न सौपे जाने पश्चात कमेटी के कार्यकाल को 1 माह बढ़ाना।

फिर 16 फरवरी को कमेटी द्वारा प्रांतीय संचालकों को मीटिंग में बुलाना व सार्थक चर्चा न कर बैठक को बीच मे ही समाप्त कर देने व संविलियन आदि विषयों पर सरकार द्वारा अब तक निर्णय न लिए जाने से रुष्ट होकर सांकेतिक रूप से एक दिवसीय मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने एकजुट हुए ।

4 अप्रेल से विरोध स्वरूप “संविलियन समेत 9 सूत्रीय मांगों के समर्थन” में जिला बालोद के व्याख्याता पंचायत काली पट्टी बांधकर मूल्यांकन कार्य कर शासन का ध्यान आकृष्ट करेंगे।

आज मूल्यांकन केंद्र में प्रांतीय रणनीति की जानकारी देने जिला संचालक दिलीप साहू , रूपेंद्र सिन्हा, प्रांतीय सहसंचालक प्रदीप साहू,जितेंद्र गजेंद्र,जिला सहसंचालक-रघुनंदन गंगबोइर,लेखराम साहू,पवन कुम्भकार,चन्द्रजीत यादव,शिव शांडिल्य,शेषलाल साहू,ब्लॉक संचालक गुंडरदेही राजेन्द्र देशमुख,युवराज गंधर्व,संदीप दुबे,सहसंचालक दिनेश साहू डौ.लो.,महिला मोर्चा की ओर से मधुमाला कौशल,सुषमा पटेल समेत सैकड़ों वयाख्याता मौजूद रह कर मूल्यांकन बहिष्कार किया गया ।

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