बैंक के दो कर्मचारियों पर लटकी FIR की तलवार…गुरूदीवान और संदीप की थाने में शिकायत…परिवाद की तैयारी

बिलासपुर— जिला सहकारी बैंक ने सिविल लाइन थाने में पूर्व प्रभारी सीईओ और निलंबित कर्मचारी के साथ सरकण्डा शाखा प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दिए जाने की मांग की है। सीईओ के आदेश पर जिला सहकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी शशांक दुबे ने फर्जी अंक सूची और शासकीय राशि गबन करने के आरोप में सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत की है। थाने को बैंक प्रबंधन ने लिखित शिकायत कर बताया है कि जांच पड़ताल में विकास गुरूदीवान और संदीप जायसवाल की अंकसूची फर्जी पायी गयी है। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया जाए। इसके अलावा बैंक प्रबंधन ने विकास गुरूदीवान पर 85 लाख रूपए का घोटाला करने का भी आरोप लगाया है।

                            सोमवार को बैंक प्रबंधन ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर विकास गुरूदीवान और संदीप जायसवाल के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करने लिखित शिकायत की है। बैंक प्रबंधन ने लिखित शिकायत में बताया है कि उर्तुम में पदस्थापना के दौरान विकास  गुरूदीवान ने किसानों का 85 लाख रूपए गबन किया है। किसानों की राशि को दबाया है। तात्कालीन समय जांच पड़ताल के दौरान मामला सही पाया गया।

            लिखित शिकायत में बैंक प्रबंधन ने कहा है कि विकास गुरूदीवान और संदीप जायसवाल की मार्कशीट फर्जी है। मामला राज्य शासन के आदेश पर संयुक्त संचालक के.एल.ठारगावे की अगुवाई में जांच टीम ने दोनों की मार्कशीट को फर्जी पाया है। गुरूदीवान की मार्कशीट कलिंगा विश्वविद्यालय से है जबकि संदीप जायसवाल की अंकसूची इलाहाबाद से भारतीय विद्या पीठ की है। बैंक प्रबंधन ने बताया कि कलिंगा विश्वविद्यालय नाम का कोई भी संस्थान नहीं है।सरकण्डा शाखा प्रबंधक  संदीप जायसवाल की मार्कशीट भारतीय विद्यापीठ इलाहाबाद की है। यूजीसी में भारतीय विद्यापीठ को फर्जी विश्वविद्यालय बताया गया है।

                 शंशांक दुबे ने बताया कि थाना प्रभारी को लिखित शिकायत कर दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज करने की मांग की है। पन्द्रह दिनों तक मामले में इंतजार करेंगे। जरूरत हुई तो परिवाद भी दायर करेंगे।

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