स्वास्थ्य मंत्री अजय चन्द्राकर ने अत्याधुनिक तकनीक से युक्त टीबी जॉच मोबाइल वेन को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

रायपुर।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अजय चन्द्राकर ने अपने निवास परिसर से टीबी जॉंच की अत्याधुनिक तकनीक सीबीनाट मशीन से युक्त मेडिकल मोबाइल वेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। सेंट्रल टीबी डिविजन नई दिल्ली द्वारा पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत यह मेडिकल मोबाइल वैन छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग को प्रदान की गई है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 तक प्रदेश को टीबी रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में ड्रग रेजिस्टेंट टीबी की जॉच एवं उपचार की सुविधा माह दिसंबर 2011 से प्रारंभ हुई है। पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राज्य में वर्ष 2016 तक 09 सीबीनाट मशीन संचालित था। वर्ष 2017-18 में  19 सीबीनाट मशीन हो गयी है। प्रदेश में अब तक 28 सीबीनाट मशीन को 25 जिलों में स्थापित किया गया है।  इस मशीन के जरिए संदेहास्पद मरीजों का केवल दो घण्टे में ही टीबी अथवा ड्रग रेजिस्टेंट टीबी होने का पता लगाया जा सकता है। सीबीनाट मशीन से टीबी की जॉच पूर्णतः निःशुल्क है।

अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल मेडिकल वेन की सहायता से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों की आबादी में सघन जॉच कर टीबी मरीजों की खोज की जा सकेगी। यह टीबी उन्मूलन में सहायक होगी। पहले जो संदेहास्पद टीबी मरीज दूरी के कारण टीबी की जॉच नही करा पाते थे। उन्हें स्थानीय स्तर पर ही यह सुविधा उपलब्ध होगी जिससे उनकी दैनिक आय प्रभावित नहीं होगी और टीबी रोग का समय पर उपचार किया जा सकेगा। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. ए.के. चन्द्राकर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं महामारी के संचालक डॉ. आर.आर. साहनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *