…..एक साथ जलाई गयीं संक्षेपिका…अध्यापक नेता नरवरिया ने कहा…जो वादा था वही चाहिेए…छल प्रपंच नहीं

भोपाल— सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में एक बार फिर शिक्षाकर्मी सड़क पर उतर आए है। समान पद और मूल विभाग में संविलियन को लेकर सरकार पर दबाव बनाने भी लगे हैं। करीब पौने तीन लाख शिक्षाकर्मियों ने संविलियन ड्राफ्ट को विसंगतियों का खजाना बताया है। प्रशासन को ज्ञापन देकर विरोध भी जताया है।
                           मध्यप्रदेश के करीब पौन तीन लाख शिक्षाकर्मियों ने एक साथ कैबिनेट में मंजूर संविलियन ड्राफ्ट को एक साथ विसंगतियों का पिटारा कहा है। तपती दोपहर में प्रशासन को लिखित शिकायत कर आधे अधूरे संविलियन को लेने से इंकार कर दिया है। भोपाल समेत पूरे मध्यप्रदेश जिला मुख्यालयों में अध्यापको ने कहा कि जब तक मूल विभाग में संविलयन समेत मांगों के अलावा संविलियन ड्राफ्ट की विसंगितियों को दूर नहीं किया जाता है। विरोध चलता रहेगा। जरूरत पड़ी तो पहले की तरफ एक बार फिर उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।
                                            संविलियन ड्राफ्ट के खिलाफ मुखर होकर अध्यापक संघर्ष समिति के प्रमुख एचएस नरवरिया समेत अजित पाल यादव,उपेंद्र कौशल,जितेंद्र शाक्य,एच्०एन० नरवरिया शीबा खान  मनीष यादव, संजय शर्मा , अन्य साथियों ने कहा कि सरकार ने आध्यक्षकों के साथ विश्वासघात किया है। संविलियन प्रस्ताव के पहले मुख्यमंत्री समेत भाजपा सरकार के मंत्रियों ने शिक्षाकर्मियों की मांगो को खुले दिल से स्वीकार करने की बात कही थी। लेकिन हुआ ठीक इसके उल्टा। जाहिर सी बात है कि सरकार ने शिक्षकों के साथ छल किया है।
                 अध्यापक संघ के नेता ने बताया कि प्रदेश के सभी अध्यापकों में आक्रोष है। प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को प्रशासन के नाम ज्ञापन देकर संविलियन ड्राफ्टिंग पर नाराजगी जाहिर की गयी है। जगह जगह संक्षेपिका की प्रतियों को जलाया गया है। खुशी की बात है कि बहुत ही कम समय के आह्वान पर अधयापक साथी सड़को पर आए।  अधयापक संघर्ष समिति ने मूवेमेंट में दिल से सहयोग भी दिया।
                          विसंगतिपूर्ण संविलियन घोषणा,नवीन केडर, विसंगति पूर्ण संक्षेपिका का विरोध किया गया। महत्वपूर्ण मांगो के साथ मध्यप्रदेश के लगभग  सभी ज़िलों में रैली  भी निकाली गयी। राजधानी भोपाल में भी शिक्षक साथियों ने सरकार के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद किया।
  नरवरिया ने बताया कि 1994 के आधार पर समान सेवा शर्तों समेत शिक्षा विभाग में संविलियन और अन्य आवश्यक मांगो की पूर्ण प्राप्ति के लिए अविलंब  रणनीति जारी की जाएगी।
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