शिक्षाकर्मी मोर्चा नेताओँ के पक्ष में खड़े हुए शिक्षक..भावनाओँ को भड़काने वालों पर साधा निशाना..23 जून की मीटिंग में बनेगी रणनीति


रायपुर।शिक्षा कर्मियों के संविलयन पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद आम शिक्षा कर्मियों और संगठनों की ओर से तरह – तरह के बयान आ रहे है। जिसमें 8 वर्ष के बंधन और कई तरह किी विसंगतियों को लेकर शिक्षक मोर्चा को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। लेकिन ऐसी भी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही है, जिसमें मोर्चा के नेताओँ की तारीफ करते हुए उन्हे संविलयन का श्रेय दिया जा रहा है । साथ ही उनके खिलाफ बयानबाजी को अवसरवादिता और भावनाओँ को भड़काने की कोशिश बताया जा रहा है। लोगों ने यह भी कहा है कि 23 जून को रायपुर में होने वाली बैठक में आगे की रणनीति बनाई जाएगी और शिक्षा कर्मियों को न्याय दिलाने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।नवीन शिक्षाकर्मी संघ छत्तीसगढ़ की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष व मोर्चा सह संचालक उमा जाटव ने कहा है की मोर्चा के पांचो संचालक  विकास सिंह राजपूत,चन्द्रदेव राय,संजय शर्मा,वीरेंद्र दुबे व केदार जैन के कुशल नेतृत्व मे व सटीक रणनीति से संविलियन जैसे कठिन मांग को 23 वर्षो के सतत संघर्ष के बाद मोर्चा के आंदोलन मे शामिल एक-एक शिक्षाकर्मियों के भरोसे व साथ से पूरा कराने व जो मुख्यमंत्री लगातार संविलियन न हुआ है और न ही आगे होगा कहते थे।
उस वाक्य को भी सभी आंदोलनकारी शिक्षाकर्मियों के साथ से पलटना पड़ा ।  इसी प्रकार 2013 मे इसी नेतृत्व के सटीक रणनीति से शिक्षको के समतुल्य वेतनमान जैसे एक बड़े लाभ शिक्षाकर्मियों को मिली जीत उस समय भी अधूरी थी ।  आठ वर्ष के बन्धन के कारण और आरोप भी इन्ही नेतृत्वकर्ता विकास सिंह राजपूत,चन्द्रदेव राय,संजय शर्मा,वीरेंद्र दुबे व केदार जैन पर ही लगे और आज भी विसंगतिपूर्ण संविलियन के निर्णय के बाद इन्ही पांचो पर तरह-तरह के आरोप लगाया जा रहा है। लेकिन आज हम सब एक स्थानीय निकाय के कर्मचारी से सरकारी कर्मचारी भी इन्ही पांचो के कुशल नेतृत्व बनने के दहलीज मे आकर खड़े हो गये है ।प्रदेश सचिव गिरीश साहू ने कहा की आरोप उसी पर लगते है जो कार्य करते है  ।  जिस प्रकार फल लगने वाले पेड़ो पर पत्थर मारा जाता है । प्रकाशचन्द कांगे,रूपेंद्र सिन्हा, ब्रिज नारायण मिश्रा,अमित नामदेव व राजेश शुक्ला,अजय कड़व व अमित सरकार ने सरकार व शासन के निर्णय के बाद वर्ग तीन व नये शिक्षाकर्मियों को लगातार भड़काने का प्रयास कर मोर्चा को कोसने वालो को स्पष्ट शब्दो मे कहा की जो लोग मोर्चा के आंदोलन से दूर थे ।  जिन्होंने आंदोलन के दौरान शासन को लिखित मे दिया था कि हम आंदोलन मे शामिल नही  हैं। ऐसे लोगों द्वारा मोर्चा व मोर्चा के संचालको पर आरोप लगाकर व भावना को भड़काकर अवसरवादिता व घड़ियाली आंसू बहाने का प्रयास किया जा रहा  है।

मीडिया प्रभारी मनोज चन्द्रा, दुष्यंत कुम्भकार व अमितेश तिवारी ने शिक्षाकर्मियों से अपील करते हुए कहा की मोर्चा के संचालको व मोर्चा के ठोस रणनीति से ही हम सबको विसंगति पूर्ण संविलियन देने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है ।  जबकि मोर्चा के द्वारा आठ वर्ष के बन्धन व वेतन विसंगति को दूर करने के लिए शासन स्तर पर लगातार दबाव बनाया गया ।  फिर सरकार के हठधर्मिता के कारण आज अवसरवादी व घर बैठकर आंदोलन को कमजोर करने वालो अवसरवादियों द्वारा मोर्चा को कमजोर कर शिक्षाकर्मियों को वर्गवाद व वर्षवाद मे विभाजित करने का प्रयास कर रहे है ।
नंदिनी देशमुख,बलविंदर कौर,संगीता राणे,संगीता बैस,गीता चन्द्राकर,निर्मला पांडेय व वीणा तुली ने पूरे प्रदेश के एक लाख अस्सी हजार शिक्षाकर्मियों से अपील करते हुए कहा की हम सब 22 वर्षो से जिस पंचायत विभाग के कर्मचारी शिक्षाकर्मी के रूप मे लगातार कार्य कर दोयम दर्जे की जिंदगी को गुजार रहे थे।  जिससे छुटकारा सिर्फ और सिर्फ मोर्चा के पांचो संचालको व मोर्चा मे शामिल आंदोलनकारी शिक्षाकर्मियों के जज्बे व बुलन्द हौसला के कारण मिला  । जब हम मोर्चा के माध्यम से पहले समतुल्य वेतनमान और अब संविलियन जैसे मांग को पूरा करा सकते है तो अब वेतन विसंगति व वर्ष बन्धन को भी मोर्चा के माध्यम से दूर करा सकते है ।  प्रदेश के शिक्षाकर्मी इधर उधर ध्यान न भटकाते हुए मोर्चा पर पूरी तरह विश्वास बनाये रखे वेतन विसंगति व वर्ष बन्धन को समाप्त करवाने मोर्चा संचालको द्वारा रणनीति बनाया जायेगा।
प्रदेश संचालक विकास सिंह राजपूत व चन्द्रदेव राय ने सभी संचालक व शिक्षाकर्मियों से 23 जून को कलेक्टर गार्डेन रायपुर मे आवश्यक बैठक मे आने की अपील करते हुए कहा है वेतन विसंगति व वर्ष बन्धन को समाप्त करवाने व विसंगति पूर्ण संविलियन को विसंगति रहित संविलियन सबको मिले  । इस पर शासन-प्रशासन पर दबाव बनाने ठोस रणनीति व योजना बनाई जाएगी ।  पूरे प्रदेश के शिक्षाकर्मियों के सहयोग व साथ से ही हम सब विसंगति पूर्ण संविलियन को समाप्त करवा सकते है  । मोर्चा पूरी तरह एकजुट है और आगे भी पूरी एकजुटता के साथ संघर्ष के लिए तैयार है।

Comments

  1. By रघुनंदन

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