शिक्षाकर्मी संविलियन:वेतन निर्धारण मे एकरूपता नहीं,शिक्षकों को हो रहा भारी नुकसान

बिलासपुर।शिक्षाकर्मीयो का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलयन हुए अभी एक महीना पूरा नही हुआ कि विवादो का सिलसिला शुरू हो गया है।छत्तीसगढ़ शासन ने संविलियन किये गए शिक्षको को पांच अगस्त तक कोषालय से जारी वेतन  ई कोष के मध्यम से देने का फैसला पहले ही कर दिया था जिसके दिशा निर्देश समय समय पर सचिवालय से जारी भी हुए है।बताया जाता है कि सभी शिक्षको को सेवा अवधि /वरिष्ठता के आधार पर सातवां वेतनमान के पे मैट्रिक्स के अनुसार वेतन आहरण किया जाना था जो नही हो रहा है।
सीजीवालडॉटकॉम से इस विषय पर चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ व्यख्याता(पं) संघ के प्रान्ताध्यक्ष कामलेश्वर सिंह ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में संविलयन हुए शिक्षक (एल बी) सहायक शिक्षक (एल बी) व व्यख्याता(एल बी) का सातवां वेतनमान में वेतन निर्धारण में विभिन्न जिलो से जारी रेडिनेकर में भिन्नता हो रही है ।उन्होंने ने बताया कि राज्य भर में वेतन निर्धारण में एक रूपता नही दिखाई दे रही है । व्यख्याता को कहीँ 48200 तो कहीँ 49600 या 51100 वहीँ शिक्षक को44900 कहीँ 46200 तो कहीँ 47600   तथा सहायक शिक्षक को 33100 तो कहीँ 34100 या 35100 में फिक्स कर रहे है इसे एकरूप वेतन मिले ये सम्भव नही है।
कमलेश्वर सिंह ने बताया कि  राज्य शासन द्वारा 30 जून की स्थिति में अंतिम वेतन देयक के आधार पर 1 जुलाई को एक वेतन वृद्धि देते हुए सातवां वेतनमान में 2.57 फिटमेंट से गुणा कर वेतन निर्धारण के निर्देश दिए है।पर ऐसा होता दिखाई नही दे रहा है।उन्होंने बताया कि अंतिम वेतन देयक में भी विभिन्नता है। जिससे वेतन निर्धारण में भिन्नता आ रही है । कहीँ पाचवां वेतनमान का अंतिम वेतन देयक प्रदान कर दिया है तो कहीँ दो दो वेतन वृद्धि अधिक तो कहीँ एक से दो वेतन वृद्धि रोककर LPC दे रहे है ।
 
कमलेश्वर सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य शासन द्वारा 1998 से नियुक्त शिक्षक (पं/ननि) सहित सबको शासकीय शिक्षको के समतुल्य छ.ग.वेतन पुनरीक्षण नियम 2009 के नियम 08 के तहत सभी शिक्षक (पं/ननि) का प्रारम्भिक वेतन पर वेतन निर्धारण किया गया था।लगभग 1998 से नियुक्त शिक्षको को 2006 में 8 वर्ष पूर्ण होने पर छठवां वेतनमान दिया जा रहा है।कमलेश्वर ने कहा कि हमने राज्य शासन स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि राज्य शासन द्वारा 2006 से छठवां वेतनमान के न्यूनतम में दिए जा रहे प्रारम्भिक वेतन के आधार पर 2018 तक प्रत्येक वर्ग के लिए एक रेडिनेकनर (छठवां वेतनमान के आधार पर) तैयार कर  सभी  वेतन आहरण व कोषालय अधिकारियो  को प्रेषित करने की मांग की है। ताकि सभी शिक्षको को सेवावधि /वरिष्ठता के आधार पर सातवां वेतनमान के पे मैट्रिक्स के अनुसार वेतन आहरण किया जा सके और राज्य भर में वेतन में एकरूपता दिखाई दे।

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