मॉस्क और बॉडी वार्न कैमरे से लैस होगी यातायात पुलिस,प्रदेश में सभी जिलों को स्पीड राडारगन युक्त वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे

रायपुर-पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय की अध्यक्षता में आज पुलिस मुख्यालय नया-रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों, यातायात गतिविधियों के संचालन और यातायात उपकरणों की व्यवस्था करने तथा जन जागरूकता अभियान चलाये जाने के लिए सड़क सुरक्षा कोष के प्रबंधन हेतु अन्तर्विभागीय समिति की बैठक आयोजित की गई। पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन. उपाध्याय ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुये कहा कि राज्य में सड़क दुर्घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को रोकने के लिए कारगर प्रयास किए जाने चाहिए। राज्य निर्माण के पश्चात् गावों से लेकर शहरों तक सड़कों का बहुत निर्माण हुआ है और वाहनों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। इसको देखते हुये सड़कों पर यातायात का भारी दबाव है। अतः गति पर नियंत्रण बहुत आवश्यक है।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (योजना प्रबंध एवं यातायात) श्री आर. के. विज ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में वाहनों के गति पर रोकथाम हेतु स्पीड राडार युक्त एक-एक वाहन उपलब्ध कराये जाएंगे और राज्य के बड़े शहरों रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में दो-दो स्पीड राडार युक्त वाहन होंगे। इस प्रकार कुल 30 नये वाहन क्रय किए जाएंगे। इसी प्रकार प्रत्येक पुलिस थानों में कम से कम एक-एक एल्कोहल मीटर भी प्रदाय किया जायेगा इसके लिये 300 नग एल्कोहल मीटर क्रय किये जायेंगे जिससे नशे की हालत में वाहन चलाए जाने पर लायसेंस निरस्तीकरण और जुर्माने की कार्यवाही की जायेगी। श्री विज ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान की गई कार्यवाही की रिर्काडिंग हेतु 2000 नग बाडी वार्न कैमरे क्रय किये जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश भर के यातायात पुलिस कर्मचारियों को प्रदूषण से बचाव हेतु ड्यूटी के समय मॉस्क उपलब्ध कराया जायेगा।

इसी प्रकार प्रदेशभर में यातायात पुलिस को प्लास्टिक स्टॉपर, प्लास्टिक कोन विथ चेन, रिफलेक्टिव जैकेट, लाईट बेेटन, फ्लोरोसंेट स्टीक और रेडियम टेप जैसे आधुनिक उपकरणों से लेस किया जायेगा। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विज ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अनुशासन और ट्रेफिक रूल्स के परिपालन हेतु स्कूलों को शासन स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिया जाये कि नाबालिग छात्र मोटर सायकिल/स्कूटर से स्कूल नहीं आएं तथा 18 वर्ष से ऊपर के छात्र-छात्रायें वैध वाहन चालन लाईसेंस और हेलमेट के साथ ही वाहन चलाएं। इसी प्रकार स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाली वाहनों का सघन अभियान चलाकर जॉंच की जाए। श्री विज ने राज्य के बड़े शहरों के व्यस्ततम चौक-चौराहों को चिन्हित कर उच्च क्वालिटी के गुणवत्ता युक्त सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाये जाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे वाहनों के ओव्हर स्पीड, सिग्नल जंप तथा अपराध रोकने में सहायता मिलेगी।     राज्य की सड़कों पर निर्धारित गति सीमा को प्रदर्शित किये जाने हेतु संकेतक लगाये जाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त ओ. पी. पाल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक यातायात जितेन्द्र सिंह मीणा सहित स्वास्थ्य विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण विभाग एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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