4647 पेड़ों पर चलेगी कुल्हाड़ी…पर्यावरण प्रेमियों ने..कहा..पेड़ों को काटने से पहले हम पर चलेगी आरी

बिलासपुर— ग्रामीण और शहरी जीवन के साथ पर्यावरण प्रेमियों ने 4 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई का पुरजोर विरोध किया है। पर्यावरण प्रेमियों ने जिला प्रशासन को लिखित में बताया कि किसी भी सूरत में पेड़ नहीं कटने दिया जाएगा। हम जानते हैं कि पेड़ों के कटने से बिलासपुर कटघोरा मार्ग चौड़ा हो जाएगा। हमें रोज हो रहे हादसों की भी चिंता है। लेकिन चार हजार से अधिक पेड़ कट जाने से ना केवल पर्यावरण असंतुलित होगा..बल्कि सभी लोगों को भारी परेशानियों का सामना भी करना पड़ेगा। बेहतर होगा कि पेड़ को नुकसान पहुंंचाए बिना सड़क निर्माण को लेकर शासन नयी प्लानिंंग करे। पेड़ भी खड़े रहें और लोगों की परेशानियां भी दूर हो जाए।

                         कलेक्टर कार्यालय पहुंंचकर पर्यावरण प्रेमियों के साथ आम जनजीवन ने जिला प्रशासन को पेड़ बचाने की गुहार लगायी है। पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि बिलासपुर कटघोरा मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार सड़क चौड़ीकरण के दौरान करीब पांच हजार पेड़ों को मौत के घाट उतारा जाएगा।

                पर्यावरण प्रेमियों ने जिला प्रशासन को बताया कि लगातार तापमान बढ़ने की मुख्य वजह पेड़ों की अधाधुंध कटाई किया जाना है। पेड़ों के कटने से जलस्तर लगातार गिर रहा है। इसका सीधा असर पैदावार और जन जीवन पर पड़ रहा है। पेड़ों के कटने से मिट्टी की कसावट पर भी प्रभाव पड़ता है। प्रशासन को गुहार लगाने वालों ने बताया कि हाईकोर्ट,पेन्ड्री सड़क निर्माण के दौरान हजारों हजार पेड़ काटे गए। लेकिन मात्र साल भर के अन्दर सड़कें टूटने लगी हैं।

                        पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि पेड़ों को बचाते हुए भी सड़क निर्माण किया जा सकता है। शासन को अन्य उपायों के बारे में गंभीरता से सोचना होगा। चूंकि बिलासपुर-रतनपुर-कटघोरा मार्ग से कोयले और फ्लाई ऐश की बड़ी बड़ी गाडियों का परिवहन होता है। बेहतर होगा कि इनके लिए अलग से कारिडोर बनाया जाए। पुरानी सड़क को आम जनता के परिवहन के लिए रखा जाए। थोड़ा बहुत परिवर्तन को मजूर किया जा सकता है।

                 पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि यह सच है कि सड़क की चौड़ाई बढ़ने से आवागमन में आसानी होगी। हादसों पर नियंत्रण लगेगा। लेकिन ऐसा बिना पेड़ों को बिना काटे भी किया जा सकता है। पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ लगे पेड़ों से लगकर तीन-तीन मीटर की सर्विस रोड बनाया जा सकता है। सर्विस रोड का उपयोग दोपहिया,सायकल और पदयात्री कर सकेंगे। जबकि मुख्य सड़क से भारी वाहनों का आवागमन हो सकेगा।

                     पर्यावरण प्रेमियों ने पत्रकारों को बताया कि यदि पेड़ों को काटा जाता है तो उग्र प्रदर्शन करेंगे। पेड़ों पर कुल्हाड़ी और आरा चलाने से पहले शासन को उनके शरीर पर कुल्हाड़ी और आरा चलाना होगा।

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