लिपिकों न पहले ही दिन दिखाई ताकत..कार्यालयों में पसरा सन्नाटा…रोहित ने कहा..सरकार को मानना ही होगा

बिलासपुर—लिपिको ने अनिश्चितकालीन जंग का एलान कर दिया है। मुंगेली नाका स्थित ग्रीन गार्डन मैदान में जिले के हजारों लिपिकों ने सरकार के खिलाफ पहले दिन धरना प्रदर्शन किया। पहले ही दिन कलेक्टर कार्यालय समेत संयुक्त कार्यालय और अन्य आफिसों में लिपिकों के नहीं होने से सन्नाटा पसरा रहा। लिपिकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से सारे कार्यालयीन कामकाज पुूरी तर से ठप रहे।
                   छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गी शासकीय कर्मचारी संघ के आह्वावान पर आज सभी सरकारी काम काज प्रभावित हुए। प्रदेस समेत बिलासपुर में लिपिकों ने एकजुट होकर प्रदेश सरकार के खिलाफ अनिश्चितकालीन जंग का एलान कर दिया। हजारों लिपिकों ने मुंगेली नाका स्थित ग्रीम गार्डन मैदान में धरना प्रदर्शन किया। हाय-हाय के साथ सरकार के खिलाफ दिन भर नारेबाजी की। ग्रेड परिवर्तन को लेकर छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री रोहित तिवारी ने कहा कि जब तक सरकार लिपिकों के ग्रेड पेमेन्ट परिवर्तन की मांग को पूरा नहीं करती है। अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को नहीं रोका जाएगा।
दफ्तरों में पसरा सन्नाटा , अधिकारी भी नदारद
       छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर लिपिको की अनिश्चित कालीन हड़ताल का असर पहले दिन सरकारी कामकाज पर दिखाई दिया। कलेक्टर ,तहसील कार्यालय समेत क्म्पोजिट बिल्डिंग ,जल संशाधन पीएच ई वन विभाग ,लोक निर्माण विभाग ,रजिस्ट्री कार्यालय ,ट्रेजरी ,स्वास्थ विभाग समेत कमोबेश सभी जगह सन्नाटा पसरा रहा। जहां एक तरफ लिपिक दफ्तरों की जगह पंडाल मॆ नज़र आये। तो वही हाँफ टाईम के बाद कई विभाग के अधिकारी दफ्तरों से नदारद मिले।
           संगठन के प्रदेश महामंत्री रोहित तिवारी ने बताया कि सभी लिपिक साथी एकजुट हैं। प्रदेश में एक साथ 28 हजार से अधिक लिपिक साथी सरकारी कामकाज का बहिष्कार किया है। लिपिको को पुूरा विश्वास है कि सरकार को उनकी मांग के सामने झुकना ही होगा। सरकार हमारी माँग पूरी कर दे हम खुशी खुशी दफ्तरों मॆ लौट जायेंगे।
लिपिक क्या चाहते हैं
        संघ के प्रदेश महामंत्री रोहित तिवारी ने बताया की राजस्थान सरकार की तर्ज पर छग मॆ लिपिको का प्रारम्भिक वेतनमान 1900से 2400 किया जाए। इस बार हम किसी आश्वासन में नहीं फंसने वाले। जब तक छत्तीसगढ़ सरकार लिपिको का वेतनमान सुधार और  वर्तमान में जारी तीन स्तरीय उच्च समयमान वेतनमान के आदेश में संशोधन नहीं करती है। अनिश्चितकालीन हड़ताल से लौटने का सवाल ही नहीं उठता है। घोषणा के अनुसार चार स्तरीय पदोन्नति वेतनमान की दो सूत्रीय मांगो को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं। हमने चरण बद्ध आंदोलन कर शासन का कई बार ध्यान आकृष्ट किया। बावजूद इसके शासन की हठधर्मिता से मजबूर होकर हम आर पार की लड़ाई के लिए मैदान में उतर चुके हैं।
                 हड़ताल के विरोध करने वालो पर तिवारी ने कहा कि पहले भी लिपिक अस्मिता के खिलाफ जाने वालों को मुंह की खानी पड़ी है। इस बार भी ऐसेलोग मुंह की खाएंगे। आंदोलन पहले से मजबूर हुआ है। पिछले 26 और 27 जुलाई के आंदोलन की सफलता ऐसे लोगो के लिए सबक है। ,अनिश्चित कालीन आंदोलन को सफल बनाने और मांगो को पूरा करके सक्रिय मंच के लिपिक माक़ूल जवाब देंगे।
      रोहित ने बताया कि पहले ही दिन हड़ताल का असर सरकारी कामकाज पर पड़ा है। कलेक्टरेट ,तहसील कार्यालय वन विभाग जल संशाधन,पी डब्ल्यू डी ,राजस्व मंडल ,पी एच ई ,ट्रेजरी ,स्वस्थ ,सीम्स ,महिला बाल विकास ,पशु चिकित्सा ,शिक्षा विभाग ,कमिश्नर कार्यालय ,समेत तहसीलो के लिपिक  हड़ताल मॆ शामिल हुए।  कोटा ,तखतपुर ,मस्तुरी ,बिल्हा के लिपिकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल होकर एकता का परिचय दिया है। तिवारी ने बताया कि सरकार को झुकना ही होगा। क्योंकि चुनाव सिर पर है। यदि मांग पुरी नहीं होती है तो इसका प्रभाव चुनाव पर भी पड़ेगा।
     अनिश्चितकालीन अंदोलने में प्रमुख रूप से सुनील यादव ,वर्षा रानी चरण ,राखी कौशिक ,प्रदीप शर्मा प्रदीप तिवारी ,हेमंत बघेल , अशोक मेहता , शीला पिल्ले संतोषी ठाकुर ,पुष्पा श्रीवास्तव ,सूर्यप्रकाश कश्यप , हितेष वैष्णव ,प्रीति तिवारी ,रूपेश जेम्स , उमेश चक्रधारी ,चंद्र शेखर नौरके ,समेत बड़ी संख्या मॆ लिपिक कर्मचारी शामिल थे।

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