निगम पेट्रोल पम्प में डीजल घोटाला…कांग्रेसियों का आरोप..हर महीने 12 लाख की चोरी…कहा..करेंगे एफआईआर

    बिलासपुर– कांग्रेस नेताओं ने आज मुंगेली नाका स्थित निगम पेट्रोल पम्प का घेराव किया। कांग्रेस नेताओं ने पत्रकारों को बताया कि देर रात निश्चित दिन के अंतराल में निजी बस संचालकों को आधी कीमत में डीजल बेचा जाता है। इसकी खबर ऊपर से लेकर नीचे तक सभी को है। सारा खेल प्रेट्रोल पम्प प्रभारी प्रमील शर्मा की निगरानी में होता है। महीने के अन्त में चोरी और कटिंग के तेल से दस से 12 लाख रूपयों की अवैध कमाई होती है। बटवारा भी नीेचे से ऊपर तक होता है। यही कारण है कि घेराव के बाद भी कोई कुछ नहीं बोल रहा है।

                     नेता प्रतिपक्ष निगम शेख नजरूद्दीन, उप नेता तैय्यब हुसैन,पार्षद दल प्रवक्ता शैलेन्द्र की अगुवाई में आधा दर्जन से अधिक कांग्रेस पार्षदों ने निगम पेट्रोल पम्प का घेराव किया। करीब चार पांच घंटे तक कांग्रेसी पिछले 24 घंटे में डीजल बिक्री का हिसाब किताब मांंगते  रहे। लेकिन कर्मचारी हिसाब किताब देने से बचते रहे और कामयाब भी हुए। शेख नजरूद्दीन ने बताया कि निगम कर्मचारी हिसाब किताब दे ही नहीं सकते हैं। क्योंकि बीती रात  पोल खुल चुकी है।

डीजल चोरी करते पकड़ाए

             निगम नेता प्रतिपक्ष शेख नजरूद्दीन ने बताया कि बीती रात दोस्त के साथ मंगला चौक की तरफ आया था। करीब डेढ़ बजे रात निगम पेट्रोल पम्प पर 2500 क्षमता वाले टैंकर में तेल भरते पाया। तेल भरने वाले कर्मचारी ने अपना नाम जगत प्रसाद पटेल और हुकुम सिंह बताया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि प्रत्येक चार दिन में अतिरिक्त तेल पुष्पराज बस को दिया जाता है। पेट्रोल पम्प प्रभारी प्रमील शर्मा के आदेश पर हर चार दिन में 2000 लीटर से अधिक  डीजल आधी कीमत में देते हैं। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुष्पराज बस का मालिक भी पहुंच गया। बस मालिक अन्नु ने बताया कि हमारे पास निगम की पर्ची है। शेख नजरूद्दीन ने जब पर्ची मांगा तो बस मालिक एक हजार लीटर का पर्ची थमाकर पेट्रोल टैंकर लेकर फरार हो गया।

                                 नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मामले की जानकारी तत्काल इमरजेंसी सेवा 112 में दी। लेकिन कोई नहीं पहुंचा। सिविल लाइन में भी फोन लगाया…वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। पेट्रोल पम्प प्रभारी प्रमील शर्मा ने भी काल नहीं उठाया।

12 लाख रूपए प्रतिमाह का घोटाला 

                     निगम उप-नेता प्रतिपक्ष पार्षद तैय्यब हुसैन ने बताया कि पेट्रोल पम्प कर्मचारी जगत और हुकुम ने बताया कि हर चौथे दिन पेट्रोल पम्प से दो से ढाई हजार डीजल अवैध रूप से बेचा जाता है। पुष्पराज बस के अलावा अन्य लोग डीजल भरवाने देर रात आते हैं। पैसे का भुगतान प्रमील शर्मा को किया जाता है। क्योंकि देर रात दोनों कर्मरियों ने बताया कि प्रमील शर्मा के निर्देश पर टैंकर भरा जाता है।

                          तैय्यब के अनुसार पेट्रोल पम्प से हर महीेने 12 लाख का अवैध डीजल बेचा जाता है। एक तरफ निगम घाटे में है। दूसरी तरफ कर्मचारी 12 लाख रूपए का प्रतिमाह घोटाला कर रहे हैं। इतना बड़ा घोटाला छोटे कर्मचारियों के बस की नहीं है। घोटाले का पैसा नीचे से ऊपर तक जाता है। पहले भी तात्कालीन निगम आयुक्त रानू साहू ने प्रमील शर्मा को इसी प्रकार के मामले में पेट्रोल पम्प से हटाया ही नहीं बल्कि निलंबित भी किया था। बावजूद इसके निगम प्रशासन ने घोटालेबाज प्रमील शर्मा को रिटायर्ड होने के बाद दुबारा पेट्रोल पम्प का चार्ज दिया। जाहिर सी बात है कि घोटाले बाज निगम सरकार के अधिकारी और नेताओं को घोटालेबाज प्रमील शर्मा पसंद है।

करेंगे एफआईआर

                     शैलेन्द्र जायसवाल ने ने बताया कि पिछले चार घंटे से हिसाब किताब मांग रहे हैं। पेट्रोल पम्प मैनेजर पंकज त्रिपाठी ने बताया कि रूपए आ गए हैं। लेकिन रूपया या हिसाब किताब दिखाने से इंकार किया है। कभी चाभी नहीं होना बता रहा है तो कभी जानकारी नहीं होने की बात कह रहा है। इसलिए कांग्रेस पार्षदों का फैसला है कि निगम प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जाएगा। शैलेन्द्र के अनुसार पेट्रोल पम्प को निजी कंपनियों को किराये पर दिया जाना चाहिए। इससे निगम को एकमुश्त आय होगी। माली हालत भी सुधरेगी।

कैसे होती है डीजल की चोरी

                तैय्यब,नजरूद्दीन और शैलेन्द्र ने बताया कि निगम के कुल 130 गाड़ियां है। सभी की दिन में डीजल के लिए पर्ची कटती है। ड्रायवर कटी हुई पर्ची से पांच से दस लीटर कम डीजल लेता है। बाकी डीजल स्टाक में ही रहता है। जबकि रजिस्टर में पर्ची के अनुसार तेल दिया जाना दर्ज किया जाता है। हर चार दिन में बची 130 गाड़ियों से 2500 से अधिक डीजल की बचत होती है। यही बचत डीजल को देर रात निजी संचालकों को बेच दिया जाता है। जाहिर सी बात है कि नेक्सस बहुत बड़ा है। इतना बड़ा खेल बड़े अधिकारियों और भाजपा नेताओं के बिना संभव नहीं है। कटिंग के तेल से करीब 10-12 लाख रूपए की अवैध कमाई हो जाती है।

कर्मचारियों ने कहा सालों से चल रहा घोटाला

   देर रात पेट्रोल पम्प में ड्यूटी करने और तेल भरने वाले कर्मचारी जगत और हुकुम ने बताया कि यह काम पिछले एक डेढ़ साल से चल रहा है। पेट्रोल पम्प मैनेजर पंकज ने भी माना कि घोटाला लम्बे समय से चल रहा है। लेकिन पैसा प्रमील शर्मा लेते हैं। इससे हमारा कोई लेना देना नहीं।

युजीन तिर्की ने साधी चुप्पी…

                 पेट्रोल पम्प में मचे बवाल की जानकारी मिलने के बाद निगम उपायुक्त यूजीन तिर्की पहुंचे तो जरूर लेकिन उन्होने मुंह नहीं खोला। उनके सामने ही जगत,हुकुम सिंह और पंकज ने बताया कि डीजल घोटाला करना स्वीकार किया।

                पेट्रोल पम्प घेराव के दौरान शेख नजरूद्दीन,तैय्यब हुसैन और शैलेन्द्र जायसवाल के अलावा, वार्ड पार्षद एक चन्द्रप्रदीप वाजपेयी, काशी रात्रे,दीपांशु श्रीवास्तव,पंचराम सूर्यवंशी,समेत कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे। माहौल तनाव पूर्ण देख कर्मचारी फरार हो गए और पेट्रोल पम्प से तेल देना बंद कर दिया। बाद में पार्षदों के कहने पर पेट्रोल पम्प को चालू किया गया।

आयुक्त बोले- जाँच कराएंगे

इस संबंध में नगर निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि नगर निगम के पेट्रोल पम्प में इस तरह की अमियमितता का आरोप निराधार है। चूँकि जितना भी पेट्रोल – डीजल दिया जाता है, वह मीटर में भी दर्ज होता है । जिससे इस तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नजर नहीं आती। फिर भी अगर इस तरह की शिकायत आ रही है तो निगम के उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर इसकी जाँच कराई जाएगी । और पन्द्रह दिन के भीतर जाँच रिपोर्ट मंगाई जाएगी । अगर इसमें कई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *