Bilaspur:गांधी – शास्त्री जयंती पर कांग्रेस का मौन सत्याग्रह,लाठीचार्ज का किया विरोध

बिलासपुर।मंगलवार को काँग्रेस ने महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई और गांधी चौक में मौन धरना,मौन सत्याग्रह रैली कर लाठी चार्ज का  विरोध किया।कार्यक्रम को अनेक काँग्रेसजनो ने भी संबोधित किया और कहा कि महात्मा गाँधी जितना आजादी के आन्दोलन के समय आवश्यक थे उतना ही आज की परिस्थितियों में आवश्यक है।उस समय देश अंग्रेजों का गुलाम था।आज देश अंग्रेजी मानशिकता का गुलाम है। वर्तमान की केन्द्र सरकार अंग्रेजों की तरह ही विरोधियों को बर्दास्त करने को तयार नहीं है।लोकतांत्रिक मूल्यों का हास हो रहा है CBI एवं पुलिस का दुरुप्योग करते हुए विरोधियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किये जा रहे हैं।बिलासपुर कांग्रेस भवन में पुलिस घुसने एवं घुस के लाठी चार्ज करने की घटना जलिया वाला बाग जनरल डायर की याद दिलाती है।वर्तमान सरकार में बैठे लोग रामायण काल के कालनेमि राक्षस की याद दिलाते है जो राम नाम का दुसाला ओढ़ कर हनुमान जी को दिगभ्रमित करने का प्रयास किया उसी तरह आज भारती जनता पार्टी के लोग महात्मा गाँधी के नाम का दुसालाओढ़ कर जनता का दिगभ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं गाँधी नाम नही विचारधारा हैं। कांग्रेस तानाशाही नीतियों का विरोध गांधीवादी तरीके से करते रहेगी।

कार्यक्रम के संयोजक जफर अली ने गाँधी के जीवन पर प्रकाश डाला। चंद्रप्रकाश देवरस ने महात्मा गाँधी का प्रीय भजन वैष्णवजन … गा कर श्रद्धांजली व्यक्त किया।वरिष्ठ कांग्रेसी हरीश तिवारी, पूर्व विधायक देवचरण मधुकर, चिंतामन उतल्वार ने भी अपने विचार रखे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र बोलर ने की जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव, प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय महेश दुबे विशेष उपस्थित रहे।शहर कांग्रेस कमेटी शास्त्री स्कूल मैदान पहुंचकर लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजली दी और शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा की एक गरीब परिवार में जन्म ले कर कड़ी मेहनत कर शिक्षा अर्पित की स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लिया और देश के प्रधानमंत्री बने “जय जवान जय किसान” का नारा आज भी सब की जुबान पर है।

दुख का विषय है की शास्त्री जी प्रधानमंत्री के रूप में जिस जवान जिस किसान की चिंता कर रहे थे।वही जवान सीमा पर सरकार की गलत नीतियों के चलते रोज शहीद हो रहा है और किसान सरकार की गलत कृषि निति के कारण आत्म हत्या कर रहा है।मोदी सरकार में शास्त्री जी का नारा बदल गया है “मर जवान मर किसान“ इस अवसर पर सभी कांग्रेस के कार्यकर्ता स्कूल मैदान के उपस्थित थे।

जयंती के बाद गाँधी चौक पर ग्यारह बजे से एक बजे तक कांग्रेस जनों ने मौन धरना दिया।फिर एक बजे बजे गाँधी चौक से रैली निकाल कर देवकीनंदन चौक पहुंचे जहां राष्ट्र गान जन गण मन के साथ रैली समाप्त हुई | मौन धरना और रैली 18 सितम्बर को कांग्रेस भवन में घुस कर लाठी चार्ज की घटना के विरोध में हुई और लाठी चार्ज के बाद कांग्रेस द्वारा तीन मांगो घटना में दोषी अधिकारीयों के खिलाफ अपराध दर्ज करने, दोषी अधिकारीयों को बर्खास्त करने, उच्चन्यालय की न्यायधीश की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित कर जांच करने की मांग को ले कर था।

इन सभी कार्यक्रमों में शेख गफ्फार, राजेश पाण्डेय, अभय नारायण राय, एस.एल.रात्रे, सीमा पाण्डेय, सावित्री जैसवाल, सीमा सोनी, रीता मजुमदार, तैय्यब हुसैन, विनोद साहू, चन्द्र प्रकाश देवरस, हरीश तिवारी, देवचरण मधुकर(पूर्व विधायक) ओत्तलवार जी, शिवा मिश्रा, एस.पी.चतुर्वेदी, किशोरी लाल गुप्ता, शिवा मुदलियार, शेखर मुदलियार, राजेश शुक्ला, श्रीमति आशा सिंह, ऋषि पाण्डेय, एस.डी.कार्टर, जुगल गोयल, राजू खटिक, अब्दुल खान, राजा व्यास, कमलेश दूबे, आर.के तिवारी, मो.हाफिज कुरैशी, डॉ.तरु तिवारी, सुभाष ठाकुर, नसीर खान, श्रीमति इंदु साहू, उमेश कश्यप, हर्ष परिहार, सुरेश गेंदले, मनीराम साहू, रोशन लाल, अमटा पाटले, संजय पंत, अजय पंत, उमेश मौर्य, एन.शेखर कुमार, दीपांशु श्रीवास्तव, कुंदन राव कामले, महेश, अशोक कुमार गोंड, प्रेमदास मानिकपुरी, फिरोज खान, केशव गोरख, गणेश रजक, चन्द्र प्रदीप बाजपेयी, जगन्नाथ प्रसाद लहरे, वीरेंद्र सारथी, रामू साहू, अजय साहू, रामप्रसाद ध्रुव, संतोष पीपलव, भरत जुर्यानी, विरुपम चक्रवर्ती, आबीद अली, सै.इमरान, संजय यादव, कमलकांत देवांगन, जुगल गोयल, शैलेन्द्र जैसवाल, राकेश सिंह, त्रिवेणी भोई, प्रीति गढ़ेवाल, जसबीर गुम्बर, मोहन गोले, बबलू गोस्वामी, संदीप बाजपेयी, अर्जुन सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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