पूर्व मंत्री लालजी ने कहा- न दरार..न तकरार…गंठबंधन से प्रदेश को संजीवनी…सुप्रीमों की सभा में आएंगे 5लाख लोग

बिलासपुर— उत्तरप्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष बसपा नेता ने कहा कि गठबंधन से छत्तीसगढ़ को संजीवनी मिली है। गठबंधन में ना तो बाहर से दरार है और ना ही अन्दर तकरार है। चुनाव के बाद बसपा और जनता कांग्रेस की सरकार बनेगी। प्रदेश की जनता भाजपा और कांग्रेस दोनों से ही थक चुकी है। दोनो पार्टियां एक ही हैं। लालजी वर्मा ने कहा कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन का सवाल ही नहीं उठता है। वे लोग 9 सीट लड़ें या 90 पर हमसे कोई मतलब नहीं है।

             उत्तरप्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजी वर्मा आज प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे। उन्होने पत्रकारों से कहा कि 13 अक्टूबर को बिलासपुर में जनता कांग्रेस और बसपा की संयुक्त एतिहासिक रैली होगी। बहन मायावती और जनता कांग्रेस प्रमुख ऐतिहासिक रैली को संबोधित करेंगे। आज रैली की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक हुई। पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

                            एक सवाल के जवाब में लालजी वर्मा ने कहा कि गठबंधन में कहीं दरार नहीं है। और दरार आने देंगे। हमारी पार्टी में कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान किया जाता है। गठबंधन को लेकर हमारी पार्टी में किसी प्रकार का मतभेद नहीं है..मनभेद होने का सवाल ही नहीं उठता है। कार्यकर्ताओं की इच्छाएं होती है..उनके विचार भी होते हैं। लेकिन सीट अल्टी पल्टी या चुनाव प्रत्याशी का फैसला बहन मायावती को करना है। वहीं सर्वमान्य निर्णय होगा।

            जनता कांग्रेस कार्यकर्ता मस्तूरी,जैजेपुर,नवागढ़ या चन्द्रपुर समेत कई जगहों पर बसपा गठबंधन का विरोध कर रहे हैं। एलान किया है कि बसपा मंच साझा नहीं करेंगे। प्रचार भी नहीं करेंगे। लालजी वर्मा ने कहा कि सारी बातें झूठी और निरर्थक है। लोगों ने अफवाह उड़ाया है।

         गठबंधन से किसे संजीवनी मिली है के सवाल पर लालजी वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महान जनता को संजीवनी मिली है। प्रदेश की जनता कांग्रेस और भाजपा से थक चुकी है। प्रदेश में अराकता का माहौल है। उन्होने कितनी सीट मिलेगी के सवाल पर कहा कि जनता कांग्रेस और बसपा की सरकार बनेगी। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने गठबंधन से इंकार कर दिया है के सवाल पर उत्तरप्रदेश के नेता ने बताया कि गठबंधन में गोंगपा है ही नहीं। बेहतर होगा कि यह सवाल उन्हीं से पूछा जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *