शराबी को सलाह देना पड़ा भारी..पुलिस कप्तान ने 2 थानेदारों को किया अटैच…कहा आयोग के निर्देशों का हुआ पालन

बिलासपुर—शिकायत के बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस कप्तान आरिफ शेख ने पेन्ड्रा और गौरेला टीआई को चुनाव कार्य से हटा दिया है। दोनों पर आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी के लिए मतदाताओं को वोट डालने के लिए कहा। वरिष्ठ पुलिस कप्तान ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश का पालन करते हुए थानेदारों को चुनाव कार्य से पृथक कर लाइन हाजिर कर दिया गया है।
                           सेमरा और धनौली में पीठासीन और पी-3 अधिकारी को चुनाव से पृथक करने के बाद दोपहर बाद चुनाव आयोग के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस कप्तान ने पेन्ड्रा और गौरेला थानेदार को चुनाव कार्य से अलग कर दिया है। थानेदार को लाइन हाजिर किया गया है।
       जानकारी के अनुसार गौरेला में मतदान के दौरान शराब के नशे में मदमस्त एक शराबी के कारण थानेदार को सजा मिली है। दरअसल शराबी युवक ने मतदान के दौरान पूछा कि कौन सा बटन दबाऊ। बार बार पूछे जाने पर गौरेला टीआई राजकुमार सोनी ने मजाकिया अंंदाज में कहा कि जो भी बटन दबाना हो दबा दे। इसके बाद राजकुमार ने हसंते हुए कहा कि इच्छा हो तो एक नम्बर वाला बटन ही दबा दे।
                      फिर क्या था इतना सुनते ही जोगी कांग्रेस के एजेन्टों ने जानकारी हाईकमान तक पहुंचा दी। बड़े नेताओं के इशारे पर जोगी कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं ने आनन फानन में चुनाव अधिकारी के शिकायत पेश कर दी। मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस कप्तान आरिफ शेख तक पहुंची। उन्होने चुनाव आयोग के निर्देश पर तत्काल गौरेला पेन्ड्रा थानेदार को चुनाव कार्य से पृथक कर दिया। इतना ही नहीं आरिफ शेख ने थानेदार को लाइन हाजिर कर दिया ।

पेंड्रा टीआई पर भी कार्रवाई

       जानकारी मिली कि एसपी आरिफ शेख ने पेंड्रा टीआई अमित पाटले को भी लाइन हाजिर किया है। जानकारी के अनुसार अमित पाटले जांजगीर सांसद कमला देवी पाटले के पुत्र हैं। मामले की जानकारी और शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ने चुनाव आयोग के निर्देश पर पाटले को निर्वाचन से अलग कर लाइन बुला दिया। अमित पाटले की जगह पुलिस कप्तान ने तत्काल प्रदीप आर्य को पेंड्रा टीआई को थाने की जिम्मेदारी दी है।

आयोग के निर्देशों का पालन

                 मामले में वरिष्ठ पुलिस कप्तान आरिफ शेख ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर दोनों थानेदारों को चुनाव से अलग किया गया है। गौरेला थानेदार की शिकायत थी कि उन्होने मतदाता को भाजपा कों वोट देने को कहा। इसी तरह पेन्ड्रा थानेदार को भाजपा नेता से रिश्तेदारी के चलते शिकायत पर आयोग ने हटाने को कहा। आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए दोनों थानेदारों को चुनाव गतिविधियों से हटाकर लाइन में रखा गया है।

loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...