तोरवा पुलिस ने ड्रायवर को किया लहु लुहान…बस चालक का बयान…जवानों को छोड़ने गया था सूरजपुर…रूपए भी लूट लिए

बिलसापुर— तोरवा पुलिस ने चुनावी अभियान में शामिल बस ड्रायवर को इतना पीटा कि उसका ना केवल सिर फूटा..बल्कि हाथ पैर को भी लहुलुहान कर दिया। नागपुर के ड्रायवर ने स्थानीय वाहन चालक एसोसिएशन के सहयोग से कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। एसोसिएशन ने बिलासपुर पुलिस की कार्रवाई को शर्मिन्दा करने वाला बताया है।

न्याय की मांग…किया प्रदर्शन

                   आज बिलासपुर वाहन चालक एसोसिएशन ने बिलासपुर तोरवा पुलिस के खिलाफ एसपी और कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। वाहन चालक एसोसिएशन प्रमुख उमेश  सिंह ने बताया कि चुनावी अभियान में शामिल बस चालक को तोरवा पुलिस ने रात्रि को जमकर पीटा। ड्रायवर नागपुर का रहने वाला है। बीती रात वह खाली बस लेकर सूरजपुर से रायपुर जा रहा था। इसी दौरान तोरवा थाना क्षेत्र में अधिक भीड़ होने के कारण ड्रायवर ने बस रोक दिया। इतने में तोरवा पुलिस पहुंची। ड्रायवर मिथलेश को बिना किसी पूछताछ के मारना पीटना शुरू कर दिया। सुबह तक थाने में बैठाकर रखा। जब मालूम हुआ कि ड्रायवर चुनावी गाड़ी लेकर रायपुर जा रहा है तो उसे पहले बहलाया फुसलाया। इसके बाद खाना खिलाकर सीधे रायपुर जाने को कहा। लेकिन ड्रायवर मिथलेश ने उनसे सम्पर्क कर न्याय की मांग की। आज हम लोग जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस कप्तान से न्याय की गुहार लगाने आए हैं। उमेंश सिंह ने कहा कि ऐसे गैर जिम्मेदार और लापरवाह पुलिस आरक्षक को निलंबित किया जाए।

सिर फोड़ा..रूपया छीना

                      पीड़ित मिथलेश सिंह ने बताया कि वह नागपुर की गाड़ी चलाता है। चुनाव अभियान में हमे बस लेकर रायपुर भेजा गया। रायपुर से शासन के निर्देश पर जवानो को बस से जगदलपुर ले गया। इसके बाद जगदलपुर से जवानों को चुनावी ड्यूटी में सूरजपुर छोड़ा। सूरजपुर से कल रायपुर निकला। बिलासपुर करीब रात्रि 9 बजे पहुंचा। रास्ता भटक गया। तोरवा थाना क्षेत्र के एक ऊर्दू स्कूल मैदान में बस को खड़ा कर नो इंट्री का इंतजार करने लगा। क्योंकि उस समय सड़क पर बहुत भीड़ थी।

                     बस खड़ी करने के कुछ देर बाद ही पुलिस के जवान आए। पूछताछ करने लगे। बताने के बाद उन्होने मारना पीटना शुरू कर दिया। कहने लगे कि यहां बस क्यों लाया। थाना लाकर लाकअप के अन्दर पीटा। सिर फोड़ दिया। हाथ पैर को लहुलुहान कर दिया। और जेब में रखे 1900 रूपए भी लूट लिए। जब मालूम हुआ कि वह चुनाव अभियान से जुड़ा है। शासन की अनुमति से बस को संचालित किया जा रहा है।

धमका कर कहा..रायपुर निकलो

                              इसके बाद उसे डराया धमकाया गया। और खाना खिलाने के बाद तोरवा पुलिस ने कहा कि अब सीधे रायपुर निकल जाए। इसके बाद मैं कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। स्थानीय संगठन को अाप बीती सुनाई। अब हम चाहते हैं कि जानबूझकर मारपीट करने वाले और चुनावी अभियान को पलीता लगाने वाले आरक्षक के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करे। उसे तत्काल निलंबित किया जाए।

Comments

  1. By देवकुमार पारकर

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *