Bilaspur-पद्मश्री पंडित श्यामलाल नहीं रहे..शुक्रवार सुबह ली अंतिम सांस..बिलासपुर ने खोया बहुमुखी प्रतिभा का धनी लाड़ला सपूत

बिलासपुर— पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी अब इस दुनिया में नहीं रहे। शुक्रवार की सुबह एक निजी अस्पताल में उन्होने अंतिम सांस ली। पंडित श्यामलाल के खोने से पूरा बिलासपुर स्तब्ध है। पिछले कुछ दिनों पद्मश्री श्यामलाल वेंटीलेटर पर थे। आज सुबह उन्होेने करीब आठ बजकर 40 अंतिम ली है। पंडित श्यामलाल के आकस्मिक निधन से साहित्य और पत्रकार जगत को गहरा सदमा पहुंचा है।छत्तीसगढ़ के प्राख्यात साहित्यकार और राजभाषा आयोग के पहले अध्यक्ष पद्मश्री पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी अब इस दुनिया में नहीं रहे। प्रख्यात पत्रकार पंडित श्यामलाल ने शुक्रवार को एक निजी अस्पताल में आठ बजकर चालिस मिनट पर अंंतिम सांस ली है।

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उस समय परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। पंडित श्यामलाल 94 साल के थे। अभी करीब एक साल के अन्दर भारत सरकार ने पंडित श्यामलाल को दरबार हाल नई दिल्ली में दीर्घ साहित्य साधना और पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया था।

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परिवार के सदस्यों ने बताया कि पंडित श्यामलाल का पिछले एक महीने से पहले बिलासपुर फिर रायपुर में इलाज चल रहा था। एक सप्ताह पहले उनका इलाज बिलासपुर में निजी चिकित्सा संस्थान में चल रहा था। पंडित श्यामलाल वेंटीलेटर पर थे। लगातार स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की जा रही थी। आज सुबह 8 बजकर 40 मिनट पर अंतिम सांंस ली। परिवार के सदस्यों से अभी तक जानकारी नहीं मिल सकी है कि उनका अंतिम संस्कार कब होगा। फिलहाल पूरा परिवार गमगीन है।

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