पंचतत्व में विलीन हुए पद्मश्री श्यामलाल…प्रशासन और गणमान्य लोगों ने दी अंतिम विदाई…कहा..प्रदेश को अपूरणीय क्षति

बिलासपुर—पद्मश्री पंडित श्यामलाल पंचतत्व में विलीन हो गए। इसके पहले पद्मश्री का विधि विधान से अंतिम यात्रा निकली। शव यात्रा में शहर के गणमान्य लोग शामिल होकर पंडित श्यामलाल को अश्रुपूरित श्रद्धांजली भेंट की। जिला और पुलिस प्रशासन की तरफ से पंडित श्यामलाल के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर नमन् किया। सभी लोगों ने पद्मश्री को बहुमुखी प्रतिभा के धनी और सच्चा इंसान बताया। सरकण्डा मुक्तिधाम में उनके ज्येष्ठ पुत्र शशिकांत चतुर्वेदी ने मुखाग्नी दी। शोक सभा में बेनी गुप्ता,किशोर राय,अटल श्रीवास्तव,काशीनाथ घोरे,विनय पाठक,विपुल गुप्ता ने पद्मश्री के योगदान को याद किया।
जिला प्रशासन ने दी श्रद्धांजली
               वरिष्ठ साहित्यकारए पत्रकार और छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग अध्यक्ष रहे पद्मश्री पंडित श्याम लाल चतुर्वेदी का सुबह निजी अस्पताल में निधन हो गया।  स्वर्गीय चतुर्वेदी की अंत्येष्टि में राज्य शासन और जिला प्रशासन की तरफ से अपर कलेक्टर बिलासपुर बी एस उइके और एसडीएम देवेंद्र पटेल ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजली दी।
कांग्रेसियों ने दी श्रद्धांजली
                     अटल श्रीवास्तव,कहा कि पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी के रूप में हमने साहित्यकार,पत्रकार,शिक्षाविद,खो दिया । उनका जाना छत्तीसगढ़ की अपूरणीय क्षति है । अंतिम यात्रा में शामिल होकर कांग्रेसियों ने पद्मश्री के योगदान को याद किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद पंडित श्यामलाल को राजभाषा आयोग का पहला अध्यक्ष बनाया गया। पद्मश्री के अलावा उन्हें राज्य शासन से कई पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया। चतुर्वेदी जी अग्रिम पंक्ति के उन नेताओं में शामिल थे ,जिन्होंने पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना देखा था । सरकारें उनके बताए मार्ग पर चले।
                                        शोक सभा मे प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव,ज़िला अध्यक्ष विजय केशरवानी,शहर अध्यक्ष नरेंद्र बोलर,विजय पांडेय,प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय,शैलेष पांडेय,पंकज सिंह,महेश दुबे,शिव प्रताप साव,शिवा मिश्रा,ऋषि पांडेय,शैलेन्द्र जयसवल,अनिल सिंह चौहान,मोनू अवस्थी,बबलू पूरी गोस्वामी,वैभव तिवारी मौजूद थे।
आप नेताओं ने किया याद
                          जसबीर सिंह चावला, अरविन्द पाण्डेय समेत अन्य आप नेताओं ने पंडित श्यामलाल को श्रद्धांजली दी। दोनों नेताओं ने कहा श्यामलाल चतुर्वेदी का मतलब बिलासपुर की पहचान। आज हमारे शहर को श्यामलाल जी के प्रयास से अलग पहचान मिली है। बिलासपुर को देश में नाम दिया है। उनका हमारे बीच से जाना दुखद है। हम आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। उनके योगदान को दिल में चिरस्थायी बनाकर रखेंगे।
पत्रकार जगत ने किया याद
                           बेनी गुप्ता और विपुल गुप्ता ने कहा कि पत्रकार,संगीतकार,नेता,शिक्षविद क्या नहीं थे पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी। उन्हें हम आज भी अपनी बीच होना महसूस कर रहे हैं। उनकी सहजता ने सबका दिल जीता है। सबको सम्मान दिया। और सबने उन्हें अपना माना। दुखद है कि पंडित श्यामलाल जी आज हमारे बीच नहीं है। स्थान को भरना नामुमकिन है।
महापौर ने कहा..स्तब्ध हूं
                मेयर किशोर राय ने कहा पद्मश्री का आकस्मिक जाने की खबर से स्तब्ध हूं। उनकी सहजता..बेबाकीपन, मिलनसारिता..विषयों का ज्ञान बहुत कम लोगों के नसीब में है। बिलासपुर की पहचान पंडित श्यामलाल के स्थान को भरना नामुमकि है।
बेनी गुप्ता ने कहा…आध्यात्म के ज्ञाता
                    बेनी गुप्ता ने कहा…पंडित श्यामलाल आध्यात्म जगत के अच्छे जानकार और दखल रखने वालों में थे। स्वामी शारदान्द महराज से उनका हमेशा सानिध्य रहा। कई विषयों पर उनकी चर्चा होती थी। एक एक बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा होती थी। पंडित श्यामलाल के जाने से अधूरापन महसूस कर रहा हूं। उनका प्यार हमेशा मिला।

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