भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री बने,विधायक दल की बैठक में हुआ एलान

रायपुर। पिछले 4 साल से छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष पद संभाल रहे भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री होंगे। राजधानी में रविवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस पर मुहर लगाई गई, बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया और एआईसीसी के पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है और कांग्रेस के एक नए युग की शुरुआत हो गई है।(cgwall.com के व्हाट्सएप्प ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे)

इसके पहले छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन में सभी दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई ।जिसमें भूपेश बघेल के नाम की औपचारिक घोषणा की गई।

छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जन्म 23 अगस्त 1961 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग छत्तीसगढ़ में हुआ। पिछले करीब 4 साल से कांग्रेस प्रदेश कमेटी के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे भूपेश बघेल कुर्मी क्षत्रिय परिवार से हैं। उन्हें बचपन से ही, राजनीति में बहुत रुचि थी इसलिए बड़े होकर उन्होंने राजनीति में कीर्तिमान का परचम लहराया।

भूपेश बघेल ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत गुरु चंदूलाल चंद्रकर के मार्गदर्शन में की थी। साल 1980 के दशक से वह उनसे राजनीति के गुर सीखते रहे और साल 1985 में भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) में शामिल हो गए। इसके बाद वह दुर्ग जिले के अध्यक्ष बने। फिर वह 1994 में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने जिसके बाद उन्हें राजनीति में अलग पहचान मिली।

भूपेश बघेल की गिनती अब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में होती है। बघेल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैबिनेट मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के किसान परिवार से आते हैं ।हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान एक किसान के खलिहान में धान की बिजाई के दौरान हाथ बटा कर उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी थी । सियासत के मैदान में अपनी साफगोई और कड़क पन की वजह से भी उनकी पहचान होती रही है । वे तेज तर्रार नेता के रूप में जाने जाते हैं ।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद जिस तरह से उन्होंने किसानों, बेरोजगारों, शिक्षाकर्मियों ,सरकारी कर्मचारियों आदि इससे जुड़े आंदोलनों में सड़क पर आकर संघर्ष किया उससे भी उनकी अलग पहचान बनी ।अब प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के रूप में उनकी भूमिका होगी ।देखना होगा कि वे नई सरकार के सामने पेश आ रही चुनौतियों का किस तरह सामना करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *