शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर संविलियन,क्रमोन्नति,वेतन विसंगति व पुराने पेंशन बहाली आदि मांगो पर सौंपा ज्ञापन

बालोद।छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ जिला इकाई बालोद और ब्लाक संघ गुंडरदेही के पदाधिकारियो ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बालोद जिले के गुंडरदेही में आयोजित जिला स्तरीय संत गुरु घसीदास जयंती समारोह में भव्य स्वागत किया और घोषणा पत्र में शामिल शिक्षको के 2 वर्ष में संविलियन,क्रमोन्नति, पदोन्नति व पुराने पेंशन बहाली के संबंध में मांग पत्र सौपा।प्रतिनिधि मंड़ल में के पी साहू जिला उपाध्यक्ष,ब्लॉक उपाध्यक्ष त्रय ढाल सिंह राज,मधुमाला कौशल,किशोर साहू,ब्लॉक सचिव संदीप जोशी, कोषाध्यक्ष पूर्णेन्द्र धनकर,प्रवक्ता पवन जोशी,पुष्पा चौधरी जिला पदाधिकारी,कमल जोशी,शैलेंद्री जोशी,देवलाल कुर्रे,ज्योति तिवारी, सुरेश सेन, संजय जोशी आदि शामिल थे ।(cgwall.com के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे)

वहीं संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप साहू एवं प्रांतीय सहसचिव प्रदीप साहू ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के पहले जारी जन घोषणा पत्र 2018 में दो वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके समस्त शिक्षाकर्मियों का संविलियन करने, पदोन्नति से वंचित शिक्षाकर्मियों को क्रमोन्नत वेतनमान देने, सभी लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का तत्काल निराकरण करने, सीपीएफ पर विचार कर 2004 के पूर्व जो पेंशन योजना थी उसे वापस लागू करने के लिए कार्रवाई करने का स्पष्ट उल्लेख किया है।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि हमें नवगठित सरकार से अपेक्षा है कि जन घोषणा पत्र में शामिल शिक्षाकर्मियों से संबंधित मुद्दे पर शीघ्र निर्णय किया जाएगा। संघ ने उम्मीद जताई है कि अब चूंकि जन घोषणा पत्र मे कर्मचारियो से संबंधित विषयो पर अधिकारियो के बीच मुख्य सचिव द्वारा सभी विभागीय अधिकारियो के साथ बैठक भी कर ली गई है,,अतः अब शीघ्र कार्रवाई की जाएगी ।

छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ ने नवगठित प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट की पहली ही बैठक में किसानों के लिए किए गए वादों को पूरा करने का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों के तर्ज पर अब प्रदेश सरकार प्रदेश के सबसे बड़े कर्मचारी व शिक्षक संवर्ग अर्थात शिक्षाकर्मियों के लिए किए गए वादों को पूरा करें।

लगभग डेढ़ लाख शिक्षाकर्मियों व दस लाख परिजनों की निगाहें सरकार पर टिकी है। प्रदेश में कार्यरत डेढ़ लाख शिक्षाकर्मियों में से लगभग चालीस हजार शिक्षाकर्मी संविलियन से वंचित हैं। इसके साथ ही सही वेतन निर्धारण नहीं होने व क्रमोन्नति का लाभ नहीं दिए जाने से शिक्षकर्मियों को वेतन विसंगति का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेशभर में ढाई हजार से अधिक मृत शिक्षाकर्मियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार है। इसके अलावा सेवानिवृत्ति के कगार पर पड़े सैकड़ों शिक्षाकर्मियों को पेंशन की पात्रता नहीं होने के कारण भविष्य की चिंता सता रही है। प्रदेश कांग्रेस ने जन घोषणा पत्र 2018 में इन सभी मुद्दों के समाधान का वादा किया है।

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