बढ़ गया कोयला माफिया का मन…गुर्गों से सहायक प्रबंधक को पिटवाया…पुलिस का दावा…किसी को नहीं छोड़ा जाएगा

  बिलासपुर—-तीन चार दिन पहले कोयला दलाल के इशारे पर भाड़े के गुण्डों ने इस्पात कम्पनी प्रबधक को जमकर पीटा। पुलिस कप्तान के निर्देश पर प्रबंधक से मारपीट करने वाले सातों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। बताया जा रहा है कि मास्टर माइंड अब भी फरार है। पुलिस का दावा है कि घटनाक्रम के पीछे फरार आरोपी का यदि हाथ है तो उसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया जाएगा।
                          माालूम हो कि 4 जनवरी को बिलासपुर जिले के रतनपुर और हिर्री थाना क्षेत्र में कोयला दलाल के इशारे भाड़े के गुण्डों ने तीन अलग अलग स्थान पर एसकेएस कम्पनी प्रबंंधको निशाना बनाया। शिकायत के बाद मारपीट के सभी सातों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। पुलिस का दावा है कि यदि  पूछताछ के बाद घटनाक्रम के पीछे के कोई मास्टर माइंड होगा तो उसे भी पकड़ा जाएगा।
              सूत्रों की माने तो घटनाक्रम के पीछे एक ऐसे कोयला माफिया का हाथ है जो बेलतरा से बैतलपुर तक कोयला चोरी का अवैध साम्राज्य फैलाने का सपना देखता है। पहले वह रेत माफिया हुआ करता था। करीब दस महीने पहले बाहर से आकर स्थानीय कोल व्यापारियों पर दबाब बनाकर पांच कोल डिपो पर कब्जा कर लिया। अब भी वह अन्य कोलडिपो संचालकों पर दबाव बनाकर व्यापार को दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ा रहा है। रसूख, पुलिस की धौंस और मारपीट के सहारे लोगों को निशाना बना रहा है। 
                रसूखदार कोयला माफिया का मुंगेली में दो और बिलासपुर जिले की सीमा में तीन कोल डिपो का संचालन होता है। पूरी रात कोयला कम्पनियों की गाड़ियों से कोयला की कोयला चोरी करता है। जो ड्रायवर कोयला देने से मना करता है कोयला माफिया मारपीट करने से बाज नहीं आता है। इस प्रकार की शिकायत कई बार सामने आ चुकी है।
                          समय पर कार्रवाई नहीं होने से ताजा मारपीट का मामला चार जनवरी को प्रकाश में आया । बाहरी कोयला व्यापारी के इशारे पर कोयला चोरों ने रायपुर स्थित एसकेएस इस्पात एण्ड पावर लिमिटेड के प्रबंधक को जमकर पीटा। कोयला चोरों ने प्रबंधक अजय शर्मा को पहले हिर्री थाना क्षेत्र,फिर खण्डोबा मंदिर और बाद में ओमसाँई ढाबा के पास पीटा।\
आरोपी पुराना रेत माफिया…अब बन गया कोयला किंग

            एसकेएस इस्पात संयत्र के सहायक प्रबंधक ने बताया कि कम्पनी ने हमें कोयला चोरी पर नजर रखने को कहा था। साथियों के साथ गाड़ियों की चेकिग कर रहे थे। इसी बीच 8-10 लोगो ने जानलेवा हमला कर दिया। मामले की शिकायत पुलिस से की है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक व्यवसायी ने बताया कि मारपीट के पीछे बाहरी कोल माफिया का ही हाथ है। जो पहले

मध्यप्रदेश में रेत चोरी का धंधा करता था। पुलिस की डर से आजकल मुंगेली और बिलासपुर में दबंंगई के साथ कोयला की चोरी कर रहा है। क्योंकि उस पर अधिकारियों का जमकर आशीर्वाद बरस रहा है।

सात आरोपी पकड़ाए
                          पुलिस कप्तान मीणा के सख्त आदेश पर मारपीट करने वाले सातों आरोपी को फिलहाल पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस की माने तो मारपीट करने वाले सभी आरोपी बाहरी कोल माफिया के गुर्गे हैं। पकड़े गए गुर्गों का नाम गजेन्द्र कश्यप,पिता शिव सहाय उम्र 43 साल। सचिन कश्यप पिता ईश्वर कश्यप उम्र 32 साल। अर्जुन वर्मा पिता चन्द्रप्रकाश वर्मा उम्र 18 साल। राकेश खैरवार पिता राजेन्द्र खैरवार उम्र 32 साल। मुकेश कश्यप पिता मनहर लाल कश्यप उम्र 26 साल। राम प्रकाश गन्धर्व पिता बसंत गंधर्व उम्र 21 साल और अजय कुमार साहू पिता सीतराम साहू उम्र 17 साल है। जानकारी के अनुसार पहले तो गजेन्द्र को पूछताछ के बाद रतनपुर पुलिस ने छोड दिया था। लेकिन दबाव बनने के बाद उसे भी धारा 379,294,504,341 और 34 के गिरफ्तार किया गया है।
पांच जगह कोयला चोरी का कारोबार..
                  जानकारी के अनुसार पुराने रेत माफिया और अब कोयला माफिया बने तड़ीपार का मात्र दस महीने के अन्दर मुंगेली और बिलासपुर क्षेत्र में पांच से अधिक कोयला डिपो पर कब्जा है। मुंगेली पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों को अच्छी तरह से मालूम है कि अमरजीत का कोयला डिपो कौन चला रहा है। इसके अलावा एक अन्य कोल डिपो भी है। जानकारी और शिकायत के बाद भी  मुंगेली पुलिस ने इन दोनों डिपो में कभी कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। उल्टा शिकायत के बाद दूसरे कोल डिपो को निशाना बनाया।
              इसी तरह तथाकथित तड़ीपार कोयला माफिया मोहदा मोड़, रतनपुर स्थित कश्यप और मां तारा कोल डिपो का संचालन करता है। रतनपुर और बिल्हा पुलिस को इसकी जानकारी अच्छी तरह से है। मजाल है इन कोल डिपो पर कभी कार्रवाई हो। जब कोई शिकायत करने जाता है तो शिकायतकर्ता पर ही पुलिस  आरोप मढ़ देती है।
कार्रवाई नहीं होने से बढ़ गया मन
             दबी जुबान में कहने वालों ने अब खुलेआम बोलना शुरू कर दिया है कि यदि इन्दौर के कोयला माफिया पर मुंगेली और बिलासपुर पुलिस के साथ माइनिंग विभाग ने कार्रवाई की होती तो एस.के.एस.इस्पात एण्ड पावर लिमिटेड के सहायक उप प्रबंधक पर हमला नहीं होता। खासकर मुंगेली पुलिस की तथाकथित कोयला माफिया पर विशेष कृपा लोगों को समझ से परे है।
किसी को नहीं छोड़ा जाएगा।
              एडिश्नल एसपी अर्चना झा ने बताया कि समय समय पर कोयला डिपो संचालकों पर छापामार कार्रवाई होती है। कुछ गलत होने पर एक्शन लिया जाता है। सहायक प्रबंधक की शिकायत पर अपराध दर्ज करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सातों से पूछताछ भी हो रही है। यदि मारपीट के पीछे किसी कोयला माफिया का हाथ होगा तो उसे भी नहीं छोड़ा जाएगा। चाहे वह कितना भी रसूख वाला क्यों ना हो। फिलहाल सख्त कदम उठाने से पहले पकड़े गए आरोपियों से विस्तार से जानकारी ली जाएगी। यदि घटना के पीछे स्थानीय या बाहरी ही मास्टर माइंड का होना पाया गया तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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