Bilaspur-मिला अनुभव और काम का भरपूर खजाना…सौमिल रंजन ने बताया-नगर विकास का बन गया साक्षी

बिलासपुर—आयुक्त नगर पालिक निगम सौमिल रंजन का पौने तीन साल बाद स्थानांतरण हो गया। सरकार ने अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य शहरी विकास अभिकरण की दी है। अब सौमिल रंजन रायपुर में अपनी सेवाएं देंगे। उन्होने बताया कि बिलासपुर में लगभग पौने तीन साल का कार्यकाल काफी अनुभव और कुछ कर गुजरने वाला था। अपने शहर का सेवा करने का मौका मिला। मुझे इन पौने तीन सालों में किए गए कार्यों लेकर खुशी है। मैं अपने साथ अनुभव और नगर विकास का नया स्वरूप लेकर रायपुर जा रहा हूं।सौमिल रंजन ने बताया कि शासन के आदेशानुसार मुझे अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य शहरी विकास अभिकरण की दी गयी है। निश्चित रूप से यह नई और चुनौती पूर्ण ज़िम्मेदारी है। इस ज़िम्मेदारी को मैंने पूर्व में भी निर्वहन किया है। लेकिन इस बार मैं प्रत्यक्ष रूप से बिलासपुर के शहरी विकास का साक्षी बन अनेक पहलुओं का अनुभव लेकर जा रहा हूँ। निश्चित रूप भविष्य में शहरी विकास की नीति के बेहतर निर्धारण और क्रियान्वयन में मददगार और लाभदायक होगा। सीजीवालडॉटकॉम के whatsapp ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक करे
निगमआयुक्त ने बताया कि नगर पालिक निगम, बिलासपुर में मेरी पदस्थापना मई, 2016 में हुई। पदस्थापना से लेकर आज तक का सफ़र निश्चित रूप से मेरे लिए शासकीय सेवा का सर्वोत्तम अनुभव रहा। गर्व है कि आयुक्त के रूप में मुझे मेरे अपने घर में कार्य करने का समय मिला। पूरे कार्यकाल में अनेक चुनौतियाँ आईं। नागरिकों, पत्रकारों, मीडिया एवं नगर निगम की पूरी टीम का मुझे हर पल सहयोग मिला। चुनौतियों से जूझते हुए बिलासपुर शहर ने अनेक उपलब्धियाँ कीं।
सौमिल रंजन ने बताया कि 31 माह के कार्यकाल  में 31 उपलब्धियों को हमेशा याद रखना चाहूँगा।1. प्रदेश का प्रथम डोर टू डोर कचरा कलेक्शन प्रणाली । स्वच्छ भारत की गाड़ियों ने प्रतिदिन शहर के प्रत्येक मकान/संस्थान से लगभग एक लाख अस्सी हज़ार किलो कचरा एकत्रित किया।2. एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन कार्यक्रम के तहत प्रदेश के प्रथम Waste to RDF & Compost प्लांट की स्थापना PPP के माध्यम से की गयी। 3. प्रदेश का प्रथम GIS Based Mechanised and Manual Road Sweeping Project क्रियान्वित किया गया।
आज बिलासपुर भारत के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी जगह बना रहा है। 4. अत्यधिक कठिन प्रतिस्पर्धा के बाद बिलासपुर शहर का चयन स्मार्ट सिटी के रूप में हुआ। 5. भारत सरकार के आयोजित विश्व की सबसे बड़ी स्वच्छता प्रतियोगिता ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ में भारत के 4203 शहरों में बिलासपुर 22वें स्थान पर रहा। अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। 6. भारत सरकार के  आयोजित ‘Ease of Living Index Ranking’ में बिलासपुर को भारत में रहने के लिहाज़ से 13 वाँ सबसे अच्छा शहर बताया गया।7. रिवर व्यू रोड पर 168 फ़ीट ऊँचे राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना बहुत ही कम समय में की गयी। 8. प्रदेश के पहले वर्किंग विमेन होस्टल का निर्माण पूर्ण किया गया। 9. छत्तीसगढ़ भवन में नगर घड़ी की स्थापना।10. विभिन्न श्रेणियों में नगर पालिक निगम बिलासपुर को पाँच skoch अवार्ड मिले।
    सौमिल रंजन ने बताया कि बहुत खुशी हुई जब भारत सरकार द्वारा बिलासपुर शहर को जाँच के बाद  ODF घोषित किया । बिलासपुर दो बार और ODF recertify हो चुका है।  12. Garbage Free City Protocolके तहत अंतर्गत बिलासपुर का सर्वे भारत सरकार से किया जा चुका है। इसमें बिलासपुर को पाँच स्टार मिलने की पूरी संभावना है।  13. प्रदेश में पहली बार किसी पूरे स्लम का व्यवस्थापन सम्भव हुआ। अशोक नगर स्लम में लगभग एक हज़ार अव्यवस्थित स्लम को व्यवस्थापित किया गया। 14. जतिया तालाब को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त कराया गया। 15. शहर में मिट्टी तेल गाली, धान मंडी रोड, दीप होटेल रोड, मध्यनगरी रोड आदि अनेक सड़कों का निर्माण किया गया।  16. शहर में सभी सड़कों का निर्माण गुणवत्तापूर्वक कराया गया। 17. प्रेस क्लब का पुनर्निर्माण किया गया।  18. बिलासपुर की पेयजल आपूर्ति को भूमिगत जल स्त्रोत से सतही स्त्रोत पर शिफ़्ट करने हेतु भारत सरकार से अमृत मिशन अंतर्गत परियोजना स्वीकृत कराई गयी।  19. नगर पालिक निगम बिलासपुर में लगभग 25 वर्षों बाद अधिकारियों/कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गयी।  20. नूतन चौक पर प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 256 मकान निर्मित किए गए। साथ ही लगभग ३००० आवासों का निर्माण तेजी से चलाया गया। 21. शहर की सभी पारंपरिक स्ट्रीट लाइट को LED से बदला गया।  22. बिलासपुर शहर को राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में बेहतर कार्य करने हेतु पुरस्कृत किया गया।
                             सौमिल रंजन ने जानकारी दी कि  भारत सरकार ने ODF++ प्रमाणन के लिए बिलासपुर नगर निगम का सर्वे किया। निगम के सफ़ल होने की पूर्ण संभावना है।  कार्यकाल के प्रारंभ में सड़कों की स्थिति बेहतर नहीं थी। कार्ययोजना बनाकर नियत समयावधि में शहर के छोटी बड़ी लगभग सभी सड़कों का निर्माण, मरम्मत, चौड़ीकरण किया गया। ऐसी सड़कों की संख्या 600 से ज़्यादा और लम्बाई लगभग 250-300 किलोमीटर है। सड़कों पर कैट आइ, रेफ़्लेक्टर आदि भी लगाए जाने से शहर और ख़ूबसूरत लगने लगा।   शहर में स्मार्ट रोड के रूप में मिट्टी तेल गाली सड़क का निर्माण लगभग 200 झुग्गी के व्यवस्थापन, 20 से अधिक बड़े मकानों के अवैध क़ब्ज़े को तोड़ने के बाद प्रारंभ किया गया। निर्माण जारी है और बारिश के पहले पूर्ण हो जाने की संभावना है।  व्यापार विहार स्मार्ट रोड का निर्माण भी प्रारंभ किया गया।  राज्य और क्षेत्र के प्रथम तारामंडल का निर्माण भी प्रारंभ किया गया।  गोकुल नगर हेतु नवीन पहुँच मार्ग का निर्माण प्रारंभ किया गया। . रिवर व्यू रोड में शहर की प्रथम स्मार्ट चौपाटी प्रारम्भ की गया। दीनदयाल उपाध्याय फ़न पार्क का निर्माण एवं संचालन प्रारंभ किया गया। स्मृति वन में adventure थीम पार्क प्रारंभ कर उसे PPP मोड़ पर संचालन हेतु दिया गया।  शहर में फ़्री wifi ज़ोन की स्थापना का कार्य किया गया जिसका उद्घाटन अब किसी भी समय किया जा सकता है।
                      सौमिल रंजन ने बताया कि इसके अतिरिक्त अनेक ऐसी उपलब्धियाँ हैं जिनका वर्णन किया जाना सम्भव नहीं है। भविष्य में बिलासपुर स्मार्ट सिटी की योजनाओं को क्रियान्वित होते, अमृत मिशन के कार्यों को शीघ्र पूर्ण होते देखना चाहूँगा। यहाँ के नागरिकों ने जो स्नेह और सहयोग दिया उसके लिए सदैव आभारी रहूँगा और भविष्य में भी इसी स्नेह की अपेक्षा सभी से रखूँगा। नगर पालिक निगम बिलासपुर के प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी को भी धन्यवाद ज्ञापित करना चाहूँगा कि उन्होंने अनेक विषम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन किया। यहाँ के सभी संपादकों, पत्रकार साथियों का विशेष रूप से धन्यवाद करूँगा। यहाँ के जनप्रतिनिधियों ने भी हर अभियान में सकारात्मक सहयोग किया जिससे हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल हुए।

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