विफल हुई बैंकरों की वेतन वार्ता….अब महामोर्चा की तैयारी..जन्तर-अब मन्तर में होगी गूंज..हमारी मांगे पूरी करो

बिलासपुर–यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और आईबीए के बीच वेतन वार्ता विफल हो गयी है। भारतीय बैंक संघ और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यूएफबीयू के मध्य 11 वे वेतन समझौते की अंतिम उम्मीद भी टूट गयी है। जिसके चलते बैंकरों में सब्र का बांध टूटने लगा है। वार्ता बैठक में आईबीए ने परिवर्तनशील वेतन के साथ 10% वृद्धि का प्रस्ताव दिया था। लेकिन युनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने घटक दलों ने प्रस्ताव को बहुमत के साथ एक सिरे से नकार दिया है।
               मालूम हो कि देश के लाखों लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारियों ने सरकार के खिलाफ दस सूत्रीय मांग को लेकर जन्तर मन्तर में धरना प्रदर्शन का एलान किया है। बैंकरों को उम्मीद थी कि धरना प्रदर्शन के पहले आईबीए शायद वार्ता के दौरान उनकी मांगो को स्वीकार कर ले। लेकिन आज वार्ता में बैंकरों की पूरी की पूरी उम्मीद टूट गयी। वार्ता के दौरान यूएफबीयू के घटक दलों ने बहुमत के साथ आईबीए की तरफ से वेतन में 10 प्रतिशत वृद्धि के साथ नकार दिया है।
               यूएफबीयू के पदाधिकारी ललित अग्रवाल ने बताया कि दस प्रतिशत वेतन वृद्धि के प्रस्ताव को दस में से7 घटक ने नकार दिया है। इसके चलते भारतीय बैंक संघ यानि आईबीए और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यूएफबीयू  के बीच 11 वे वेतन समझौते की वार्ता विफल हो गई हैं। ललित ने बताया कि बैठक में आईबीए ने परिवर्तनशील वेतन के साथ 10% वृद्धि का प्रस्ताव दिया था।
      यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स बिलासपुर न बताया कि यूएफबीयू के दो घटक ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन और नैशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स ने 20 बैंको में से 5 बैंको ने स्केल 1 से स्केल 7 तक मेंडेड नही देने का मुद्दा उठाया। पिल्लई कमेटी की अनुशंसा के अनुसार शासकीय अधिकारियों के समकक्ष न्यूनतम वेतन 5 जून 2017 को पेश चार्टड ऑफ डिमांड की मांग के अनुरुप वार्ता नही होने का विरोध किया।  इसके चलते घटक ने आज के वेतन समझौते वार्ता का बहिष्कार किया था।

                 ललित अग्रवाल ने बताया कि सोमवार 4 फरवरी 2019 को आइबोक ने दिल्ली में महामोर्चा निकाल कर अपनी जायज मांगो को पूर्ण करवाने का प्रयास किया जाएगा। यूएफबीयू ने फैसला किया है कि फरवरी माह के प्रत्येक बुधवार को देश के सभी राज्यों की राजधानी और चुनिंदा शहरों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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