Chhattisgarhः एडीबी सड़क डामर घोटाले की होगी जाँच….. हाईकोर्ट ने दिया आदेश

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ में एशियन डव्हलपमेंट की मदद से 2007 से 2012 के बीच बनाई गई सड़कों के निर्माण में हुए डामर घोटाले की जाँच होगी । जाँच की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट ने इस सिलसिलें में वीरेन्द्र पाण्डेय की जनहित याचिका निराकृत करते हुए इस तरह के आदेश दिए हैं। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जवाब दिया गया कि डामरघोटाले की जाँच कराई जाएगी । इस आधार पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक वीरेन्द्र पाण्डेय की ओऱ से पहले हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पेश की गई थी। जिसमें कहा गया  था कि छत्तीसगढ़ के अलग- अलग स्थानों पर अलग – अलग ठेकेदारों ने एडीबी की सड़कें बनाई हैं। जिसके लिए ठेकेदारों ने जितनी डामर की जरूरत बताई थी, उतने डामर की खरीदी नहीं की गई । ऐसे में सवाल यह है कि फिर सड़क किस तरह तैयार कर ली गई। सड़क निर्माण के लिए डामर की जरूरत पड़ती है। डामर की खरीदी खुले बाजारर से नहीं की जा सकती। इसकी खरीदी पेट्रोलियम कंपनियों के माध्यम से की जाती है। डामर की जरूरत पड़ने पर ठेकेदारों को पेट्रोलियम कंपनी के सामने अपनी जरूरत का ब्यौरा देना पड़ता है। इस आधार पर उन्हे डामर की पूर्ति की जाती है। वीरेन्द्र पाण्डेय ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी हासिल की है कि  इन सड़कों के निर्माण के लिए ठेकेदारों ने जितने डामर की आवश्यकता बताई थी, उतने डामर की खरीदी नहीं की गई। ऐसे में किस तरह सड़कें बनाई गईं। इसकी जाँच होनी चाहिए।सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पक्ष रखा गया। जिसमें कहा गया कि मामले की जाँच कराई जाएगी। मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई करते हुए मामले को निराकृत किया। साथ ही आदेश दिया कि जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परिगनिहा ने पैरवी की ।

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