नर्मदा और त्रिवेणी फर्म पर कार्रवाई….अमानक खाद बेचने का आरोप….कृषि विभाग की कार्रवाई.

बिलासपुर—जिला प्रशासन ने छापामार कार्रवाई में अमानक खाद पाए जाने के बाद दो फर्मों पर उर्वरक बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने छापामार कार्रवाई के बाद दोनों दुकानों से बरामद उर्वरक के सैम्पल को जांच के लिए रायपुर भेजा था। लैब रिपोर्ट में बताया गया कि खाद का स्तर अमानक है। कृषि विभाग ने लैब रिपोर्ट और जिला प्रशासन के निर्देश पर दुकानों से खाद के क्रय विक्रय को प्रतिबंधत कर दिया है।
                   उप संचालक कृषि के अनुसार किसानों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि जिले के कुछ दुकानों से मिलावट और अमानक खाद की बिक्री हो रही है। शिकायत को ध्यान में रखते हुए टीम ने छापामार कार्रवाई की। मेसर्स नर्मदा फास्फेट लिमिटेड हरदी विकासखंड बिल्हा में टीम ने निरीक्षण के दौरान 20,20,10 के मिश्रित उर्वरक बरामद किए। बेच नंबर N-10, आर्गेनिक मेन्योर बेच नंबर N-3 और आर्गेनिक मेन्योर बेच नंबर N-4 अमानक पाया गया।
                                  टीम ने मेसर्स त्रिवेणी खाद भंडार तिफरा का भी निरीक्षण किया। मौके से उर्वरक Zn-SSP बेच नंबर MB218-19ZP-171 अमानक स्तर पर पाया गया। इसके बाद इन उर्वरकों के विक्रय को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
                  उर्वरक पंजीयन प्राधिकारी बिलासपुर ने बताया कि जिले में किसानों को उच्च क्वालिटी के उर्वरक, आर्गेनिक मेन्योर प्रदाय किये जाने उद्देश्य से जिले के उर्वरक निरीक्षकों ने नमूना लेकर प्रयोगशाला रायपुर भेजा था। अभी तक जिले से 381 रासायनिक उर्वरक और जैविक खाद का नमूना प्रयोगशाला रायपुर को जांच के लिए भेजा गया है। इनमें से एक रासायनिक उर्वरक और दो आर्गेनिक मेन्योर को परीक्षण के बाद अमानक पाया गया है।
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