जंंतर मंतर में बैंकरों का शक्ति प्रदर्शन..महाधरना को सांंसद ने किया समर्थन..कहा..मानना होगा 10 सूत्रीय मांग

दिल्ली/बिलासपुर—-ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर कॉन्फ़ेडरेशन चेयरमैन सुनील कुमार की अगुवाई में देश के सभी बैंकरों ने दिल्ली के  जंतर मंतर में महाधरना दिया गया। महाधरना से पहले देश के विभिन्न कोनो से पहुंचे सभी बैंकरों विशाल रैली निकाली। रैली में पन्द्रह हजार से अधिक बैंक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। रैली जन्तर मन्तर पहुंचकर महासभा में बदल गयी। इस दौरान संगठन के नेताओं ने संबोधित कर सरकार के सामने दस सूत्रीय मांगों को बारी बारी से रखा।
                       ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर कॉन्फ़ेडरेशन के बैनर तले देश के सभी बैंकरों ने दस सूत्रीय मांग को लेकर दिल्ली में इकठ्ठा हुए। जन्तर मन्तर में महाधरना से पहले सभी बैंकर मार्डन स्कूल बाराखम्भा से दोपहर रैली निकालकर अपनी एकता और शक्ति का परिचय दिया। आईबोक के नेताओं ने बताया कि हम देश के सबसे बड़े संगठन से हैं। हमारे संगठन में तीन लाख से अधिक सदस्य हैं। सरकार तक हमें अपनी एकता और शक्ति का संदेश देने का वक्त आ गया है। जब तक हमारी 10 सूत्रीय मांग पूरी नहीं होती..हम पीछे नहीं हटने वाले हैं। हम लोगों ने चार फरवरी को ऑल इंडिया पब्लिक सेक्टर और सेंट्रल गवरमेंन्ट ऑफिसर कंफेडरेशन के बैनर तले संसद मार्ग के सामने से रैली निकालकर जंतर मंतर पर महाधरना का आयोजन किया। विशाल रैली और महाधरना में 15000 से ज्यादा सदस्यों ने भाग लिया।
                 ललित अग्रवाल ने बताया कि आईबोक के शीर्ष नेता,सांसद भरतु और भ्रातृ संगठन के नेताओ के अलावा  सिविल सोसाइटी के सदस्यों ने महाधरना को संबोधित किया। वक्ताओं ने महाधरना के सामने एक एक दस सूत्रीय मांगो को ना केवल रखा। बल्कि हर सूरत में पूरी किए जाने का आह्ववान भी किया। वक्ताओं ने कहा कि महामोर्चा और उमड़ी भीड़ ने साबित कर दिया कि आईबोक को ट्रेड यूनियन, कामगार समूह, स्वयं सहायता समूह और अनको दूसरे संगठनों का समर्थन हासिल है। हम इस बात को लेकर अभिभूत हैं।
                      वक्ताओं ने कहा कि महामोर्चा का मुख्य उद्देश्य  विजया बैंक,देना बैंक और बैंक ऑफ बरोदा के विलय के निर्णय को सरकार वापस ले। हमारा विरो आरआरबी के विलय से भी है। नई पेंशन स्किम खत्म किया जाए। डेफिनिट पेंशन स्कीम को दुबारा चालू किया जाए। पेंशन सुधार और फैमिली पेंशन में रिविशन किया जाए। मंच से कैथोलिक सीरियन बैंक कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से 58 साल करने का विरोध किया गया। बैंकरों पर हो रहे लगातार हमलों पर रोक लगाई जाए। इस दिशा में जरूरी और सख्त कदम उठाए जाएं। सरकार विलफुल डिफॉल्टरों की लिस्ट को प्रकाशित करे। अधिकारी और वर्कमैन डायरेक्टर के तुरंत बहाली की जाए। वक्ताओं ने कहा कि आईबोक इंडियन बैंक एसोसिएशन की तरफ से द्विपक्षीय वेज रिविज़न के संबंध में जो भी कदम उठाए जा रहे हैं वह बैंक अधिकीरयो और अन्य कर्मचारियों के हितों के विरोधी है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।
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