Chhattisgarh :बजट पर टिकी शिक्षाकर्मियों की निगाहें..क्या मिलेगी सौगात या फिर होगी अनदेखी ..?

संविलियन,शिक्षाकर्मियों,chhattisgarh,pran,cps,ddoरायपुर।छत्तीसगढ़ में बजट की तैयारियां जोरों पर है।आठ फरवरी(शुक्रवार) को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बजट पेश करने वाले है।बजट पूर्व  छत्तीसगढ़ सरकार की केबिनेट से प्रदेश के शिक्षा कर्मी थोड़ा निराश जरूर हुए पर सरकार के पहले बजट से शिक्षको को बहुत सी सौगातों की उम्मीदें है।  भूपेश सरकार को छत्तीसगढ़ में लाने में शिक्षाकर्मियों की बड़ी भूमिका रही या नही यह चर्चा का विषय हो सकता है। पर सोशल मीडिया सहित अन्य मीडिया में शिक्षा कर्मीयो ने जिस तरह से सुर्खिया बटोरी और लोकसभा चुनाव के बाद भी शिक्षा कर्मीयो का मुद्दा सुर्खियों में है। इस वजह से नई छत्तीसगढ़ की सरकार बजट शिक्षा कर्मीयो के लिए बहुत मायने रखता है।सीजीवालडॉटकॉम के WhatsApp ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक करे

इस बजट से शिक्षा कर्मीयो को ऊमीद है। की रमन सरकार के कार्यकाल के समय की बचे हुई शिक्षा कर्मीयो की मांगो पूरा करने के लिए बजट राशि की व्यवस्था इस बजट सत्र में पूरी कर ली जायेगी जिसे कांग्रेस सरकार ने जन घोषणा पत्र में शामिल किया है। भूपेश सरकार के बजट में शिक्षको के लिए कितनी राशि और क्या क्या प्रावधन होंगे यह तो बजट पेश होने पर मालूम होगा पर प्रदेश के शिक्षक इस बजट से उम्मीदे लागए बैठे है।

विवेक दुबे छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी ने बताया कि प्रदेश के 48000 शिक्षाकर्मी ऐसे हैं जो संविलियन से वंचित है और जिन का औसत वेतन 15 से 18 हजार  के बीच है और जो अभी भी हर माह आबंटन का मुंह देखने के लिए मजबूर हैं जिन्हें समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा है राज्य सरकार ने भी अपने घोषणापत्र में शिक्षाकर्मियों के संविलियन , क्रमोन्नति और पदोन्नति का वादा किया है तो हमें पूरी उम्मीद है  राज्य का बजट भी ऐसा ही ऐतिहासिक बजट रहेगा जिस में संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों का संविलियन की सौगात मिलेगी  जो कि उनके जीवन को बदलने वाला अहम फैसला रहेगा वहीं अनुकंपा नियुक्ति, वेतन विसंगति, पदोन्नति, क्रमोन्नति जैसे विषयों पर भी सरकार द्वारा निर्णय लिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ के शिक्षाकर्मी नेता का प्रदीप पांडे का कहना है कि  शिक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों को अपनी मांगों से पूरी तरह अवगत करा दिया है और हमें उनकी तरफ से ठोस आश्वासन भी मिला है कि फरवरी में होने वाले बजट सत्र में पेश होने वाले बजट में शिक्षाकर्मियों के लिए प्रावधान किया जाएगा हमें पूरी उम्मीद है कि सरकार अपने वादों को निभाएगी और हमारे लिए बजट सत्र में प्रावधान किया जाएगा ।

हमारी निगाहें 8 फरवरी को पेश होने वाले बजट पर लगी हुई हैं शिक्षाकर्मियों के संविलियन, वेतन विसंगति,  अनुकंपा, पदोन्नति और क्रमोन्नति की मांग प्रमुख मांग है जिस पर सरकार को निर्णय लेना है अब सरकार को यह तय करना है कि वह शिक्षाकर्मियों को क्या सौगात देना चाहती है । हमें पूरा यकीन है कि यह सरकार पिछले सरकार की तरह हमसे धोखा नहीं करेगी और बजट सत्र में हमारे लिए कुछ   बड़ा प्रावधान अवश्य किया जाएगा ।

सहायक शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष भपेंद्र बनाफर ने बताया कि जो वादे घोषणा पत्र में सरकार ने किये थे उस पर अभी तक कैबिनेट में फैसला नहीं लिये जाने से सहायक शिक्षक और एल बी संवर्ग में बड़ी निराशा है। अधिकांश शिक्षक संवर्ग किसान परिवार से ताल्लुकात रखते हैं,इसलिए किसानों को केवल राहत दे देने से शिक्षक संवर्ग भी खुश हो जाए जरूरी नहीं है।

सरकार बजट के में  शिक्षक संवर्ग को लाभ देते हुए सहायक शिक्षक की मांग वेतन विसंगति पुरी होनी चाहिए सरकार अपने वादे पर जल्द से जल्द अमल करें तभी किसान और शिक्षक संवर्ग की मांग पुरी तरह पुरी होगी। हमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पुरी उम्मीद है उन्होंने ने जो घोषणा पत्र में कहा उसे करके दिखाऐगे

महिला शिक्षाकर्मी नेता गंगा पासी ने बताया कि बजट में सम्पूर्ण संविलियन हो और इसके लिए राशि प्रावधान हो 1998 से नियुक्त व वर्तमान तक पदोन्नति से वंचित समस्त वर्ग को क्रमोन्नति वेतनमान देने प्राचार्य व प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति करने वर्ग 3 की वेतन विसंगति को समाप्त करने वाला बजट कीउम्मीद लागये प्रदेश के शिक्षक बजट का इंतजार कर रहे है।

वही संविलियन संघर्ष समिति के प्रदेश संचालक शिव डड़सेना का कहना है कि पिछले डेढ़ महिने से लगातार मुख्यमंत्री और केबिनेट मंत्रियों से मिल रहे है सब से बजट का इंतजार करने कहा था कल ओ इंतजार की घड़ी खत्म हो रही है हमको 100% उमीद है कि सरकार हमारे संविलियन के लिए वितीय व्यवस्था करेगी।सरकार 48 हजार सहित उनके 5 लाख परिवार के लिए 8 फरवरी के दिन ऐतेहासिक हो यादगार होगा। सरकार सबका संविलियन कर बड़े वर्ग को साधने के पूरा प्रयास करेगी। सरकार जानती है कि शिक्षकर्मियो को नाराज करना लोकसभा चुनाव में  महंगा पड़ सकता है इसलिए जनघोषणा पत्र को आधार मानते हुए संविलियन की काफी उमीदें है।

सहायक शिक्षक फेडरेशन के संयोजक इदरीश खान ने बताया कि नई सरकार ने जनघोषणा पत्र  जो लिखा है उसे पूरा करने का संकेत मुख्यमंत्री दे चुके है उम्मीद है बजट में प्रदेश के बचे हुए शिक्षको का संविलियन की घोषणा होगी और वर्ग तीन के वेतन विसंगति ठोस निर्णय होगा।

महिला शिक्षा कर्मी नेता ममता मंडल ने बताया कि बजट से सबसे ज्यादा उम्मीद वर्ग तीन के लिए है।कम तन्खा में सबसे ज्यादा यही वर्ग काम कर रहा है। वर्ग तीन की वेतनविसंगति के लिए इस बजट में राशि का प्रावधान होना जरूरी है। और दस वर्ष की सेवा पूर्ण किये शिक्षको को क्रमोन्नत वेतनमान के लिए भी राशि का प्रावधान मिलना चाहिए।

सोशल मीडिया में कई शिक्षक इस बात जो लेकर डर रहे है कि जिनका संविलियन हुआ है उंन्हे अभी महीने की एक तारीख को तन्खा मिल जा रही है। अगर सबका संविलियन हुआ तो कही वर्तमान सरकार उधारी में काम चलाने के लिए वेतन पुरानी व्यवस्था जैसे अटका अटका कर न दे। इस तरह के तमाम सवालों से सोशल मिडीया भरा पडा है।

Comments

  1. By Umashankar suryawanshi

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