शिक्षाकर्मियों की हालत जस की तस, सत्ता बदलने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं

बिलासपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रस्तुत पहले मुख्य बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नवीन शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत बयान जारी कर कहा है की प्रदेश के एक लाख अस्सी हजार शिक्षक(पंचा./एल.बी.)संवर्ग व परिवार मिलकर बड़ी विश्वास के साथ पुनरीक्षित/ संविलियन मे आठ वर्ष के बन्धन लागू करने वालो को लोकतंत्र के महापर्व मे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर मताधिकार का प्रयोग कर पन्द्रह वर्ष बाद सत्ता सुख से वंचित करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर जन घोषणा पत्र के माध्यम से शिक्षक (पंचा./एल.बी.)संवर्ग से वादा करने वाली प्रमुख विपक्षी दल पर विश्वास प्रकट कर किया।सीजीवालडॉटकॉम के WhatsApp ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक करे

लेकिन शिक्षक(पंचा./एल.बी.)संवर्ग की स्थिति मे सत्ता परिवर्तन के बाद भी कोई सुधार नही हुआ 8 फरवरी को मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रस्तुत बजट से प्रदेश के शिक्षक(पंचा./एल.बी.)संवर्ग को निराशा ही हाथ लगी।

जन घोषणा पत्र भी शिक्षक(पंचा./एल.बी.)संवर्ग व परिवार के लिए गलत साबित हुआ है।प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह राजपूत ने जन घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री से निवेदन किया है की जन घोषणा पत्र मे उल्लेखित दो वर्ष पूर्ण कर चुके शिक्षक (पंचा. न.नि.)संवर्ग का स्कूल शिक्षा विभाग मे संविलियन व अनुकम्पा पीड़ित परिजन को नियमो मे शिथिलता प्रदान कर अनुकम्पा नियुक्ति एवं वेतन विसंगति मे सुधार करते हुए क्रमोन्नति वेतनमान वर्तमान बजट सत्र मे ही प्रदान किया जाय।

जिससे लोकसभा चुनाव तक हम सब शिक्षक संवर्ग का विश्वास जन घोषणा पत्र पर बना रहे।शिक्षाकर्मी नेता व हमारे साथी रहे विधायक चन्द्रदेव राय से चर्चा पश्चात प्रदेश के मुख्यमंत्री मिलकर प्रदेश के एक लाख अस्सी हजार शिक्षक संवर्ग की भावनाओ को नवीन शिक्षाकर्मी संघ द्वारा प्रयास किया जायेगा।

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