भालू की खाल, नाखून,और पंजा बरामद..तमोर पिंगला में किया शिकार…पांचों आरोपी बिलासपुर में गिरप्तार

बिलासपुर—बिलासपुर की सरकंडा  पुलिस ने भालू की खाल नाखून और दांत के बरामद किया है। भालू की शिकार करने वालों और चमड़ा बेचने के फिराक में घूम रहे कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। बिलासागुड़ी में खुलासे के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी ने बताया कि वन विभाग ने बरामद खाल और शरीर के अन्य अंगों की कीमत करीब चार लाख रूपए से होना बताया है। पकड़ें गए पांचो आरोपियों के खिलाफ धारा 9, 39, 49 ख, 51, 52 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गयी है।

                  बिलासागुड़ी में पत्रकारों से चर्चा करते हुए नगर पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी ने बताया कि सरकंड़ा थाना प्रभारी को मुखबिर से जानकारी मिली कि दो युवक भालू की खाल,नाखून और दांत बेंचने के फिराक में घूम रहे हैं। पुलिस ने पुलिस कप्तान अभिषेक मीणा के निर्देश पर दोनों आरोपियों को अशोकनगर स्थित पानी टंकी के पास पकड़ लिया।

                        पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना नाम आशुतोष उपाध्याय और आकाश पटेल बताया। आशुतोष उपाध्याय पिता मोहन उपाध्याय उम्र 20 साल पड़ाव चौक जिला मुंगेली का रहने वाला है। आकाश पिता अनूप पटेल निवासी गोविन्दपुर थाना चंदोरा सूरजपुर का निवासी है। दोनों सरकंडा में रहकर सिद्धि विनायक कालेज में बी.फार्मेसी की पढ़ाई करते हैं।

                सीएसपी विश्वदीपक त्रिपाठी ने जानकारी दी कि एक बार आशुतोष उपाध्याय सूरजपुर स्थित आकाश पटेल के घर चंदोरा गांव गया। यही पर आकाश पटले के घर में काम करने वाले शिवसागर और रविन्द्र कुमार से हुई। आशुतोष और आकाश पटेल ने दोनों से कहा कि भालू की खाल और नाखून काम का होता है। महंगी कीमत में बिकता है। यदि प्रबंध कर सको तो करो। इसके बाद दोनों बिलासपुर आ गए।

                                 विश्वदीपक ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान जानकारी दी कि एक दिन शिवसागर, रविन्दर और उसका तीसरा साथी रमेश ने बताया कि भालू की खाल की व्यवस्था हो गयी है। तीनों ने मिलकर तमोर पिंगला अभ्यारण्य से लगे कैलाशपुर में जिला बलरामपुर में भालू का शिकार किया है। खाल,चारो पंजा खाल को निकाल लिया है। सिर को धड़ से अलग कर दिया है। इसके बाद दोनों तीनों को सामान लेकर बिलासपुर बुलाया और रूपए देने की बात कही।

                     बिलासपुर पहुंचकर रमेश पिता अक्षय कुमार अगरिया निवासी कैलाशपुर थाना वाड्रफनगर, रविन्द्र कुमार पिता गिरवर अगरिया निवासी धूमाभाठा गांव चंगोरा सूरजपुर और शिवसागर गोंड़ पिता हीरा साय निवासी साल धूमाभाठा ने सामान को दोनों के हवाले किया। सीएसपी त्रिपाठी ने पत्रकारों को बताया कि सामान दोनों युवक बेचने की फिराक में अशोकनगर स्थित पानीं टंकी के पाए गए। सरकंडा पुलिस ने दोनो को गिरप्तार कर लिया। इसके बाद दोनों की निशानदेही पर शिवसागर,रमेश और रविन्द्र को भी पकड़ा गया है। पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

बरामद सामान और कीमत

               विश्वदीपक त्रिपाठी ने बताया कि पांचों के पास से पूछताछ के बाद भालू के शरीर का अंग बरामद किया गया है। आरोपियों के पास से पैर धड़ से अलग 32 इंच लम्बी, 24 इंच चौड़ा खाल पाया गया है। इसके अलावा आरोपियों के पास से भालू के अागे और पीछे का चारों पैर के 14-14 और 13-13 लम्बा चौड़ा खाल जब्त हुए हैं। चारो पंजे बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की कीमत करीब 4 लाख रूपए अधिक हैं।

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