अटल ने कहा..इतनी मेहरबानी क्यों..1 महीना रेल पहिया रोकना कैसी बुद्धिमानी..नोटबंदी की तरह यात्री हुए हलाकान

बिलासपुर– रेल जोन अधिकारी और केन्द्र सरकार ने बिलासपुर जोन का मजाक बना कर रख दिया है। सुरक्षा और संरक्षा के नाम पर रेलवे के बड़े बड़े ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। चंद लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए हजारों लाखों लोगों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। यात्री गाड़ियों को बिना किसी पूर्व प्लानिंग के गाड़ियों को रद्द किया गया है। यदि केन्द्र सरकार के लोग और रेलवे के अधिकारी चाहते तो लाइन का भी दोहरीकरण का काम हो जाता और यात्रियों को भी परेशानी नहीं होती। दरअसल केन्द्र सरकार और रेलवे के अधिकारी यह जताने का प्रयास कर रहे हैं कि रेल विकास का काम तेजी से किया जा रहा है। यह बातें कांग्रेस महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने प्रेस जारी कर कही। अटल ने कहा पहले भी मेगाब्लाक जैसी कार्रवाई होती थी। लेकिन 21 या 51 दिनों के लिए गाड़ियां रद्द नहीं की गयी। अधिकारियों को जवाब देना होगा कि आखिर जनता को परेशान कर उन्हें क्या हासिल होगा।
                              कांग्रेस महामंत्री अटल श्रीवास्तव ने बिना किसी प्लानिंग के यकायक गाड़ियों को रद्द करना किसी भी सूरत में बुद्धिमानी वाला निर्णय नहीं है। अटल ने कहा कि रेलवे जोन बिलासपुर ने पेण्ड्रा रोड सारबहरा खोडरी रेल लाईन खंड पर नाॅन इंटर लाॅकिंग का काम शुरू किया है। मुम्बई-हावड़ा मार्ग में भी विभिन्न सेक्शनों में आधुनिकीकरण और सुरक्षा संबंधी कार्यों को अंजाम देने की बात की है। जिसके चलते रेल प्रशासन ने महीने भर दर्जनों गा़डियों के परिचालन पर ब्रेक लगा दिया है। रेल प्रशासन की मानें तो पटरियों का दोहरी करण  के अलवा संरक्षा और सुरक्षा का काम किया जा रहा है। लेकिन समझ से परे है कि एक-एक दिन में 17-17 यात्री गाड़ियाँ रद्द किया जाना कहां की बुद्धिमानी है।
           सभी रद्द होने वाली गाड़ियों में लोगों ने बहुत पहले से आरक्षण कराया है। कटनी रूट की तरफ जाने वाली गाड़ियों का परिचालन रद्द करना समझ से परे है। हजारों हजार लोग रोजाना लोग रोजाना कुंभ स्नान के लिए जा रहे हैं। कोई शादी व्याह के लिए आरक्षण कराया है। आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा।  अटल ने कहा कि पिछले 4 सालों से केन्द्र के मोदी सरकार ने जनता को केवल ठगने और परेशान करने का बीड़ा उठाया है। इन चार सालों में बिलासपुर जोन के साथ उन्होने हमेशा अन्याय किया है। 4 सालों में बिलासपुर जोन को सुविधा के नाम पर सुरक्षा और संरक्षा का झुनझुना पकड़ाया है। अटल ने बताया कि सुरक्षा और संरक्षा का कार्य नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। बावजूद इसके रेल का महीनों तक परिचालन करना किसी भी सूरत में बुद्धिमानी नहीं है।
                   कांग्रेस महामंत्री ने बताया कि कोई भी व्यक्ति दिमाग में जोर डालकर देखेगा तो उसे मालूम चल जाएगा कि पिछले चार सालों में बिलासपुर को एक भी नई गाड़ियाँ प्रारंभ नहीं मिली है। सुरक्षा के नाम पर बजट को उड़ाया जा रहा है। इतना ही नहीं जनता के रूपयों को लूटकर पूरे रेलवे को निजीकरण की तरफ धकेला जा रहा है। अटल ने कहा कि सुरक्षा-संरक्षा एवं मेंटनेस रिपेयरिंग का काम विभागीय अधिकारियों से हटाकर ठेकेदारों दिया जा रहा है। यही कारण है कि संरक्षा और सुरक्षा के नाम पर बिना किसी कारण ब्लाॅक करने का खेल होने लगा है। यात्री गाड़ियों को रद्द किया जा रहा है।
   अटल ने कहा कि होना तो यह चाहिये था कि योजना ऐसी बनती की ट्रेन भी चलती रहे और इंटर लाॅकिंग दोहरीकरण का कार्य भी चलता रहे। एक तरफ बड़े व्यापारियों, उद्योगपतियों को फायदा पहुँचाने के लिए माल गाड़ियाँ धड़ल्ले से चल रही हैं। लेकिन यात्री गाड़ियों को 2-2 महीनें तक रद्द करने फरमान जारी किया जा रहा है। श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि छोटे-छोटे ब्लाॅक के बहाने लोकल चलने वाली गाड़ियों को हमेशा रद्द किया जाता है। इस बार तो हद हो गयी कि गाड़ियों का परिचालन महीनों तक बंद कर दिया गया। बाहरी और स्थानीय यात्री जिनकी क्षमता बसों और प्राईवेट गाड़ियों में जाने की नहीं है उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
           अटल ने प्रमुख गाड़ियों के परिचालन रूकने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होने कहा कि बिलासपुर-पेण्ड्रारोड-बिलासपुर, भोपाल-बिलासपुर, भोपाल-चिरमिरी, भोपाल पैसेंजर, रींवा-बिलासपुर, बिलासपुर-इंदौर, जैसी गाड़ियों के परिचालन बंद होने से जनता हलाकान हैं। इस बात को लेकर रेल मंत्री भारत सरकार, मुख्यमंत्री छ.ग.शासन को पत्र लिखकर संज्ञान लेने का निवेदन करेंगे। माँग करेंगे कि आखिर लोगों को परेशानी में रखकर केन्द्र सरकार को क्या हासिल हो रहा है। साथ ही बताएंगे कि रद्द की गई गाड़ियाँ परिचालन के साथ संरक्षा और सुरक्षा के साथ आधुनिकीकरण का काम भी संभव है। अटल श्रीवास्तव ने कहा कि जिस तरह नोटबंदी कर लोगों को सड़क पर लाइन में लगने को मजबूर किया गया। उसी तरह चंद ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के रेल परिचालन को एक साथ महीनों तक बंद कर देना गहरी साजिश की तरफ इशारा करता है।
                  अटल ने कहा कि समझ से परे है कि आखिर मामले में स्थानीय भाजपा सांसद लखन साहू कुछ बोल क्यों नहीं रहे हैं। उन्हें बताना होगा कि क्या रेलवे जोन बिलासपुर यात्री सुविधाओं में मनमाने निर्णय लेने के लिए आजाद है। सांसद को रेलवे की तानाशाही के खिलाफ आवाज उठानी चाहिये। अटल ने यह भी कहा कि बहुत जल्द ही जनता की परेशानियों को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधी मंडल रेल महाप्रबंधक से मिलेगा।

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