पांच डिसमिल से कम भूखंडों का पंजीयन से मध्यम एवं गरीब वर्ग को मिली राहत

प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा पांच डिसमिल से कम भूमि के पंजीयन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने से छोटे और मध्यम एवं गरीब वर्ग को बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार के 15 जनवरी को दिए गए निर्देश के बाद अब तक 11 हजार से अधिक भू-स्वामियों के भूमि का पंजीयन किया जा चुका है।पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में जनवरी के अंत तक 11299 भू-खण्डों का पंजीयन हो चुका है। पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के प्रयास राज्य शासन द्वारा किए जा रहे हैं। अब पंजीयन प्रक्रिया और भी अधिक आसान होगी। घर बैठे पंजीयन की प्रक्रिया की जा सकेगी और पंजीयन प्रक्रिया पासपोर्ट की भांति निर्धारित समयावधि में पूरी की जा रही है।

भू-स्वामी को बेहतर सुविधा मिलने लगी है। अधिकारियों नेे बताया कि पांच डिसमिल से कम भूमि के पंजीयन के सर्वाधिक प्रकरण रायपुर जिले में किए गए हैं, यहां 3913 प्रकरणांें पर पंजीयन की कार्रवाई की गई है। इसी प्रकार दुर्ग जिले में 2060 और बिलासपुर में 1569 प्रकरणों में पंजीयन किया गया है। इसके अलावा कबीरधाम में 233 कांकेर में 77, कोण्डागांव मे 13, कोरबा 159, कोरिया 64, गरियाबंद 67, जशपुर 49, जांजगीर 335, दंतेवाडा में 18, धमतरी 283, नारायणपुर में 11, बलरापुर 32, बलौदाबाजार में 402, बस्तर में 138, बालोद में 149, बीजापुर 3, बेमेतरा 294, महासमुन्द 258, मुंगेली 189, राजनांदगांव 551, रायगढ 222, सरगुजा 156, सुकमा 3 और सुरजपुर मंे 51 की रजिस्ट्रीयां की गई है।

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