लोकसभा चुनाव 2019 – बिलासपुर लोकसभा सीट- कौन कितने पानी में … ?

सीजीवालडॉटकॉम।लोकसभा चुनाव में अधिक देरी नहीं है। सियासी पार्टियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू हैं। फिलहाल इस बात को लेकर चर्चा है कि छत्तीसगढ़ की ग्यारह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार कौन होगा। इसे लेकर सुगबुहाहट भी है। लेकिन इस बीच एक अहम सवाल यह भी है कि कहां – किसकी स्थिति मजबूत है। इस सवाल का जवाब तलाशते हुए अगर सभी लोकसभा सीटों में शामिल विधानसभा सीटों के हाल के चुनाव नतीजों पर नजर डालें तो जो तस्वीर उभरकर सामने आती है, उससे आने वाले चुनाव के नतीजों का कुछ – कुछ अँदाजा लगाया जा सकता है। इसके मद्देनजर हम छत्तीसगढ़ की हर एक लोकसभा सीट का आकलन इस सीरीज में कर रहे हैं।>>लोकसभा चुनाव से जुड़ी खबरे पढ़ने के लिए cgwall.com के whatsapp ग्रुप से जुड़े,यहाँ क्लिक करे

बिलासपुर लोकसभा सीट

छत्तीसगढ़ में बिलासपुर लोकसभा सीट सामान्य सीट है। इसमें शामिल आठ विधानसभा सीटों में से कोटा, लोरमी, तखतपुर , बिल्हा, बिलासपुर और बेलतरा सीट सामान्य है। मुंगेली और मस्तूरी – दो विधानसभा सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। पिछले कई चुनावों से बिलासपुर लोकसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा है। बीजेपी हाल के विधानसभा चुनाव में भी बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में अपनी बढ़त कायम रखनें में कामयाब रही है। ऐसा कहा जा सकता है कि पूरे छत्तीसगढ़ में बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र में ही बीजेपी का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है।

एक तो बीजेपी बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र की आठ में चार विधानसभा सीटें जीतने में कामयाब रही। बीजेपी को मुंगेली, बिल्हा , बेलतरा और मस्तूरी विधानसभा में कामयाबी मिली है। जबकि बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र की बाकी चार सीटें कांग्रेस और जोगी कांग्रेस – बसपा गठबंधन में बराबर – बराबर बंट गईं। कांग्रेस को तखतपुर और बिलासपुर में कामयाबी मिली । जोगी कांग्रेस – बसपा गठबंधन को कोटा और लोरमी सीट पर कामयाबी हासिल हुई है।

2018 विधानसभा चुनाव के नतीजों के हिसाब से छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्से से बिलासपुर लोकसभा सीट की कहानी बिल्कुल अलग है। एक तो बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के अँतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी अधिक सीटें जीतकर आई। साथ ही दो सीटों पर जोगी काग्रेस ने कब्जा जमाया।

इस इलाकें में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे कमजोर माना जा सकता है। बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्रों के वोट आपस में जोड़ दिए जाएं तो बीजेपी के खाते में 4 लाख 52 हजार से अधिक वोट नजर आते हैं।

जबकि कांग्रेस को 3 लाख 74 हजार वोट मिले हैं। इस तरह बीजेपी की बढ़त 77 हजार के करीब है। तीसरे नंबर पर जोगी कांग्रेस –बसपा गठबंधन ने 3 लाख 23 हजार से अधिक वोट हासिल किए हैं।

बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर करीब बाकी की सभी सीटों पर जोगी कांग्रेस – बसपा गठबंधन का प्रदर्शन अच्छा ही रहा है। समीकरण का अँदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पूरे बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र में जोगी कांग्रेस के वोट कांग्रेस के मुकाबले सिर्फ 51 हजार ही कम हैं।

जिसके चलते कांग्रेस को कोटा, लोरमी और मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा है। लोरमी में कांग्रेस 20 हजार का आँकड़ा भी नहीं छू सकी। बीजेपी को भी तखतपुर विधानसभा क्षेत्र में तीसरे नंबर पर संतोष करना पड़ा है।

विधानसभा चुनाव के नतीजों की यह तस्वीर सामने रखकर कोई अगर लोकसभा चुनाव की  तस्वीर का अँदाजा लगाए तो अभी से मुकाबला दिलचस्प नजर आता है। हालांकि बीजेपी ने बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के अँतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल कर पिछले चुनाव में अपनी जीत फिर से दोहराने का दावा कर दिया है।

इसके मुकाबले अपनी चुनौती पेश करने कांग्रेस को पूरी ताकत लगानी होगी । उधर विधानसभा चुनाव के नतीजों के हिसाब से जोगी कांग्रेस की ओर से भी बड़ी चुनौती नजर आ रही है। लेकिन बदले हुए हालात में यह तीसरी ताकत अपना कितना असर दिखा पाएगी …… इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए आने वाले वक्त का इतजार करना पड़ेगा।

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