मंत्री अनिला ने कहा…दिव्यांगों का जीवन संवारने हर संभव प्रयास…विधायक का बयान..बनाएंगे एल्डरमैन

बिलासपुर–दिव्यांगों का जीवन संवारने हर संभव प्रयास किया जाएगा। सरकार ऐसी योजनायें बना रही है। जिससे दिव्यांगों के समुचित व्यक्तित्व का विकास हो। उन्हें समाज के मुख्य धारा से जुड़कर आत्मनिर्भरता प्राप्त कर सके। यह बातें महिला एवं बाल विकास समाज कल्याण मंत्री अनिला भेड़िया ने सामर्थ्य विकास योजना के तहत दिव्यांगों को सहायक उपकरण और विवाह प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के दौरान कही।
                        कार्यक्रम का आयोजन स्वयं केन्द्र शासकीय आश्रयदत्त कर्मशाला तिलक नगर बिलासपुर में किया गया। कार्यक्रम में दृष्टिबाधित दिव्यांगों को शैक्षणिक कार्य के लिए टेबलेट स्मार्टफोन दिया गया। जिला खनिज न्यास निधि से 75 मोटराईज्ड सायकल, जिला पुनर्वास केन्द्र से 25 ट्राईसायकल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट केन, क्षितिज अपार योजना के तहत वितरित किया गया। दिव्यांग प्रोत्साहन राशि योजना के तहत दो जोड़े हितग्राहियों को 1-1 लाख रूपये और छः जोड़े हितग्राहियों को 50-50 हजार राशि प्रदान की गई।
                                              एसईसीएल ने सीएसआर मद से आश्रयदत्त कर्मशाला तिफरा स्थित परिसर में दिव्यांगों के लिए 100 बिस्तर हाॅस्टल भवन निर्माण में सहयोग किया। एसईसीएल ने कुल 247 लाख रूपये में से पहली किस्त राशि 49.42 लाख रूपये दिया।  शासकीय दृष्टि और श्रवण बाधितार्थ विद्यालय को 48 सीटर बस के लिये 23 लाख 45 हजार से अधिक की स्वीकृत राशि का डमी चेक प्रदान किया। कार्यक्रम में 1 करोड़ रूपये से भी ज्यादा की राशि का वितरण किया गया।
                 कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अनिला भेड़िया ने कहा कि समाज कल्याण विभाग को जनता की भावनाओं से जुड़कर कार्य करने को कहा। उन्होने कहा कि मूकबधिर, नेत्रहीन दिव्यांग बच्चों के विकास के लिये निरंतर कार्य किया जा रहा है। शासन प्रशासन का प्रयास है कि किस तरीके से दिव्यांग बच्चों को आगे बढ़ाया जाये। नई-नई योजनाओं के माध्यम से उनके बेहतरी के लिए कार्य किया जाए। प्रदेश में ऐसे विद्यालय की आवश्यकता है जो दिव्यांग बच्चों की रूचि के अनुसार शिक्षा प्रदान करे।
                  अनिल भेड़िया ने कहा कि बिलासपुर शहर समाज सेवा में हमेशा आगे रहा है। समाज सेवा के क्षेत्र में जो भी मदद की आवश्यकता होगी, वह दी जायेगी। शासन की योजना को गांव-गांव के अंतिम छोर तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
                                  कार्यक्रम की अध्यक्षता बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय ने की। उन्होंने बताया कि दिव्यांग बच्चों में नेतृत्व क्षमता का विकास करने के उद्देश्य से उन्हें अपने क्षेत्र का एल्डरमेन बनाया जायेगा। इसके लिये अधिनियम लाया जा रहा है। दिव्यांगों को सशक्त करने की भावना सरकार की है।
               कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन समाज कल्याण विभाग के संचालक रजत कुमार ने दिया। उन्होंने एसईसीएल की तरफ से सीएसआर मद से 26 करोड़ 32 लाख रूपये की राशि दिव्यांग छात्र-छात्राओं के हाॅस्टल निर्माण और बस के लिये प्रदान किया है। दोनों ही सुविधा जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का प्रयास किया जायेगा।
                         इस दौरान मंत्री ने संस्थाओं की तरफ से लगाए गए स्टाल का निरीक्षण किया। दिव्यांग बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आनन्द उठाया।

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