Chhattisgarh-शिक्षक सुरेंद्र जायसवाल को संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ का समर्थन,केदार जैन ने कहा-सुरेंद्र जायसवाल ने किया अपने समुदाय की हक की बात,हर परिस्थिति में संघ उनके साथ

कोरिया/केसकाल।इलैक्शन ट्रेनिंग के दौरान तंख्वाह की मांग को लेकर कलेक्टर से हुए विवाद के बाद शिक्षक संघ अब एकजुटता दिख रही है। संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ  सुरेन्द्र जायसवाल के समर्थन में खड़ा है। संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश अध्यक्ष केदार जैन ने कोरिया जिले के शिक्षक सुरेंद्र जासवाल द्वारा अपने समुदाय के हक की बात सार्वजनिक मंच पर उठाने पश्चात उनके खिलाफ हुई लालफीताशाही की दमनात्मक कार्यवाही की निंदा करते हुवे कहा है कि संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ का हर एक पदाधिकारी इस कार्यवाही के विरुद्ध दलगत राजनीति से परे होकर सुरेंद्र जायसवाल के साथ है।सीजीवालडॉटकॉम के WhatsApp ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक करे

विदित हो कि कोरिया जिले में cgpns के जिला उपाध्यक्ष के द्वारा निर्वाचन प्रशिक्षण के दौरान बड़ी बेबाकी से अपने समुदाय के ससमय वेतन भुगतान की मांग को जिला पंचायत सीईओ के समक्ष रखा,परंतु उनकी इस मांग को दरकिनार करते हुवे सीईओ साहब ने दमनात्मक कार्यवाही कर उक्त शिक्षक को न केवल निलंबित कर दिया बल्कि उसे विभिन्न धाराओं के पाश में निबद्ध कर समस्त शिक्षक संघो के पदाधिकारियों को एक चेतावनी भी दे दी कि आचार संहिता के नियमो का किस प्रकार दुरुपयोग कर हम आपकी आवाज को दबा सकते है।

यह भी पढे-Chhattisgarh-अजीत जोगी इस सीट से लड़ सकते हैं लोकसभा चुनाव,अमित जोगी ने दिए संकेत

केदार जैन ने समस्त संघो से ये अपील की है कि यदि इस समय हम दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर अपने शिक्षक साथी के साथ हुवे अन्याय का विरोध एक जुट होकर नही करते तो यह घटना एक परिपाटी का रूप लेकर सभी को निगल लेगी।उन्होंने कहा है कि यदि cgpns के प्रांताध्यक्ष द्वारा इस संबंध में किसी भी प्रकार का कोई भी समर्थन/ सहयोग आपेक्षित होगा तो हम अपने शिक्षक साथी के लिए हर हद पार करने को तैयार है।

वही कोरिया जिले के पड़ोसी जिले “सूरजपुर के जिलाध्यक्ष सचिन त्रिपाठी और उनकी संयुक्त टीम ने” अपने शिक्षक साथी सुरेंद्र जायसवाल के हर सम्भव सहयोग के लिए अपनी प्रतिबद्धता दुहराते हुवे कहा है कि सूरजपुर जिले का हर एक शिक्षाकर्मी/शिक्षक साथी उनके साथ खड़ा है और हम शिक्षक समुदाय की वाजिब मांग उठाने वाले पर हुई इस नाजायज कार्यवाही की कड़ी निंदा करते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *