SECL कोलइण्डिया लिमिटेड की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कम्पनी,कोल आफटेक में भी पहले नंबर पर


बिलासपुर।वित्तीय वर्ष 2018-19 में एसईसीएल ने 157.35 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया। पिछले वित्त वर्ष की तुलना में उत्पादन में 8.73 प्रतिशत की समग्र वृद्धि हुई है। इस प्रकार एसईसीएल ने कोयला उत्पादन के अपने नंबर-1 स्थान को बरकरार रखा है, वहीं दूसरी सबसे अधिक कोयला उत्पादक कम्पनी 13 मिलियन टन पीछे और तीसरी कोयला उत्पादक कम्पनी 55 मिलियन टन पीछे है।एसईसीएल ने सोमवार को प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि एसईसीएल ने कोल आफटेक (कोयला प्रेषण) में भी नई ऊॅंचाईयों को छुआ है। एसईसीएल ने एक साल में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 156 मिलियन टन कोल आफटेक (कोयला प्रेषण) किया है। यह एसईसीएल के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक कोल आफटेक है। कोल आफटेक में भी एसईसीएल कोलइण्डिया की समस्त सहायक कम्पनियों में नंबर-1 कंपनी है। इसके अलावा कम्पनी ने ओव्हर बर्डन रिमूव्हल 183.9 मीलियन क्यूबिक मीटर किया है जो कि कोलइण्डिया में सबसे अधिक है।

एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ए.पी. पण्डा के कुशल नेतृत्व में कंपनी ने हर क्षेत्र में सर्वोत्कृष्ठ प्रदर्शन किया है। इस वर्ष के दौरान कई रिकार्ड बनाए और तोड़े गए। एसईसीएल के स्थापना के बाद से एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों जैसे गेवरा, दीपका, कुसमुण्डा, सोहागपुर आदि ने अब तक का अपना सवाधिक कोयला उत्पादन किया है। गेवरा ने 42.25 मिलियन टन, दीपका ने 35 मिलियन टन और कुसमुण्डा ने 40 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया, जो उनका अब तक का उच्चतम उत्पादन है। कोरबा कोलफील्ड्स से कुल कोयला उत्पादन जिनमें कोरबा, गेवरा, दीपका, रायगढ़-मांड और कुसमुण्डा क्षेत्र सम्मिलित है, कुल 134.21 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ है, जबकि सीआईसी क्षेत्र जिनमें सोहागपुर, भटगांव और 6 अन्य क्षेत्र समाहित हैं ने 23.13 मिलियन टन कोयले का उत्पादन किया है।
देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कोयला उत्पादन के साथ ही साथ कंपनी ने कोयले की गुणवत्ता पर भी ध्यान केन्द्रित किया। ग्राहकों के लिए गुणवत्तापूर्ण कोयला उपलब्ध कराना एसईसीएल की प्राथमिकता रही है। चालू वित्त वर्ष के दौरान पावर प्लांट को कोयले के प्रेषण में 12.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह सुनिश्चित किया गया है कि एसईसीएल से जुड़े पावर प्लांट में पर्याप्त कोयला स्टाक हो।

इस वर्ष के दौरान एसईसीएल भारत की पहली एक वित्तीय वर्ष के दौरान 150 मिलियन टन से अधिक कोयले का उत्पादन करने वाली कम्पनी के रूप में उभरी है। एसईसीएल ने दिनांक 20.03.2019 को ही 150 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर लिया था। इस वित्त वर्ष के दौरान कई रिकार्ड बनाए गए जैसे कि कंपनी ने एक दिन के कोल आफटेक (कोयला प्रेषण) का रिकार्ड बनाया। दिनांक 29.03.2019 को एसईसीएल ने 5.73 लाख टन कोल आफटेक (कोयला प्रेषण) किया गया जो कि सबसे अधिक था।

एसईसीएल अपने स्थापना काल से ही कोलइण्डिया की सर्वाधिक कोयला उत्पादक कम्पनी रही है। यह कोलइण्डिया के कुल कोयला उत्पादन में अपना लगभग 25 प्रतिशत योगदान देता है। कंपनी ने प्रत्येक वर्ष एक प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है। पिछले वर्ष 2017-18 के दौरान कंपनी ने 144.71 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया था। इस वित्तीय वर्ष में 157.35 मिलियन टन कोयला उत्पादन हुआ है।

एसईसीएल में कुशल नियोजन, तेज निष्पादन और जनशक्ति के सही संयोजन के फलस्वरूप ही एसईसीएल ने सभी के प्रयासों से अपने समस्त लक्ष्यों को हासिल किया है।
एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री ए.पी. पण्डा एवं उनके साथी निदेशकगणों ने एसईसीएल के इस गौरवमयी ऐतिहासिक उपलब्धियों पर समस्त कर्मियों, टीम-एसईसीएल और सभी स्टेक होल्डर्स को बधाई दी है।

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