अधिकारी भी बोल रहे,,जमीन माफियों की बोली..ग्रामीण

IMG_20150921_142950बिलासपुर— तखतपुर ब्लाक के नेवरा गांव में जमीन माफियों ने आम नागरिकों और भूमि स्वामियों का जीना हराम कर दिया है। पहले तो भूमाफियों ने किसानों से जमीन खरीदा, इसके बाद आस-पास के सरकारी जमीन को भी कब्जे में कर लिया। इतने में भी जब उनकी भूख शांत नहीं हुई तो निजी जमीनों को हड़पना शुरू कर दिया है। मजे की बात तो यह है कि इसमें स्थानीय राजस्व अधिकारियों का भी समर्थन भू-माफियों को मिल रहा है। अब तो भू माफियों ने कोर्ट के आदेश को भी ठेंगा दिखाना शुरू कर दिया है।

                         नेवरा के किसान और भू-स्वामी आजकल भू-माफियों के आतंक से इतना त्रस्त हैं कि उन्हें अब ना तो रात को नींद आती है और ना ही दिन में चैन ही मिलता है। स्थानीय किसानों का कहना है कि तहसीलदार और पटवारी भी अब जमीन माफियों की बोली बोलने लगे हैं। ऐसे में अब हम जाएं तो कहां जाएं। कलेक्टर को अर्जी देकर चले आते हैं। लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं होती। यदि ऐसा ही रहा तो अब हमें या तो भीख मांगकर गुजारा करना पड़ेगा। या फिर अपने परिवार को मारकर खुद आत्महत्या करना पड़ेगा। तभी इन जमीन माफियाओं से छुटकारा मिलेगा।

               ग्रामवासियों ने बताया कि बिलासपुर स्थित सूर्या हॉटल का मालिक सुनील छाबड़ा, उसका साथी राजू गर्ग और जूनी लाइन निवासी सीमा अग्रवाल ने नेवरा ग्राम पंचायत तहसील तखतपुर में निजी भूमि पर कूट रचना कर लाखों की जमीन को हड़प लिया है। जब हमने इसकी शिकायत की तो वे लोग जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तीनो भू-माफिया तहसीलदार से मिलकर अब हमें ही दोषी बता रहे हैं।

IMG_20150921_141714               ग्रामीणों के अनुसार सुनील छावड़ा,राजू गर्ग और सीमा अग्रवाल ने नेवरा में 90 एकड़ जमीन खरीदा है। इस जमीन में करीब सवा एकड़ जमीन परदेशी पिता थनवार सतनामी से खरीदा । उन लोगों ने इसके बदले में परदेशी को सरोज बाई विधवा योगेश सिंह की सवा दो एकड़ जमीन को बेचा या दिया। जबकि इस जमीन पर पहले से ही सिविल कोर्ट ने खरीदी और बिक्री पर पावंदी लगा रखा है। बावजूद इसके तहसीलदार और पटवारी ने बी-1 जारी कर दिया है।

                 ग्रामीणों ने बताया कि जिस जमीन को परदेशी को बेचा या जमीन माफियों ने दिया है। वास्तविक रूप से कुमारी दामिनी सिंह मां सरोज सिंह पति योगेश सिंह के नाम है। लेकिन जब इस जमीन को परदेशी को दिया गया तो मूल दस्तवेज से दामिनी और योगेश का नाम काट दिया गया। इतना ही नहीं सुनील छाबड़ा,राजू गर्ग और सीमा अग्रवाल के इशारे पर सरोज सिंह के पति के स्थान पर उसके जेठ चन्द्रभान सिंह बताया गया है। अधिकारियों ने दस्तावेज में चन्द्रभान को मृतक भी बताया है।

             ग्राम निवासी विक्रम सिंह ने बताया कि सरोज का पति योगेश सिंह है। आखिर दस्तावेज में पति का नाम कैसे बदला गया, समझ से परे है। विक्रम ने सीजी वाल को बताया कि चन्द्रभान सिंह सरोज का जेठ है। वह ना केवल जिन्दा है। बल्कि सरकारी नौकरी भी कर रहा है।

           विक्रम ने बताया कि सिविल कोर्ट ने अपने एक आदेश में कुमारी दामिनी को राजनाथ सिंह के खाते से एक एकड़ उन्यासी डिसिमिल जमीन देने को कहा था। सरोज बाई ने धोखाधड़ी करते हुए करीब सवा दो एकड़ जमीन बेज दिया। यह सब कुछ जानते हुए भी भू-माफियों ने दस्तावेज में पति का नाम चन्द्रभान दर्ज करवाकर जमीन परदेशी को बेच दिया। इसकी शिकायत कोटा थाने में भी हुई लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

           विक्रम ने बताया कि तीनो ने इंदिरा आवास जमीन पर भी कब्जा कर लिया है। तीन एकड़ सरकारी जमीन पर दीवार भी बना दिया है। अब वहां आने-जाने वालों के लिए रास्ता भी नहीं है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में भी की लेकिन आजतक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है। जाहिर सी बात है कि राजस्व अधिकारी भी भू-माफियों से मिलकर काम कर रहे हैं। सीजी वाल को ग्रामीणों ने बताया कि यदि उनकी तकलीफों को नहीं सुना गया तो या तो वे लोग आत्महत्या करेंगे या फिर चक्काजाम कर कानून को अपने हाथ में लेंगे।

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