मरवाही में पुलिस हिरासत में बीजेपी नेता की मौत पर अजीत जोगी ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

पेंड्रा(जयंत पाण्डेय)।मरवाही में 9 अप्रेल को हुये भाजपा नेता की मौत के मामले में मरवाही विधायक अजीत जोगी ने सरकार और पुलिस विभाग पर गंभीर आरोप लगाये हैं। गौरेला में अपने निवास में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर अजीत जोगी ने इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार और चष्मदीदों से मुलाकात के बाद आरोप लगाया कि इस मामलें में पुलिस ने दोपहर 12 बजे भाजपा नेता को मरवाही तहसीलदार के समक्ष पेश किया था।

पर तहसीलदार इस बीच उठकर चले गये और शाम पांच बजे तक नहीं आए।लिहाजा उनकी जमानत नहीं हुयी थी।इस दौरान तबियत बिगड़ने पर उनको मरवाही अस्पताल ले जाया गया। जिस वक्त भी उनकी जमानत नहीं होने के कारण वो पुलिस हिरासत में ही थे और बाद में उनको बिलासपुर ले जाते वक्त मौत हो गयी।

चूंकि मौत होने तक जमानत नही मिली थी लिहाजा इसे पुलिस हिरासत में मौत ही माना जाएगा और सुप्रीम कोर्ट के निर्देषानुसार ऐसे मामलों की जांच ज्यूडिषियल होनी चाहिये पर राज्य सरकार ने मामले में पटाक्षेप करते हुये एक डीएसपी स्तर के अधिकारी के मार्फत जांच कराकर खानापूर्ति करते हुये लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है।

अजीत जोगी ने कहा कि मरवाही मेरा क्षेत्र है लिहाजा यहां इस प्रकार की हत्या जैसे मामले में उचित कार्यवाही नहीं करते हुये मरेा जनाधार को कम करने की कोशिश की जा रही है। अजीत जोगी ने इस मामले में बिलासपुर एसपी को भी सवालों के घेरे में लेते हुये आरोप लगाया कि इससे बड़े मामले जिले में हो गये पर एसपी ने प्रेस कान्फ्रेंस नहीं लिया।

पर इस मामले में तत्काल प्रेस कान्फ्रेंस लेते हुये मृतक को दो बजे जमानत दे दिये जाने का दावा करते हुये पुलिस हिरासत में मौत नहीं मानते हुये उन्होने हार्ट अटैक से मौत होने का दावा किया था।जबकि कार्यवाही के नाम पर केवल थाना प्रभारी को लाईन अटैच किया गया अजीत जोगी ने इस मामले में मरवाही थाना प्रभारी सहित पूरे थाना स्टाफ को निलंबित किये जाने की मांग की है और समुचित न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी है।

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