रोजगार नहीं दिया..कहा पकौड़ा बेचो…कांग्रेस टीम का बयान..न्याय यात्रा मतलब दो सरकारों की तुलना…सबसे बड़े टैक्स पेयर्स गरीब

बिलासपुर— भजपाइयों को बताना जरूरी है कि सालाना 72 हजार रूपए देने से गरीब कामचोर नहीं होंगे। बल्कि सम्मान की जिन्दगी गुजारेंगे। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ अर्थशास्त्री में से एक रघुराजन ने भी माना है कि  देश की 20 करोड़ अति गरीब लोगोंं को हिन्दुस्तान सरकार आसानी से महीने में 6 हजार, सालाना 72 हजार और पांच साल में साढ़े तीन लाख रूपए खाते में डाल सकती है। योजना को कांग्रेस ने प्राथमिकता के आधार पर घोषणा पत्र में शामिल किया है।

                             भाजपा के लोग राहुल गांधी की योजना से घबरा गए हैं। भ्रम फैला रहे है कि लोगों को कामचोर बनाने की साजिश हो रही है। जिस सरकार ने दो करोड़ रोजगार नहीं देकर पकौड़ा बेचने की सलाह दे रही हो..उससे जनता उम्मीद ही क्या कर सकती है। यह बातें न्याय यात्रा की टीम ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

                                                  प्रदेश कांग्रेस  एनएसयूआई अध्यक्ष और यात्रा प्रभारी आकाश शर्मा ने बताया कि न्याय यात्रा को खासकर ग्रामीण जन जीवन से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। 31 मार्च 2019 को प्रदेश मुखिया भूपेश बघेल ने किरंदुल में हरी झण्डी को दिखाकर रवाना किया। पिछले एक महीने में देखने को मिला कि लोगों में न्याय योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह है। आकाश ने बताया कि राहुल गांधी के संदेश को गांव गांव तक पहुंचाया जा रहा है। देश के 20 करोड़ अति गरीब परिवार को योजना का सीधा लाभ जनता को मिलेगा। ऐसे परिवार जिनकी आय महीने में 12 हजार से कम हैं..उन्हें प्रतिमाह के हिसाब से साल भर में 72 हजार रूपए दिए जाएंगे। पांच साल में यह राशि साढ़े तीन लाख रूपए होगी।

                        आकाश ने बताया कि न्याय यात्रा दरअसल दो सरकारों की तुलना है। एक तरफ 100 दिन की भूपेश सरकार ने राहुल गांधी के निर्देश पर मात्र दो घंटे में किसानों का कर्ज माफ कर दिया। बिजली हाफ हो गयी। लोहंडीगुड़ा में आदिवासियों की जमीन को वापस किया। धान का उचित समर्थन मूल्य का एलान किया। दूसरी तरफ  मोदी सरकार ने पिछले पांच साल में ना तो किसानों के साथ न्याय किया और ना ही 2 करो़ड़ बेरोजगारों को नौकरी ही मिली। पन्द्रह लाख तो दूर… खाते में पन्द्रह पैसे नहीं आए। लेकिन भूपेश बघेल ने 100 दिनों के अन्दर बेरोजगारों के लिए पन्द्रह हजार शिक्षक भर्ती का एलान किया। महाविद्यालयों में चौदह सौ से अधिक पद भरने को कहा। इसके अलावा जनहित में कई योजनाओं का ना केवल एलान किया बल्कि उसके परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं।

                      पत्रकारो को युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र गंगोत्री ने बताया कि राहुल गांधी ने एलान किया है कि सरकार बनने के बाद लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देंगे। देश के किसानों को धान का उचित मूल्य दिया जाएगा। 22 लाख सरकारी पदों की भर्तिया होंगी। मनरेगा का कार्यदिवस 100 से बढ़ाकर 150 दिन किया जाएगा। जीएसटी में अलग अलग वर्गों को छूट की बात  राहुल गांधी ने घोषणा पत्र में की है। क्योकि राहुल गांधी जुमलों पर नहीं काम करने में विश्वास करते है। ऐसा भूपेश बघेल ने कर दिखाया है।

                     गंगोत्री ने बताया कि एक महीने से यात्रा गांव शहर पंचायत से गुजरते हुए बिलासपुर पहुंची है। इस दौरान लोगों को न्याय पत्र और घोषणा पत्र की जानकारी दी जा रही है। यात्रा के अनुभवों से दावा कर सकता हूं कि सभी 11 सीटे कांग्रेस की झोली में जा रही है।

                                           पीसीसी सचिव और न्याय यात्रा समन्वयक सुशील सन्नी अग्रवाल ने जानकारी दी कि न्याय योजना को गरीब और ग्रामीणो के साथ शहरी गरीबों में जबरदस्त उत्साह है। यात्रा एक दिन पहले बलौदा बाजार से शुरू होकर भाटापारा, सिमगा, सरगांव से तिफरा होकर बिलासपुर पंहुची। आज यात्रा महमद लालखदान मस्तूरी से होकर जांजगीर चांपा से तमाम गांवों के बीच से होते हुए कोरबा पहुंचेगी।

                        पकौड़ा बेचना जब रोजगार है तो न्याय योजना की जरूरत क्या है के सवाल पर महेन्द्र गंगोत्री ने कहा कि ऐसा जुमलेबाजों को लगता है। पेट पालने के लिए कोई कुछ भी करता है। लेकिन ऐसा कह कर पीएम ने पढे लिखों के सम्मान को ठेस पहुंचाया है। यदि रोजनगार नहीं दे सके तो कम से कम बेरोजगारों के साथ मजाक करना ठीक नहीं है।

                                   आखिर 20 करोड़ अति गरीब परिवार की पहचान कैसे होगी। सवाल के जवाब में न्याय यात्रा के प्रवक्ता विनयशील ने बताया कि इसके कई सिस्टम हैं। देश के राज्यों के कास्ट इकोनामिक संसेक्स के कई आंकड़े हैं। भारत सरकार के भी अपने सूत्र और तंत्र हैं। इन आकड़ों को जब आधार पर लाते हैं तो देश के अति पिछड़े गरीबों का आंक़ड़ा बीस करोड़ निकलता है। विनयशील ने बताया कि भाजपा नेता अफवाह उड़ा रहे हैं कि लोगों को कामचोर बनाने की साजिश है। सवाल उठता है कि क्या सम्मान की जिन्दगी जीना कामचोरी को बढ़ावा देना है। दरअसल भाजपा नेता नहीं चाहते कि गरीबों को न्याय मिले। विनयसील ने एक सवाल के जवाब में कहा कि देश में सबसे ज्यादा टैक्स गरीबों के जेब से जाता है। यदि गरीबों का पैसा गरीबों को दिया जा रहा है तो इसमें किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए। क्योंकि भाजपा नेता टैक्स पेयर्स के खिलाफ अन्याय बताकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं।

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