राहुल को देखते ही भीड़ की आवाज…चौकीदार चोर है…पेड़ के नीचे बैठकर ग्रामीणों ने सुना भाषण…टैंट और सड़क खचाखच

बिलासपुर— जब भी चौराहों का जिक्र होता है…तब योग और संयोग की बातें सामने आती है। आज राहुल गांधी की आमसभा में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला। जिस स्थान पर राहुल गांधी ने विशाल आम सभा को संबोधित किया। वहां से कमोबेश जिले के पांच विधानसभा क्षेत्र एक दूसरे को छूते हैं। यानि सभास्थल से बिलासपुर,बिल्हा, कोटा,बेलतरा और तखतपुर की दूरी पांंच से दस किलोमीटर के दायरे में है। वैसे आमसभा का आयोजन तखतपुर विधानसभा के  सकरी स्थित सिंचाई विभाग कालानी मैदान में किया गया। कुल मिलाकर चारो विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों ने राहुल गांधी के भाषण का जमकर सुना। मजेदार बात है कि भीड के सामने मैदान छोड़ा पड़ गया। कुर्सियां तो आठ हजार थीं..लेकिन भीड़ में उपस्थित लोगों की संख्या किसी भी सूरत में 12 से 15 हजार के बीच देखने को मिली। चिलचिलाती धूप की परवाह किए वगैर लोगों ने राहुल गांधी का निर्धारित समय से करीब दो घंटे से अधिक समय तक इंंतजार किया। जैसे ही राहुल गांधी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ताम्रध्वज साहू और पुनिया के साथ मंच पर पहुंचे पूरी भीड़ एक सुर में चिल्ला उठी चौकीदार चोर है।

                       अटल श्रीवास्तव के समर्थन में बिलासपुर लोकसभा क्षेत्रवासियों को संबोधित करने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज सकरी में विशाल आमसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होने सब कुछ कहा लेकिन एक भी बार अटल श्रीवास्तव का नाम नहीं लिया। उन्होने तीन से चार बार अपने भाषण में दुहराया कि सेमिफायनल में हमने तीन चौथाई बहुमत कार्यकर्ता के दम पर हासिल किया है। लेकिन दावे के साथ कह सकता हूं कि अभी हमारे बब्बर शेर कार्यकर्ताओं ने जी जान नहीं लगाया है। हमें पूरा विश्वास है कि इस बार फायनल में हमारे बब्बर शेर अस्सी प्रतिशत मेहनत करेंगे। और 100 प्रतिशत परिणाम देकर प्रदेश की सभी 11 सीटों को फतह करेंगे।

                                        कार्यक्रम का आयोजन जिला कांग्रेस ने सुनियोजित स्थल पर किया। इसे संयोग कहें या रणनीति…जहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया..वहां लोकसभा के पांच विधानसभा की सीमाएं एक दूसरे को ना केवल छूती हैं। बल्कि सभी विधानसभा का मुख्यालय चंद किलोमीटर की दूरी पर है। जबकि सकरी नगरपंचायत तखतपुर विधानसभा का अहम हिस्सा है। बिलासपुर,कोटा,बिल्हा और बेलतरा भी चंद कदम दूर हैं। राहुल गांधी के कार्यक्रम में मंच के सामने कमोबेश जिले के सभी कार्यकर्ता और नेता कुर्सी पर बैठे दिखाई दिए।  हां पत्रकारों को पूरे समय खड़े होकर राहुल गांधी के भाषण को कवर करना पड़ा।

        यद्यपि मीनिट्स के अनुसार राहुल गाधी को कार्यक्रम में एक बजकर 20 मिनिट्स पर पहुंचना था। लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष करीब ढाई घण्टे देरी से पहुंचे। एक समय लगा कि शायद ही आठ हजार में करीब आधी कुर्सियां खाली रहेंगी। लेकिन ऐसा राहुल गांधी के पहुंचने से पहले सभी कुर्सियां भर गयी। इतना ही नहीं लोग पांच हजार से अधिक लोग चिलचिलाती धूम में टेंट के अंदर और बाहर खड़े होकर राहुल गांधी का इंंतजार करते रहे। लेकिन बेहतर व्यवस्था होने के कारण यातायात पर बहुत अधिक प्रभाव देखने को नहीं मिला। राहुल गांधी के आने से पहले तक मंच से अर्जुन तिवारी ने उपस्थित लोगों को कांग्रेस का इतिहास बताया।

                        करीब ढाई घंटे देर से जैसे ही राहुल गांधी प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के साथ मंच पर पहुंंचे..पूरी भीड़ तालियों से स्वागत करते हुए चौकीदार चोर के नारे लगाने लगी। राहुल गांधी भी दोनों हाथ जोड़कर जनता और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। इस दौरान राहुल गांधी के साथ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, जलसंसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे . करूणा शुक्ला, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया. चंदन यादव, विधायक शैलेष पाण्डेय और रश्मि सिंह के अलावा स्थानीय कांग्रेस नेता मौजूद थे।

                       राहुल गांधी के पहले रविन्द्र चौबे, टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू ने भाषण दिया। जैसे ही भाषण देने के लिए राहुल गांधी ने डायस संभाला एक बार फिर 12 हजार से अधिक भी़ड़ ने एक सुर में चौकीदार चोर है के नारे लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि अभी आवाज दिल्ली तक नहीं पहुंची है। इतना सुनते ही जनता ने राहुल गांधी के चौकीदार कहते ही भी़ड़ ने पूरी ताकत के साथ कहा कि चोर है।

                              इस बार कांग्रेस का चुनावी मंच बहुत ही शालीन नजर आया। इसे भूपेश का प्रभाव कहें या फिर राहुल गांधी का सम्मान।  मंच पर एक तरफ से शैलेश पाण्डेय. रश्मि सिंह, करूणा शुक्ला, चंदन यादव, टीएस सिंंहदेव,पीएल पुनिया, भूपेश बघेल,राहुल गांधी, ताम्रध्वज साहू, रविन्द्र चौबे, बैजनाथ चन्द्राकर, विजय केशरवानी पहली पंक्ति में नजर आए। पहली पंक्ति के पीछे विधानसभा में कांग्रेस के विधानसभा में हार का सामना करने वाले विधायक प्रत्य़ाशी बैठे थे। साथ ही जनता कांग्रेस से घर वापसी करने वाले नेता सियाराम कौशिक, अनिल टाह संतोष कौशिक के अलावा इंंग्रिड मैक्लाउड,शेख गफ्फार,अनिल चौहान, शेख नजरूद्दीन और आशीष सिंह भी मौजूद थे।

                             राहुल गांधी के भाषण पर मंच से नीचे और पंडाल के बाहर से जमकर तालियां मिली। इतना ही नहीं पंडाल से बाहर पेड़ के नीचे सैकड़ों लोगों ने भी तालियां बजाकर न्याय यात्रा का समर्थन किया। खासकर जब राहुल ने कहा कि नोटबंदी का सबसे असर महिलाओं पर पड़ा है। इसलिए 72 हजार रूपए परिवार की महिला मुखिया के खाते में डाला जाएगा। इतना सुनते ही महिलाओं ने राहुल गांधी जिन्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। जैसे राहुल ने कहा कि हम पन्द्रह लाख तो दे नहीं सकते…यानि हम झूठ नहीं बोलते हुए..डंके की चोट पर कहते हैं कि पांच साल में तीन लाख 60 हजार रूपए देंगे..तो देंगे। इसके बाद करीब पन्द्रह हजार की भीड़ ने तालियों से राहुल गांधी को उत्साहित किया। इसके बाद राहुल ने बारी बारी से प्रधानमंत्री और उनकी योजनाओं पर निशाना साधा।

                   राहुल गांधी ने करीब तीस से पैंतिस मिनट का भाषण दिया। इसके बाद पंडाल को खाली होने में एक घंटे लग गए। करीब डेढ़ से दो घंटा तखपुर, कोटा, बेलतरा, बिल्हा,बिलासपुर,बेलतरा विधानसभी की तरफ जाने वाली सड़कें पूरी तरह से जाम हो गयी। हर लोगों ने राहुल गांधी के तर्क और उनकी हिन्दी को बेहतर होना बताया। यह भी कहते सुना गया कि आज की भीड़ से जाहिर हो गया है कि यदि बिलासपुर में परिवर्तन होता है तो कोई नहीँ बात नहीं होगी।

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