Bilaspur-बच्चे के अपहरण मामले मे अब तक कोई सुराग नहीं,SP ने कहा-कुछ बताना नामुमकिन,पिता ने बताया-किसी से दुश्मनी नहीं

बिलासपुर— शनिवार को जब भाजपा कार्यालय में भी़ड़ भाड थी। बडे नेता अनिल जैन कार्यकर्ताओं के साथ गुप्तगू कर रहे थे। कार्यालय के बाहर अच्छी खासी भीड़ थी। इसी भीड़ के आंख में धूल झोंककर अपहरणकर्ताओं ने सामने वाली गली सात साल के मासूम विराट को अगवा कर लिया। अगवा करने वाले सफेद रंग के वैगन आर में सवार थे। बताया जा रहा है कि तीन चार दिनों से रैकी करने के बाद अपहरणकर्ताओं ने अपने मंसूबों को परवान चढ़ाया। जब तक मामले की जानकारी पुलिस को होती। आधे घंटे बीत चुके थे। अपहरणकर्ता पुलिस जद से बहुत दूर निकल गए थे। यद्यपि पुलिस ने जानकारी मिलते ही शहर को चारो तरफ से नाकेबन्दी कर सफेद रंग के वेगन आर को ढूंढती रही। 24 घंटे बाद भी अभी तक हाथ कुछ नही आया है। यद्यपि पुलिस कप्तान कह रहे हैं कि हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। जांच हड़ताल सही दिशा में है। जानकारी मिलने के बाद सूचित किया जाएगा।सीजीवाल डॉटकॉम के whatsapp ग्रुप से जुडने यहाँ क्लिक करे

                                 भाजपा कार्यालय के सामने वाली गली के अंतिम एक मकान के पहले विवेक सराफ का घर है। विवेकर  सराफ शिव टाकीज चौक में सोने चांदी का व्यापार करते हैं। रोज की तरह शाम को भी विवेक सराफ दुकान में थे। इसी बीच साढ़े आठ के बाद घर से फोन आया कि विराट सराफ का अपहरण हो गया है। खबर सुनते ही विवेक घर पहुंचे। मामला पुलिस तक पहुंचा। जानकारी मिलते ही आईजी और पुलिस कप्तान भी विवेक सराफ के घर पहुंच गए। इसके बाद तमाम पुलिसिया कार्रवाई हुई। घटना के दूसरे दिन भी विवेक सराफ के घर के आसपास पुलिस तैनात है। मिलने वालों का तांता लगा हुआ है। बावजूद इसके ना तो सफेद वैगन आर का पता चला और ना अपराधियों की भनक ही लग रही है। यद्यपि घटना के बाद पुलिस ने शहर के चारो तरफ नाकेबंदी की है।

            अगवा हुए 6 साल के मासूम विराट के पिता विवेक ने बताया कि बेटे का अपहरण रात्रि करीब साढ़े आठ बजे हुआ। पड़ोस की एक बच्ची ने बताया कि सफेद रंग की बिना नम्बर की वैगन आर गली के अन्दर आती है। मुड़ने के बाद खड़ी होती है। और मुख्य सड़क से कुछ ही दूर गली के अन्दर बच्चों के साथ खेल रहे विराट से पूछा कि क्या तुम विराट हो। हां करते ही अपहरणकर्ता ने विराट का मुंह बंद कर कार में बैठा लिया। इसके बाद कार तेजी से बस स्टैण्ड की तरफ मुड़ी। इसी बीच बच्ची ने पास के ही पड़ोसी को बताया कि विराट को कोई जबरदस्ती कार में बैठा कर ले गया है। इस दौरान विराट चिल्ला भी रहा था। इतना सुनते ही खबर घर तक पहुंची। घर से जानकारी मिलने के बाद मैं दुकान बंद कर आया। पुलिस को जानकारी दी।

                       विवेक ने बताया कि दो एक लोगों ने बताया कि जब गाडी तेजी से बस स्टैण्ड की तरफ मुड़ी तो सामने एक मोटर सायकल आ गयी। अपहरणकर्ताओं ने कार का तेजी से ब्रेक दबाया। लोगों ने बताया कि बहुत तेज आवाज आयी। ऐसा लगा कि बहुत बड़ा एक्सीडेन्ट हुआ है। कार इतनी तेज थी कि दो एक जगह टकराने से भी बजे।

               घटना के बाद आईजी एसपी घर पहुंचे। सारी जानकारी दी गयी। लेकिन अभी तक बच्चा नहीं मिला है। घर के चारो तरफ पुलिस तैनात है। विवेक के अनुसार पुलिस ने जगह जगह लगे सीसीटीवी को बरामद किया है। जांच पड़ताल की बात कह रहे हैं। विवेक ने यह भी बताया कि सीसीटीवी और कुछ लोगों की माने तो अपहरणकर्ताओं ने तीन दिन से रैकी किया है। मौका पाते ही बच्चे को अगवा कर लिया।

किसी से कोई विवाद नहीं-विवेक सराफ ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। बच्ची एश्वर्या की उग्र सात साल से अधिक है। बेटा विराट एश्वर्या से छोटा है। हमारी किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं है। मुझे याद भी नहीं है कि मैने किसी से वाद विवाद किया हो। बावजूद इसके बच्चे का अपहरण किया गया। हम लोगों ने डीजीपी से भी सम्पर्क किया है। देखते है पुलिस क्या करती है।

सभी पहलुओं पर हो रही जांच पड़ताल

                         पुलिस कप्तान अभिषेक मीणा ने बताया कि अभी हम कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं। अपहरण के कारणों के साथ बच्चे का पता लगाया जा रहा है। हमने सीसीटीवी को भी बरामद किया है। अपहरणकर्ताओं की पड़ताल की जा रही है। चेहरे भी सामने आ रहे हैं। जिला के साथ आस पास के जिला पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है। सवाल जवाब के दौरान अभिषेक मीणा ने बताने से इंकार किया कि हम क्या कुछ कर रहे हैं। फिलहाल यह बताना आरोपियों को सुरक्षा देना जैसा होगा। हम जल्द ही मामले का खुलासा करेंगे। जानकारी भी देंगे।

                             बहरहाल मामले को लेकर शहर में तनाव है। परिवार की बेचैनी समझी जा सकती है। पुलिस का दावा है आरोपियों का पता करने के साथ पीछा भी किया जा रहा है। बताते चलें कि करीब तीन साल पहले सरकण्डा से जुड़वा भाईयों का अपहरण हुआ था। तात्कालीन पुलिस कप्तान मयंक श्रीवास्तव की टीम ने नाकेबन्दी कर अपहरणकर्ता का पीछा किया। अन्त में अगवा करने वालों ने दोनों भाइयों को तखतपुर में छोड़ कर भाग गए। उम्मीद है कि इस बार भी बच्चे सुरक्षित लौटेंगे। फिलहाल जनता में आक्रोश,दहशत और नाराजगी जबरदस्त है।

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