शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट ने शासन को नोटिस भेजकर मांगा जवाब


बिलासपुर।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में शिक्षक भर्ती मामले में राज्य शासन को नोटिस भेज कर जवाब तलब किया है । इस संबंध में याचिका पेश करते हुए कहा गया है कि शिक्षक भर्ती से शिक्षक एलबी संवर्ग की वरिष्ठता प्रभावित होगी और उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।इस संबंध में जानकारी दी गई है किजिस राज्य शिक्षक सेवा भर्ती अधिनियम के तहत शिक्षकों की भर्ती की जा रही है उसमे इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि नवनियुक्त शिक्षक एलबी संवर्ग की वरिष्ठता सूची के नीचे आएंगे क्योंकि प्रदेश में 40 हजार से अधिक शिक्षाकर्मी संविलियन से वंचित हैं और उनका संविलियन 8 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात होना है।सीजीवालडॉटकॉम के whatsapp ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करे

ऐसे में नई भर्ती वाले शिक्षक न केवल उन से दुगना वेतन पाएंगे बल्कि वरिष्ठता सूची में भी शिक्षा विभाग में पहले स्थान ग्रहण करने के चलते वरिष्ठ हो जाएंगे इसके अतिरिक्त पदोन्नति नियम में भी रेगुलर शिक्षकों के लिए अधिक पद आरक्षित किए गए हैं जिनका भी उन्हें लाभ मिलेगा और एलबी शिक्षकों को पदोन्नति के दौरान जबरदस्त नुकसान होना है ।

इन्ही विषयों को लेकर शिक्षाकर्मियों के एक समूह ने याचिका दायर की है , सरकार को भी इस बात का अंदाजा था कि इन विसंगतियों को लेकर शिक्षाकर्मी न्यायालय अवश्य जाएंगे इसलिए सरकार ने पहले ही कैविएट दायर कर दिया था।

अब उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए इस संबंध में जवाब तलब किया है ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके साथ ही न्यायालय ने अपने आदेश में इस बात का भी स्पष्ट उल्लेख किया है कि वर्तमान में शुरू की गई भर्ती इस याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी यानी न्यायालय आगामी सुनवाई के दौरान जो फैसला सुनाएगी उसका सीधा प्रभाव नई भर्ती पर पड़ेगा । अब देखना होगा कि सरकार अपने पक्ष में क्या दलील पेश करती हैं ।

क्या कहना है याचिकाकर्ताओं का

जिस शैक्षिक भर्ती और पदोन्नति अधिनियम 2019 के तहत नए शिक्षकों की भर्ती की जा रही है उससे यह साफ परिलक्षित हो रहा है कि न केवल संविलियन से वंचित बल्कि शिक्षक एलबी को भी जबरदस्त नुकसान होगा । इन्हीं बिंदुओं को लेकर हमने न्यायालय में याचिका दायर की है हमारा उद्देश्य कहीं से भी नई भर्ती को रोकना नहीं है , हम केवल अपने अधिकारों की सुरक्षा चाहते हैं राज्य सरकार चाहे तो हमारा संविलियन करते हुए हमारे अधिकारों की रक्षा कर और अधिक पदों पर भर्ती कर सकती है लेकिन यदि इसी तर्ज पर नई भर्ती हो जाती है तो फिर हमें उन्हीं विसंगतियों को झेलना होगा जो हमने इतने लंबे समय तक झेला है इसलिए यह पूरे प्रदेश के हित में है कि एक बार ऐसा सिस्टम तैयार हो जाए ताकि किसी के भी हित प्रभावित न हो। हमें उम्मीद है कि शासन हमारे हितों का ध्यान रखते हुए और संरक्षण करते हुए न्यायालय में जवाब प्रस्तुत करेगी ।—-विवेक दुबे , याचिकाकर्ता

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