धोनी फाउन्डेशन का शहर में क्रिकेट कैम्प…माही के कोच ने कहा…एमएस को डेडीकेशन,डिटरमिनेशन और डिवोशन ने बनाया महान क्रिकेटर

बिलासपुर- एमएस धोनी क्रिकेट एकेडमी के कोच और अन्य पदाधिकारी मई महीने के पहले सप्ताह में सात दिवसीय क्लिनिक कैम्प का आयोजन करेंगे। कैम्प में प्रतिभावान बच्चों में छिपे क्रिकेट को पहचाना जाएगा। क्लिनिक कैम्प में बच्चों को क्रिकेट से जुडी तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। पत्रकार वार्ता में यह जानकारी भारत के सफल क्रिकेट कप्तानों में से एक महेन्द्र सिंह धोनी के पूर्व कोच केशव रंजन बनर्जी ने दी। इस दौरान एमएस धोनी क्रिकेट अकादमी के अन्य पदाधिकारी मन्दार डारबी पूर्व रणजी खिलाड़ी बाबूराव यादव और स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं पैनी नजर रखने वाले डॉ.शुक्ला विशेष रूप से मौजूद थे।

                        केशव रंजन बनर्जी ने बताया कि 1 मई से 7 मई तक सात दिवसीय क्रिकेट कोचिंग क्लीनिक शुरू किया जाएगा। अकादमी और खुद धोनी का मानना है कि देश में क्रिकेट प्रतिभाओ की कमी नहीं है। यदि कमी है तो सुविधाओं और उचित मंच की। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए एमएस धोनी अकादमी ने देश के 22 चुनिंदा शहरों का चुनाव कर क्रिकेट क्लिनिक कैम्प लगाने का फैसला किया है। इस प्रकार का कैम्प छत्तीसगढ़ में मात्र रायपुर और बिलासपुर में लगाया जाएगा। कैम्प में प्रतिभावान बच्चों को परखा जाएगा। इसके बाद उन्हें क्रिकेट की बारीकियों से जुड़ी समस्त जानकारियां दी जाएंगी।

                          बनर्जी ने बताया कि एमएस धोनी क्रिकेट एकेडमी और आर्का स्पोर्ट्स मिलकर अभियान को देश के कोने कोने तक पहुंचाएंगे। प्रतिभावान बच्चों को देश विदेश की तमान नामचीन क्रिकेट खिलाड़ी मार्गदर्शन करेंगे।

                          मन्धार,बनर्जी और बाबूराव ने जानकारी दी कि क्लिनिक कैम्प के बाद कैटेगरी के अनुसार बच्चों का चुनाव किया जाएगा। चयनित सभी बच्चों को अकादमी और आर्का स्पोर्टस खिलाड़ियों की सुविधाओं पर नजर रखेगी। अकादमी और खुद धोनी का मानना है कि सुविधाएं नहीं मिलने से प्रतिभाएं दफन हो जाती है। जबकि बडे बड़े शहरो में आधुनिक तकनीक और सुविधाएं सहज उपलब्ध हैं। इन्हीं कमी को पूरा करने अकादमी का निर्णय है कि उच्च श्रेणी की कोचिंग सुविधा छोटे शहरों के क्रिकेट में रूचि रखने वाले बच्चों को भी हासिल हो।

                       बाबूराव यादव ने बताया कि बिलासपुर में क्रिकेट की अपार संभानाएं हैं। बिलासपुर शहर से मेरा गहरा नाता है। एमएसडीसीए के सहयोग से यदि बिलासपुर के बच्चों को आधुनिक सुविधाएं दी जाएं तो कोई कारण नहीं कि यहां के बच्चे देश दुनिया में प्रदेश का नाम ना करें। सवाल जवाब के दौरान केशव रंजन बनर्जी ने धोनी और खुद से जु़ड़े सवालों का भी जवाब दिया। उन्होने बताया कि बेशक मैं फुटबाल का कोच रहा हूं। आज भी हूं। मेरा काम खेल प्रतिभाओं को पऱखना और उन्हें मंच देना है। विद्यार्थी जीवन के दौरान मैने धोनी के साथ यही किया..आज वह देश के सफल कप्तानों में से एक है।

                 बनर्जी ने बताया कि बेशक धोनी में राहुल द्रविड़ जैसी तकनिकी नहीं है। लेकिन उनमें अच्छा क्रिकेटर बनने के लिए अन्य महत्वपूर्ण बाते जरूर थी और आज बी है। इस प्रकार के प्रश्न कई बार किए गए हैं। बताना चाहूंगा कि धोनी में क्रिकेट के प्रति जूनूनियत यानि डेडीकेशन,डीटरमिनेशन डिवोशन था। जिसके दम पर वह आज दुनिया के महान क्रिकेटरों में गिना जाता है।

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