नहीं करेंगे कांग्रेस वापसी…छोटा जोगी ने गिनाया पांच कारण…कहा….मोदी बनाएंगे गांधी नेहरू परिवार को निशाना

Chhattisgarh,चुनावी शोर,दुष्कर्म पीड़िता,किन्नरों,आवाज,अमित जोगी ,CM ,चिट्ठी,जांच की मांग,amit jogi,wrote,letter,chief,election,officer,cg,chhattisgarhबिलासपुर…अमित जोगी ने कहा कि ऐसे पाँच कारण जिनकी वजह से हमारी कांग्रेस में वापसी नामुमकिन है। पिछले कुछ दिनों से जोगी-परिवार और हमसे जुड़े लोगों की कांग्रेस-वापसी की चर्चाओं को कुछ लोग बेवजह तूल दे रहे है। ऐसी चर्चाओं को मैं पाँच कारणों से सिरे से ख़ारिज करता हूँ। ऐसा करने से कांग्रेस को सिर्फ वक्त है पछताव का।
                              छोटे जोगी ने परिवार के सदस्यों का कांग्रेस में वापसी को नामुमकिन बताया है। अमित ने कहा कि इसके एक दो नहीं बल्कि पांच है। पहला कारण बहुत कम समय और बेहद कम संसाधनों के बावजूद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) छत्तीसगढ़ के इतिहास का पहला और एकमात्र मान्यता-प्राप्त क्षेत्रीय दल के रूप में स्थापित हो चुका है। किसी भी दृष्टि से छोटी उपलब्धि नहीं है। ऐसे में हमारे दल का किसी भी राष्ट्रीय पार्टी से विलय करना मूर्खता होगी। हमारा मानना है कि विधान सभा चुनाव का परिणाम एक अपवाद था। इतना तय है कि भविष्य में सरकार या तो हम ख़ुद अपने दम पर बनाएंगे या फिर हमारे समर्थन के बग़ैर कोई दूसरे दल की सरकार प्रदेश में नहीं बनेगी।
                   अमित जोगी ने दूसरा कारण गिनाते हुए कहा कि चीनी कूटनीतिज्ञ सुन-ज़ू की ‘द ऑर्ट ओफ़ वॉर’ में स्पष्ट रूप है कि सही मायने में योद्धा वह है जो जानता है कि कौन सी जंग उसे नहीं लड़नी चाहिए। हमने सोच-समझ के लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया। हम नहीं चाहते थे कि भाजपा-विरोधी वोट बँटे और हमपर फिर से भाजपा की बी-टीम होने का बेबुनियाद आरोप लगे। किसी को संदेह नहीं रहना चाहिए कि आने वाले स्थानीय नगरी निकाय और पंचायत चुनाव में छत्तीसगढ़ के एक-एक वार्ड में अपनी टीम तैयार करने का मौक़ा मिलेगा। इसी आधार पर हम अगला विधानसभा लड़ेंगे और जीतेंगे।
                      तीसरा कारण गिनाते हुए जोगी ने कहा कि कांग्रेस अपने दम पर केंद्र में सत्ता में आते हुए नहीं दिख रही है। अगर ग़लती से मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनते हैं तो उनका सीधा-सीधा प्रहार नेहरू-गांधी-वाड्रा परिवार पर होगा। बिना इस परिवार के संरक्षण के वर्तमान प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व आप्रासंगिक और अविश्वसनीय हो जाएगा। वैसे भी अड़सठ सीटों के बाद कांग्रेस का ग्राफ़ अब नीचे ही जाएगा।
      जोगी ने कहा कि कांग्रेस में वापासी नहीं होने का चौथा कारण क्षेत्रीयता है। पार्टी की जड़ें प्रदेश में और मज़बूत करनी है तो राष्ट्रीय दल के साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता है। जिन लोगों को जाना था, वे चले गए। उनमें से अधिकांश लोग फिर से सम्पर्क साधने के बहाने तलाश रहे हैं। उनकी कांग्रेस में स्थिति ’न घर की और न घाट की’ जैसी बन चुकी है। हमने भी तय कर लिया है कि ऐसे लोगों को दोबारा मौक़ा नहीं देना है। जो जहाँ है, वहीं रहे। उनके कांग्रेस में बने रहने से गुटबाज़ी और असंतोष, दोनों तेज़ी से पनपेगा और इसका सीधा फ़ायदा हमें मिलेगा।
                जोगी ने पाँचवा कारण गिनता हुए कहा कि हमें छत्तीसगढ़ के भविष्य को ध्यान में रखते हुए नेता तैयार करने का अवसर मिला है। ऐेसे नेता जिनका ‘छत्तीसगढ़ माहतारी’ से लगाव का कारण केवल सत्ता-सुख भोगना और प्रदेश के संसाधनों का अपने निजी स्वार्थ के लिए दोहन करना ना होष सैद्धांतिक, वैचारिक और आत्मिक हो। अगर हम अगले चार सालों में प्रदेश की हर विधान सभा में ऐसे 100 नौजवान भी तैयार कर लेते हैं तो भविष्य हमारा- मतलब छत्तीसगढ़ियों- का ही होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *