सरस्वती नदी न बन जाए अरपा…सोमनाथ यादव ने कहा…सरकार को उठाना होगा कदम…अन्यथा इतिहास में सिमट जाएगी बिलासपुर की धड़कन

बिलासपुर– वक्त के साथ निजाम भी बदल गया है। लेकिन अरपा की बदहाल स्थिति में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं है। आजकल अरपा की स्थिति बिलकुल बांझ जैसी हो गयी है। लोगों ने तो अब अरपा के सीने से ही रास्ता बना लिया है। बताते चलें की नई सरकार बनने से पहले कांग्रेस नेताओंने अरपा बचाने को लेकर कई बार शासन प्रशासन के खिलाफ अभियान चलाया। लेकिन आज तक अरपा की स्थिति में किसी प्रकार की सुधार देखने को नहीं मिली है।
                         बिलासपुर की जीवन दायिनि अरपा नदी की हालत बद से बदतर हो चली है। यद्यपि अरपा के संरक्षण को लेकर कई बार कई मोर्चों पर अभियान चलाया गया। नई सरकार बनने से पहले भी कांग्रेसियों ने अरपा बचाओं अभियान चलाया। लेकिन सभी प्रयास ढाक के तीन पात साबित हुए। बताया जा रहा है कि शासन अरपा को लेकर बेहद चिंतित है। लेकिन जानकारी के अनुसार जमीनी स्तर पर शासन प्रशासन केवल कागज के घोड़े ही दौ़ड़ा रहा है। सच्चाई तो यह है कि अरपा नदी अब दम तोड़ते नजर आ रही है। लोगों ने कहना भी शुरू कर दिया है कि सरस्वती नदी की तरह अरपा को विलुप्त नदी में गिना जाने लगा तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।
                             बिलासा कलामंच से जुड़े सोमनाथ यादव ने बताया कि पिछले एक दशक से अधिक समय से अरपा नदी को बचाने अनेक संगठनो ने अपने स्तर पर प्रयास किया। कभी सायकल रैली निकाली गयी। तो कभी पदयात्रा कर अरपा को बचाने शासन प्रशासन से गुहार लगाया गया। जिला के आलाधिकारियों के अलावा तात्कालीन सरकार ने अरपा बचाने को लेकर बीड़ा उठाया। लेकिन लोगों ने समय के साथ बीड़ा को पीक बनाकर थूक दिया। सोमनाथ ने कहा जब तक अरपा संरक्षण को लेकर कांक्रीट योजना नहींं बनायी जाएगी…तब तक अरपा का उद्धार नामुमकिन है। अब तो डर सताने लगा है कि जब तक अरपा के विकास को लेकर योजना बनायी जाएगी। इस बीच कहीं जमीन माफिया अरपा को अपनी बपौती ना समझ लें। जरूरी है कि शासन अरपा के संरक्षण को लेकर ना केवल सशक्त योजना बनाकर अभियान चलाए..बल्कि मजबूती के साथ जनहित में ठोस कार्रवाई भी करे। सब कुछ जल्दी करना होगा।
                 सोमनाथ ने बताया कि कई सालों से बिलासा कलामंच हर साल जनसमुदाय के साथ जन जागरूकता अभियान चला रहा है। हमने उम्मीद नहीं खोया है। आज नहीं तो कल अरपा के महत्व को लोग समझेंगे। खासकर वर्तमान सरकार ने अरपा संरक्षण को लेकर चुनाव से पहले गंभीरता से लिया था। उम्मीद है ठीक उसी गंभीरता के साथ अरपा को बचाने ठोस योजना करेगी।  अन्यथा लोग अपने आप को ठगा महसूस करेंगे। कहेंगे यहा भी वोट की राजनीति हुई है।


                                सोमनाथ ने बताया कि अरपा को बचाने सामाजिक कार्यकर्ताओ से लेकर व्यापारी और युवा संगठनों ने भागीदारी निभाई है। यादव ने बकहा कि विभिन्न संगठनों के सामुहिक प्रयास से 25 से 27 मई तक अरपा बचाओ अभियान चलाया जाएगा। अरपा तट के आस पास के ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगो को अरपा के महत्व के बारे में बताया जाएगा। अरपा के उदगम क्षेत्र से लेकर संगम तक अरपा को सदानीरा बनाए रखने की जानकारी दी जाएगी। अभियान के दौरान बरसात पानी पानी को कैसे संग्रहण किया जाए। जंगल का पानी से संबध और खेतों से अरपा की नातेदारी को लेकर जन जीवन को जागरूक किया जाएगा।
बाइट–सोमनाथ यादव सामाजिक कार्यकर्ता

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